LNCT ग्रुप के चौकसे परिवार को एक और झटका, सुप्रीम कोर्ट ने आस्था सोसायटी के फंड उपयोग पर लगाई शर्त
Sanjay Gupta | Jun 02, 2026, 15:15 IST
aastha-education-society-sc-order-lnct-indore-fund-scam-eow-case
भोपाल के एलएनसीटी ग्रुप के चौकसे परिवार को एक और झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने आस्था एजुकेशन सोसायटी को लेकर चल रहे केस में अहम आदेश जारी किया है। इसके तहत अब सोसायटी के फंड का उपयोग बिना असिस्टेंट रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी की मंजूरी के नहीं हो सकेगा।
आस्था एजुकेशन सोसायटी के तहत करोड़ों रुपए के फंड के घोटाले का आरोप लगा है। इसमें ईओडब्ल्यू (EOW) इंदौर में केस भी दर्ज है। एजेंसी ने इसमें छापा मारकर जांच भी शुरू की है।
वहीं इस सोसायटी की संपत्तियों और फंड का दुरुपयोग रोकने के लिए अनिल संघवी ने याचिका दायर की थी। इसमें ताजा आदेश में फंड के उपयोग पर शर्त लगा दी है। इसका प्रभाव एलएनसीटी (LNCT) और उनकी विविध शैक्षणिक संस्थानों पर होगा।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एम. एम. सुंदरेश और जस्टिस ए. के. सिंह की बेंच ने यह फैसला सुनाया है। इसमें कहा गया कि यह मुद्दा मुख्य रूप से संस्थानों के संचालन और अन्य वित्तीय व्ययों से संबंधित है।
जैसे कि संस्थानों के शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के वेतन भुगतान आदि के लिए निधि का उपयोग।
किसी भी राशि को खर्च करने से पहले, संबंधित सहायक रजिस्ट्रार, फर्म और सोसायटीज, इंदौर, मध्य प्रदेश से उचित अनुमति लेनी होगी।
आस्था एजुकेशन सोसायटी की वैध सदस्यता, नियंत्रण और प्रबंधन को लेकर विवाद जारी है। इसमें सोसायटी के प्रशासन, सदस्यता और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सुनवाई चल रही है।
उल्लेखनीय है कि आस्था एजुकेशन सोसायटी एवं उससे संबद्ध संस्थाओं के अंतर्गत एल.एन.सी.टी. विद्यापीठ विश्वविद्यालय, इंदौर, सेवाकुंज हॉस्पिटल तथा एक मेडिकल कॉलेज सहित अनेक शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संस्थान संचालित होते हैं।
इसमें याचिकाकर्ता पक्ष का एक आरोप है कि इन संस्थाओं के प्रबंधन एवं वित्तीय मामलों में एलएनसीटी समूह, भोपाल से जुड़े जय नारायण चौकसे, उनके परिवार के सदस्य अनुपम चौकसे, धर्मेंद्र गुप्ता तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों द्वारा गंभीर वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताएं की गई हैं। याचिकाकर्ताओं ने फंड का दुरुपयोग रोकने की मांग रखी थी।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अनिल संघवी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पी. एस. पटवालिया तथा अधिवक्ता अभिनव मल्होत्रा ने कई महत्वपूर्ण तथ्य प्रस्तुत किए।
याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से कहा गया कि जय नारायण चौकसे, अनुपम चौकसे, धर्मेंद्र गुप्ता तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सोसायटी में कथित रूप से अवैध सदस्य शामिल किए पर एफआईआर दर्ज है। साथ ही रजिस्ट्रार कार्यालय की कथित जाली सील के उपयोग से संबंधित दो एफआईआर पहले से दर्ज हैं।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व में गठित एड-हॉक समिति की रिपोर्ट का भी उल्लेख सुनवाई में किया गया है। समिति की अध्यक्षता जस्टिस शांतनु शरद चंद्र केमकर ने की थी।
इसकी फोरेंसिक ऑडिट में सोसायटी के धन के कथित दुरुपयोग, फंड्स के कथित हस्तांतरण तथा लगभग 200 करोड़ रुपए की कथित वित्तीय अनियमितताओं का उल्लेख है।
इसके आधार पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ द्वारा जय नारायण चौकसे, अनुपम चौकसे, धर्मेंद्र गुप्ता एवं चौकसे समूह से जुड़े अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध एक आपराधिक प्रकरण भी दर्ज किया जा चुका है।
उल्लेखनीय है कि आस्था एजुकेशन सोसायटी एवं उससे संबद्ध संस्थाओं के अंतर्गत एल.एन.सी.टी. विद्यापीठ विश्वविद्यालय, इंदौर, सेवाकुंज हॉस्पिटल तथा एक मेडिकल कॉलेज सहित अनेक शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संस्थान संचालित होते हैं।
