रीवा में बड़ी धांधली...संयुक्त संचालक समेत 6 कर्मचारी सस्पेंड, जानिए क्या है वजह

रीवा जिले की डभौरा को नगर परिषद का दर्जा दिया गया था। इसके बाद साल 2018 में पंचायत विभाग के कर्मचारियों का नगरीय प्रशासन विभाग में संविलियन किया गया था।

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Marut raj
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A case of irregularities in the merger of employees has come to light in Dabhaura Municipal Council of Rewa district द सूत्र
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भोपाल. रीवा जिले ( Rewa district ) की डभौरा नगर परिषद में कर्मचारियों के संविलियन में धांधली उजागर हुई है। जांच में गड़बड़ी सामने आने पर नगरीय प्रशासन विभाग ने संयुक्त संचालक सहित 6 अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, पंचायत विभाग के 6 कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश जिला पंचायत सीईओ को दिए गए हैं। साल 2018 में शासन द्वारा रीवा जिले की पंचायतों को मिलाकर डभौरा नगर परिषद का गठन किया गया था। इसी दौरान यहां संविलियन के नाम पर जमकर गड़बड़ी की गई थी। शिकायत पर कराई गई जांच के दौरान यह मामला सामने आया था। 

संविलियन के नाम पर ऐसे की गई धांधली

6 साल पहले प्रदेश सरकार द्वारा रीवा जिले में ग्राम पंचायत डभौरा (  Dabhaura Municipal Council ) को नगर परिषद का दर्जा देने की घोषणा की गई थी। अकोरिया, मगडौर, गेदुरहा, कोटा, पनवार और लटियार ग्राम पंचायतों को मिलाकर डभौरा को नगर परिषद बनाया गया। नगर परिषद का दर्जा मिलने के बाद पंचायत विभाग के कर्मचारियों का नगरीय प्रशासन विभाग में संविलियन किया गया। इसके लिए पंचायतों के पात्र 50 कर्मचारियों की सूची तैयार की गई। इसका परीक्षण कर तत्कालीन प्रशासक ने छानबीन समिति की अनुशंसा के साथ इसे संयुक्त संचालक रामेश्वर प्रसाद सोनी को सौंप दिया। 

सूची में पहले नंबर पर सोनी के पुत्र आशीष सोनी का नाम था। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में संयुक्त संचालक जैसे अहम पद पर होने के बाद भी सोनी ने संविलियन को स्वीकृति दे दी। साल 2021 में छानबीन समिति की बैठक के दौरान सूची में दर्ज कर्मचारियों को 7वें वेतनमान पर संविलियन की अनुशंसा की गई। इस सूची में 32वें नंबर पर भी आशीष सोनी का नाम दर्ज था। समिति की बैठक के बाद तत्कालीन प्रभारी सीएमओ केएन सिंह के जरिए विभाग से संविलियन की मांग की गई। इसके लिए संयुक्त संचालक के निर्देशन में चयन समिति बनी, जिसमें नईगढ़ी नगर परिषद के तत्कालीन सीएमओ संजय सिंह भी शामिल थे। इसके बाद अधिकारियों की मिलीभगत से कर्मचारियों का संविलियन कर लिया गया। 

गड़बड़ी से हुआ 2 करोड़ का नुकसान

पंचायत विभाग के कर्मचारियों के संविलियन में गड़बड़ी की शिकायत पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जांच कराई गई। इसमें संयुक्त संचालक सोनी द्वारा नियम विरुद्ध अपने पुत्र आशीष सहित अन्य कर्मचारियों का संविलियन करने का मामला उजागर हो गया। विभाग की जांच समिति ने अनियमितता के लिए तत्कालीन संयुक्त संचालक रामेश्वर प्रसाद सोनी, तत्कालीन डभौरा सीएमओ केएन सिंह, तत्कालीन नईगढ़ी सीएमओ संजय सिंह व अन्य  की भूमिका और लिप्तता पाई। इस नियम विरुद्ध संविलियन से विभाग को 2 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि का भी नुकसान पहुंचा है। समिति ने इसके लिए सीधे तौर पर संयुक्त संचालक सोनी को जिम्मेदार माना है। 

जेडी-सीएमओ भी सस्पेंड, 6 पर कार्रवाई के निर्देश 

इस जांच के आधार पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त भरत यादव ने अनियमितता के लिए जिम्मेदार संयुक्त संचालक रामेश्वर प्रसाद सोनी, चाकघाट नगर परिषद सीएमओ संजय सिंह, नगर परिषद गुढ़ सीएमओ केएन सिंह, मुनेंद्र पांडे सहायक ग्रेड-1 डभौरा, सतीश कुमार द्विवेदी सहायक राजस्व निरीक्षक डभौरा, स्वच्छता उपनिरीक्षक अंकुश सिंह बघेल को निलंबित कर दिया है। वहीं  पंचायत विभाग में मूल रूप से सचिव पद पर होने के चलते एमएल साकेत लेखापाल, सुशीला दीक्षित, रामराज सेन, कामता कोल, दिनेश पांडेय और परशुराम तिवारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के निर्देश रीवा जिला पंचायत सीईओ को दिए हैं।

संयुक्त संचालक समेत 6 कर्मचारी सस्पेंड   

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