आपूर्ति निगम में 70 साल के बुजुर्ग कर रहे काम, 25 लाख से ज्यादा युवा बेरोजगार

मध्य प्रदेश में 65 से 74 साल के रिटायर्ड कर्मचारी आउटसोर्स पर काम कर रहे हैं। इन कर्मचारियों का प्रदर्शन अच्छा होने पर उनके कार्यकाल को बढ़ाने की बात भी हो रही है। वहीं, राज्य में बेरोजगारी बढ़ने के कारण युवा नौकरी की तलाश में हैं।

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Aman Vaishnav
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65 plus retired employees working outsource
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News In Short

  • 65 से 74 साल के रिटायर्ड कर्मचारी आउटसोर्स सिस्टम में काम कर रहे हैं।

  • भोपाल में 14 और प्रदेश भर में 32 कर्मचारी 65 साल से ऊपर हैं।

  • सबसे बुजुर्ग कर्मचारी की उम्र 74 साल है जो आउटसोर्स पर काम कर रहे हैं।

  • मध्य प्रदेश में 26 लाख युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं, आंकड़े चिंता जनक हैं।

News In Detail

रिटायरमेंट के बाद भी कामकाजी बुजुर्ग

नागरिक आपूर्ति निगम में रिटायरमेंट के बाद भी कई कर्मचारी काम कर रहे हैं। इन कर्मचारियों की उम्र 65 से 74 साल के बीच है। ये आउटसोर्स सिस्टम के तहत काम कर रहे हैं। हाल ही में प्रबंधन ने सभी ऑफिसों को एक पत्र भेजा है। इसमें 65 साल से ज्यादा उम्र के कर्मचारियों की कामकाजी स्थिति की समीक्षा करने को कहा गया है। इन कर्मचारियों का प्रदर्शन अच्छा रहता है, तो उनका कार्यकाल बढ़ाने के लिए भी कहा गया है।

65 साल से ऊपर के आउटसोर्स कर्मचारी 

निगम के हिसाब से भोपाल में 14 और प्रदेश भर में ऐसे 32अधिकारी और कर्मचारी हैं। इनकी उम्र 65 साल से ऊपर है और वे आउटसोर्स पर काम कर रहे हैं। इनमें सबसे बुजुर्ग कर्मचारी की उम्र 74 साल है, जबकि 72 और 71 साल के लोग भी काम कर रहे हैं। यही हाल वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन में भी है। यहां भी 65 साल से ऊपर के 20 से 25 रिटायर्ड कर्मचारी आउटसोर्स पर सेवाएं दे रहे हैं। यह आउटसोर्स सिस्टम रिटायरमेंट के बाद भी काम करने का एक सुरक्षित तरीका बन चुका है।

नौकरी की तलाश में लाखों युवा

मध्य प्रदेश में 26 लाख युवा नौकरी की तलाश में हैं। राज्य सरकार के  रोजगार पोर्टल एमपी के आंकड़ों के मुताबिक, 30 जून 2025 तक 25.68 लाख युवाओं ने बेरोजगार के रूप में पंजीकरण कराया है। इनमें से 13.91 लाख पुरुष और 11.76 लाख महिलाएं हैं। सीएमआईई (CMIE) के आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश की बेरोजगारी दर 6.9% है, यानी हर 100 में से 7 युवा नौकरी की खोज में लगे हुए हैं।

सरकारी विभागों में खाली 3 लाख पद

सरकारी विभागों में 3 लाख स्थायी पद अभी भी खाली पड़े हैं। इसके बावजूद, रिटायर हो चुके कर्मचारियों को आउटसोर्स पर फिर से तैनात किया जा रहा है। यह तर्क दिया जा रहा है कि वे अनुभवी हैं। इस व्यवस्था के कारण युवाओं के लिए नौकरी के मौके कम हो रहे हैं।

सरकार और निगम के नियमों की अनदेखी

सरकार और निगम के नियमों को नजरअंदाज करते हुए, आपूर्ति निगम ने रिटायर्ड कर्मचारियों को आउटसोर्स के रूप में काम पर रखने का फैसला लिया है। इस फैसले के मुताबिक, 65 साल तक के कर्मचारियों को रखा जा सकता है, जैसा कि मार्च 2025 में आयोजित संचालक मंडल की बैठक में तय किया गया था। इसके अलावा, सामान्य प्रशासन विभाग की गाइडलाइन भी यही कहती है कि 65 साल से ऊपर के कर्मचारियों को काम पर नहीं रखा जा सकता।

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