याचिकाकर्ता पक्ष का आरोप है कि इन संस्थाओं के प्रबंधन एवं वित्तीय मामलों में एल.एन.सी.टी. समूह, भोपाल से जुड़े कई संबंधित व्यक्तियों द्वारा गंभीर वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताएं की गई हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले सोसायटी की परिसंपत्तियों के संरक्षण के लिए 9 फरवरी 2026 को पारित एक अंतरिम आदेश में यह भी निर्देश दिया था कि, सोसायटी की किसी भी अचल संपत्ति का हस्तांतरण अथवा विक्रय किसी के द्वारा नहीं किया जाएगा।
आस्था फाउंडेशन में 200 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ था। इसमें संस्था के पूर्व प्रेसिडेंट अनिल संघवी की रिपोर्ट और सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनी एड-हॉक कमेटी की फाइनेंशियल ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर गंभीर धाराओं में ईओडब्ल्यू ने केस दर्ज किया था।
इसी रिपोर्ट के आधार पर अक्टूबर 2025 में ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। एलएनसीटी के जय नारायण चौकसे, अनुपम चौकसे, धर्मेंद्र गुप्ता पर केस दर्ज है।
साथ ही श्वेता चौकसे, पूनम चौकसे, पूजा चौकसे, आशीष जायसवाल समेत अन्य के खिलाफ भी कई धाराओं में केस दर्ज है। सभी आरोपियों को ईडी ने भी अपनी ईसीआईआर (ECIR) के तहत मामले को जांच में लिया है।
इस मामले में चौकसे परिवार ने जिस तरह से घोटाला किया है वह चौंकाने वाला है। आस्था फाउंडेशन और इसके खातों को निजी मल्कियत समझकर जमकर लूटा गया।
द सूत्र के पास एक्सक्लूसिव तौर पर इस मामले की सौ से ज्यादा पन्नों की फाइनेंशियल रिपोर्ट मौजूद है। इसका खुलासा द सूत्र द्वारा ही किया गया था।
फोरेंसिक ऑडिट कमेटी ने 1 अप्रैल 2021 से फरवरी 2025 तक श्री आस्था फाउंडेशन फॉर एजुकेशन सोसायटी के खातों की पूरी जांच की। यह कनाडिया रोड इंदौर में एक रजिस्टर्ड सोसायटी है।
इस सोसायटी के तहत एलएनसीटी मेडिकल कॉलेज, सेफ इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग कॉलेज, एलएनसीटी स्कूल ऑफ फार्मेसी, एल. एन. पैरामेडिकल कॉलेज का संचालन होता है।
साथ ही एलएनसीटी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी, सेफ स्कूल ऑफ नर्सिंग, सेवाकुंज हॉस्पिटल और स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर भी संचालित होते हैं।
रिपोर्ट में है कि बस और हॉस्टल के लिए लगभग आठ करोड़ 22 लाख रुपए की राशि मिली थी। इस राशि को सोसायटी ने चौकसे परिवार की कंपनी कल्चुरी कॉन्टैक्टर्स लिमिटेड को दे दी।
इसके लिए एक कागज पर समझौता दिखाया गया कि बस और हॉस्टल का मेंटेनेंस कल्चुरी द्वारा किया जाएगा। जबकि हॉस्टल की बिल्डिंग खुद सोसायटी की थी।
इसके बाद भी कल्चुरी से करार दिखाकर पूरी फीस का डायवर्जन कल्चुरी को कर दिया गया। इसमें जो बस का मैनेजमेंट बताया गया वह भी सेफ इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग कॉलेज की ही है।
रिपोर्ट में है कि सोसायटी के नाम पर बैंकों से करोड़ों का लोन उठाया गया। एक बार तो 21 दिन के भीतर 21 करोड़ 90 लाख रुपए का लोन लिया गया।
यह लोन राशि चौकसे परिवार के एच. के. कल्चुरी ट्रस्ट' को टर्म लोन के रूप में शिफ्ट कर दी गई। इसमें चौकसे परिवार के लोग ही सदस्य हैं।
एसबीआई से नवंबर 2023 में 20 करोड़ का लोन लिया था। इसमें से 12 करोड़ ट्रस्ट को 1 दिसंबर 2023 को शिफ्ट हुए। आईसीआईसीआई कॉर्पोरेट से 23 अगस्त 2021 को 21 करोड़ का लोन लिया था।
इसमें से पांच करोड़ रुपए ट्रस्ट को, एचडीएफसी से 5-5 करोड़ के दो बार लोन लिए। इसमें से एक बार पूरे पांच और एक बार दो करोड़ ट्रस्ट को शिफ्ट हो गए।
रिपोर्ट में है कि सोसायटी के खातों को करंट खाते जैसा इस्तेमाल किया गया। सोसायटी के खातों के हिसाब से कल्चुरी ट्रस्ट पर उनका 19 करोड़ 72 लाख रुपए का बैलेंस बकाया था लेकिन ट्रस्ट के हिसाब से यह शून्य है।
इस पूरे मामले में पांच करोड़ 52 लाख रुपए का हिसाब ही नहीं मिला। रिपोर्ट में यह भी है कि सोसायटी के खातों में आए 20 करोड़ 17 लाख रुपए रुपए में से 19 करोड़ 66 लाख एलएनसीटी यूनिवर्सिटी के खातों में गए। कॉर्पस फंड से बदलानी ने भी लिए 31 करोड़ 73 लाख रुपए।
ये खबरें भी पढ़िए...
