ग्वालियर हाईकोर्ट ने बलात्कार पीड़िता को दी गर्भपात की अनुमति
News in Short
- ग्वालियर हाईकोर्ट ने रेप पीड़िता को 10 हफ्ते के गर्भ का गर्भपात करने की अनुमति दी।
- कोर्ट ने यह निर्णय मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर लिया है।
- पीड़िता ने अदालत से अपील की थी कि दुष्कर्म का शिकार होने के कारण गर्भवती हो गई थी।
- मेडिकल बोर्ड ने पुष्टि की कि गर्भपात विशेषज्ञों की निगरानी में सुरक्षित रूप से किया जा सकता है।
News in Detail
ग्वालियर हाईकोर्ट ने बलात्कार पीड़िता को राहत दी है। कोर्ट ने उसके 10 हफ्ते के गर्भ का मेडिकल टर्मिनेशन (गर्भपात) करने की अनुमति दी है। यह प्रक्रिया 17 अप्रैल 2026 को सुबह 10 बजे जीआर मेडिकल कॉलेज में की जाएगी। कोर्ट ने यह निर्णय मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर लिया, जिसमें पीड़िता की शारीरिक और मानसिक स्थिति को ध्यान में रखा गया।
दुष्कर्म का मामला
पीड़िता ने याचिका में अदालत से अपील की थी कि 11 जनवरी को उसे दुष्कर्म का शिकार बनाया गया, जिससे वह गर्भवती हो गई। पीड़िता की उम्र 18 साल 5 महीने है और उसका परिवार बच्चे का पालन-पोषण करने में सक्षम नहीं है। इसके अलावा पीड़िता को गर्भ के कारण शारीरिक पीड़ा, मानसिक आघात और सामाजिक दबाव का सामना करना पड़ रहा था।
मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने कमलाराजा अस्पताल और जीआर मेडिकल कॉलेज से रिपोर्ट मांगी। मेडिकल जांच के बाद बोर्ड ने बताया कि पीड़िता का गर्भ 10 सप्ताह 3 दिन का है। सभी आवश्यक मेडिकल पैरामीटर सामान्य हैं।
मेडिकल बोर्ड ने बताया कि विशेषज्ञों की निगरानी में गर्भपात सुरक्षित रूप से किया जा सकता है। कोर्ट ने इस रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए पीड़िता को गर्भपात की अनुमति दी, ताकि उसे शारीरिक और मानसिक कष्ट से राहत मिल सके।
प्रशासन की भूमिका
हाईकोर्ट के फैसले ने यह स्पष्ट किया कि पीड़िता को उसकी इच्छाओं और अधिकारों का सम्मान मिलना चाहिए। प्रशासन ने पीड़िता को सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई हैं और प्रक्रिया को सुरक्षित तरीके से करने का आश्वासन दिया है।
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