LNCT ग्रुप के चौकसे परिवार को एक और झटका, SC ने आस्था सोसायटी के फंड उपयोग पर लगाई शर्त
LNCT ग्रुप को झटका, SC ने आस्था फाउंडेशन सोसायटी की संपत्ति खरीदी-बिक्री पर लगाई रोक
LNCT के चौकसे परिवार पर ED में मनी लॉन्ड्रिंग केस, आस्था फाउंडेशन में 200 करोड़ घोटाले में घिरे
भोपाल में सैफ अली खान की संपत्ति पर संकट, पाकिस्तान कनेक्शन खोल रहा पुराना इतिहास
वहीं इस सोसायटी की संपत्तियों और फंड का दुरुपयोग रोकने के लिए अनिल संघवी ने याचिका दायर की थी। इसमें ताजा आदेश में फंड के उपयोग पर शर्त लगा दी है। इसका प्रभाव एलएनसीटी (LNCT) और उनकी विविध शैक्षणिक संस्थानों पर होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने यह दिया आदेश
जैसे कि संस्थानों के शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के वेतन भुगतान आदि के लिए निधि का उपयोग।
किसी भी राशि को खर्च करने से पहले, संबंधित सहायक रजिस्ट्रार, फर्म और सोसायटीज, इंदौर, मध्य प्रदेश से उचित अनुमति लेनी होगी।
आस्था एजुकेशन सोसायटी की वैध सदस्यता, नियंत्रण और प्रबंधन को लेकर विवाद जारी है। इसमें सोसायटी के प्रशासन, सदस्यता और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सुनवाई चल रही है।
यह संस्थाएं होती हैं आस्था एजुकेशन में संचालित
इसमें याचिकाकर्ता पक्ष का एक आरोप है कि इन संस्थाओं के प्रबंधन एवं वित्तीय मामलों में एलएनसीटी समूह, भोपाल से जुड़े जय नारायण चौकसे, उनके परिवार के सदस्य अनुपम चौकसे, धर्मेंद्र गुप्ता तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों द्वारा गंभीर वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताएं की गई हैं। याचिकाकर्ताओं ने फंड का दुरुपयोग रोकने की मांग रखी थी।
चौकसे परिवार को लेकर रखी यह बात
याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से कहा गया कि जय नारायण चौकसे, अनुपम चौकसे, धर्मेंद्र गुप्ता तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सोसायटी में कथित रूप से अवैध सदस्य शामिल किए पर एफआईआर दर्ज है। साथ ही रजिस्ट्रार कार्यालय की कथित जाली सील के उपयोग से संबंधित दो एफआईआर पहले से दर्ज हैं।
जांच में भी 200 करोड़ के फंड की अनियमितता की बात
इसकी फोरेंसिक ऑडिट में सोसायटी के धन के कथित दुरुपयोग, फंड्स के कथित हस्तांतरण तथा लगभग 200 करोड़ रुपए की कथित वित्तीय अनियमितताओं का उल्लेख है।
इसके आधार पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ द्वारा जय नारायण चौकसे, अनुपम चौकसे, धर्मेंद्र गुप्ता एवं चौकसे समूह से जुड़े अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध एक आपराधिक प्रकरण भी दर्ज किया जा चुका है।
यह संस्थाएं होती हैं आस्था एजुकेशन में संचालित
याचिकाकर्ता पक्ष का आरोप है कि इन संस्थाओं के प्रबंधन एवं वित्तीय मामलों में एल.एन.सी.टी. समूह, भोपाल से जुड़े कई संबंधित व्यक्तियों द्वारा गंभीर वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताएं की गई हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले सोसायटी की परिसंपत्तियों के संरक्षण के लिए 9 फरवरी 2026 को पारित एक अंतरिम आदेश में यह भी निर्देश दिया था कि, सोसायटी की किसी भी अचल संपत्ति का हस्तांतरण अथवा विक्रय किसी के द्वारा नहीं किया जाएगा।
ईडी ने PMLA में किया है केस दर्ज
इसी रिपोर्ट के आधार पर अक्टूबर 2025 में ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। एलएनसीटी के जय नारायण चौकसे, अनुपम चौकसे, धर्मेंद्र गुप्ता पर केस दर्ज है।
साथ ही श्वेता चौकसे, पूनम चौकसे, पूजा चौकसे, आशीष जायसवाल समेत अन्य के खिलाफ भी कई धाराओं में केस दर्ज है। सभी आरोपियों को ईडी ने भी अपनी ईसीआईआर (ECIR) के तहत मामले को जांच में लिया है।
द सूत्र के पास पूरे सौ पन्नों की रिपोर्ट
द सूत्र के पास एक्सक्लूसिव तौर पर इस मामले की सौ से ज्यादा पन्नों की फाइनेंशियल रिपोर्ट मौजूद है। इसका खुलासा द सूत्र द्वारा ही किया गया था।
ऑडिट कमेटी ने इन खातों को देखा
इस सोसायटी के तहत एलएनसीटी मेडिकल कॉलेज, सेफ इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग कॉलेज, एलएनसीटी स्कूल ऑफ फार्मेसी, एल. एन. पैरामेडिकल कॉलेज का संचालन होता है।
साथ ही एलएनसीटी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी, सेफ स्कूल ऑफ नर्सिंग, सेवाकुंज हॉस्पिटल और स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर भी संचालित होते हैं।
बस और हॉस्टल की फीस अपने निजी ट्रस्ट में डाल दी
इसके लिए एक कागज पर समझौता दिखाया गया कि बस और हॉस्टल का मेंटेनेंस कल्चुरी द्वारा किया जाएगा। जबकि हॉस्टल की बिल्डिंग खुद सोसायटी की थी।
इसके बाद भी कल्चुरी से करार दिखाकर पूरी फीस का डायवर्जन कल्चुरी को कर दिया गया। इसमें जो बस का मैनेजमेंट बताया गया वह भी सेफ इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग कॉलेज की ही है।
लोन लिया सोसायटी ने, दे दिया चौकसे परिवार को
यह लोन राशि चौकसे परिवार के एच. के. कल्चुरी ट्रस्ट' को टर्म लोन के रूप में शिफ्ट कर दी गई। इसमें चौकसे परिवार के लोग ही सदस्य हैं।
एसबीआई से नवंबर 2023 में 20 करोड़ का लोन लिया था। इसमें से 12 करोड़ ट्रस्ट को 1 दिसंबर 2023 को शिफ्ट हुए। आईसीआईसीआई कॉर्पोरेट से 23 अगस्त 2021 को 21 करोड़ का लोन लिया था।
इसमें से पांच करोड़ रुपए ट्रस्ट को, एचडीएफसी से 5-5 करोड़ के दो बार लोन लिए। इसमें से एक बार पूरे पांच और एक बार दो करोड़ ट्रस्ट को शिफ्ट हो गए।
सोसायटी के खातों की राशि का ट्रस्ट में लगातार आना-जाना
इस पूरे मामले में पांच करोड़ 52 लाख रुपए का हिसाब ही नहीं मिला। रिपोर्ट में यह भी है कि सोसायटी के खातों में आए 20 करोड़ 17 लाख रुपए रुपए में से 19 करोड़ 66 लाख एलएनसीटी यूनिवर्सिटी के खातों में गए। कॉर्पस फंड से बदलानी ने भी लिए 31 करोड़ 73 लाख रुपए।
ये खबरें भी पढ़िए...
LNCT ग्रुप के चौकसे परिवार को एक और झटका, SC ने आस्था सोसायटी के फंड उपयोग पर लगाई शर्त
LNCT ग्रुप को झटका, SC ने आस्था फाउंडेशन सोसायटी की संपत्ति खरीदी-बिक्री पर लगाई रोक
LNCT के चौकसे परिवार पर ED में मनी लॉन्ड्रिंग केस, आस्था फाउंडेशन में 200 करोड़ घोटाले में घिरे
भोपाल में सैफ अली खान की संपत्ति पर संकट, पाकिस्तान कनेक्शन खोल रहा पुराना इतिहास
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman