वन सेवा अधिकारियों के लिए उम्र सीमा 12 साल घटी, वह भी जनवरी 2021 बैकडेट में, चार राज्य वन सेवा के उम्मीदवार उलझे
Jitendra Shrivastava | Dec 02, 2023, 24:00 IST
वन सेवा अधिकारियों के लिए उम्र सीमा 12 साल घटी, वह भी जनवरी 2021 बैकडेट में, चार राज्य वन सेवा के उम्मीदवार उलझे
मप्र में युवाओं के साथ एक अब बड़ा खेल हो गया है। यह खेल राज्य वन सेवा परीक्षा देने वाले युवाओं के साथ किया गया है।
संजय गुप्ता, INDORE. मप्र में युवाओं के साथ एक अब बड़ा खेल हो गया है। यह खेल राज्य वन सेवा परीक्षा देने वाले युवाओं के साथ किया गया है। मप्र शासन ने एक दिसंबर को एक नोटिफिकेशन जारी कर वन विभाग में मप्र राज्य वन सेवा, सहायक वन संरक्षक (कनिष्ठ वेतनमान) पद के लिए उम्र सीमा 21 से 28 साल कर दी है। अभी तक यह उम्र सीमा अधिकतम 40 साल थी। आश्चर्यजनक रूप से यह आदेश भी नोटिफिकेशन दिनांक एक दिसंबर 2023 से लागू नहीं करते हुए भूतलक्षी प्रभाव से एक जनवरी 2021 से यानि करीब 35 महीने पहले से लागू किया गया। यह भी नोटिफिकेशन में स्पष्ट रूप से उल्लेखित है।
पीएससी तो तीन परीक्षाएं 40 साल की उम्र सीमा के नियम पर ले चुका
इस नोटिफिकेशन से उन सभी उम्मीदवारों के बीच अजीब हालत पैदा हो गए हैं, जो राज्य सेवा परीक्षा 2020, 2021, 2022 दे चुके हैं और 2023 के फार्म भर चुके हैं। इन चारों परीक्षाओं के आयोग के नोटिफिकेशन में जो उम्र सीमा दी गई है इसके अनुसार सहायक वन संरक्षक के लिए 21 से 40 साल की उम्र सीमा है और वन क्षेत्रपाल पद के लिए 21 से 33 साल की उम्र सीमा है। जो अब इस नोटिफिकेशन के बाद अधिकतम 28 साल कर दी है वह भी एक जनवरी 2021 की बैकडेट तारीख से।
राज्य वन सेवा की इन परीक्षाओं में क्या बन रही अजीब स्थिति
मप्र शासन राज्य वन विभाग ने राज्य वन सेवा भर्ती नियम 1977 में संशोधन किया है और अचानक से 46 साल पुराने सहायक वन संरक्षक कनिष्ठ पद उम्र संबंधी कानून को बदला गया है। इसी तरह मप्र तृतीय श्रेणी अलिपिकिय वन सेवा भर्ती नियम 1967 में भदलाव कर वन क्षेत्रपाल पद के लिए भी आयु 21 से 28 साल कर दी गई है।
जिन्हें बाहर करेंगे वह जाएंगे हाईकोर्ट
इस ताजा हालात के बाद आयोग क्या करेगा? इस पर सभी की नजरें है, वह शासन के नोटिफिकेशन को बैकडेट में कैसे मान सकता है, जबकि उसी के परीक्षा नियम अलग है? यदि शासन के नोटिफिकेशन को मानकर चयनित या परीक्षा दे रहे उम्मीदवारों को बाहर किया जाता है तो निश्चित ही वह हाईकोर्ट जाएंगे। उधर अन्य युवा उम्मीदवार भी इस नए नोटिफिकेशन के आधार पर रिजल्ट को चेंज कराने के लिए हाईकोर्ट जा सकते हैं, ताकि अधिक उम्र वाले बाहर हो तो उनके लिए जगह बनें। यानि कुल मिलाकर अब राज्य वन सेवा परीक्षा के भी कानूनी झमेले में उलझने और भर्ती अटकने की आशंका हो चुकी है। उधर मप्र लोक सेवा आयोग फिलहाल अभी इस ताजा नोटिफिकेशन को देख रहा है, इसके बाद ही वह कुछ बताने की स्थिति में होगा।
पांच साल से एक भी नियुक्ति नहीं हुई है
मप्र में सरकारी नौकरी की हालत खराब है। मप्र लोक सेवा आयोग की साल 2018 से अभी तक पांच साल में केवल राज्य सेवा परीक्षा 2020 में अंतिम रिजल्य आया है, इसमें भी सामान्य प्रशासन विभाग ने इन्हें नियुक्ति नहीं दी है, जबकि नियम रिजल्ट के तीन माह का है। वहीं साल 2019, 2021, 2022, 2023 इन सभी की अभी प्रोसेस ही चल रही है। यानि मप्र शासन को साल 2018 की बैच के बाद कोई नया युवा अधिकारी ही नहीं मिला है। वहीं हाल व्यापमं के हैं। मप्र शासन भोपाल में महीनों से रिजल्ट रूके हुए हैं और एक भी पद पर अंतिम नियुक्ति नहीं हुई और अब राज्य वन सेवा भी उलझन में आती दिख रही है।
पीएससी तो तीन परीक्षाएं 40 साल की उम्र सीमा के नियम पर ले चुका
इस नोटिफिकेशन से उन सभी उम्मीदवारों के बीच अजीब हालत पैदा हो गए हैं, जो राज्य सेवा परीक्षा 2020, 2021, 2022 दे चुके हैं और 2023 के फार्म भर चुके हैं। इन चारों परीक्षाओं के आयोग के नोटिफिकेशन में जो उम्र सीमा दी गई है इसके अनुसार सहायक वन संरक्षक के लिए 21 से 40 साल की उम्र सीमा है और वन क्षेत्रपाल पद के लिए 21 से 33 साल की उम्र सीमा है। जो अब इस नोटिफिकेशन के बाद अधिकतम 28 साल कर दी है वह भी एक जनवरी 2021 की बैकडेट तारीख से।
राज्य वन सेवा की इन परीक्षाओं में क्या बन रही अजीब स्थिति
- राज्य सेवा परीक्षा 2020: यह 105 पदों के लिए हुई, इसमें इंटरव्यू तक हो चुके और जुलाई 2023 में फाइनल रिजल्ट आ चुका। अब यदि 2021 से उम्र सीमा लागू हो रही तो क्या सफल हुए 28 साल से अधिक उम्र वालों को नियुक्ति नहीं मिलेगी? यदि उन्हें हटाया गया तो फिर क्या नया रिजल्ट जारी कर उनकी जगह अन्य कम उम्र वालों को लेगें?
- राज्य सेवा परीक्षा 2021: यह 63 पदों क लिए हुई और इसकी मुख्य परीक्षा का रिजल्ट नवंबर 2023 में ही जारी हुआ और अब मार्च 2024 में इंटरव्यू होना है। तो क्या आयोग इसका नया प्री, मेंस का रिजल्ट निकालकर फिर इंटरव्यू के लिए बुलाएगा?
- राज्य सेवा परीक्षा 2022: यह 15 पदों के लिए हुई, प्री का रिजल्ट आ चुका है और अब अभी 10 दिसंबर को इसकी मेंस हो रही है। तो क्या इसे रोका जाएगा और फिर कम उम्र वालों के रिजल्ट निकलेंगे?
- राज्य सेवा परीक्षा 2023: इसमें 139 पदों के लिए भर्ती निकली है। हालांकि, इसमें 130 पद बैकलॉग के हैं, लेकिन साथ ही ईडब्ल्यूएस के भी है। इसके लिए अभी फार्म भरवाए गए हैं, तो आयोग इसके लिए फिर से फार्म भरवाएगा और नई उम्र सीमा से विज्ञप्ति निकालेगा?
मप्र शासन राज्य वन विभाग ने राज्य वन सेवा भर्ती नियम 1977 में संशोधन किया है और अचानक से 46 साल पुराने सहायक वन संरक्षक कनिष्ठ पद उम्र संबंधी कानून को बदला गया है। इसी तरह मप्र तृतीय श्रेणी अलिपिकिय वन सेवा भर्ती नियम 1967 में भदलाव कर वन क्षेत्रपाल पद के लिए भी आयु 21 से 28 साल कर दी गई है।
जिन्हें बाहर करेंगे वह जाएंगे हाईकोर्ट
इस ताजा हालात के बाद आयोग क्या करेगा? इस पर सभी की नजरें है, वह शासन के नोटिफिकेशन को बैकडेट में कैसे मान सकता है, जबकि उसी के परीक्षा नियम अलग है? यदि शासन के नोटिफिकेशन को मानकर चयनित या परीक्षा दे रहे उम्मीदवारों को बाहर किया जाता है तो निश्चित ही वह हाईकोर्ट जाएंगे। उधर अन्य युवा उम्मीदवार भी इस नए नोटिफिकेशन के आधार पर रिजल्ट को चेंज कराने के लिए हाईकोर्ट जा सकते हैं, ताकि अधिक उम्र वाले बाहर हो तो उनके लिए जगह बनें। यानि कुल मिलाकर अब राज्य वन सेवा परीक्षा के भी कानूनी झमेले में उलझने और भर्ती अटकने की आशंका हो चुकी है। उधर मप्र लोक सेवा आयोग फिलहाल अभी इस ताजा नोटिफिकेशन को देख रहा है, इसके बाद ही वह कुछ बताने की स्थिति में होगा।
पांच साल से एक भी नियुक्ति नहीं हुई है
मप्र में सरकारी नौकरी की हालत खराब है। मप्र लोक सेवा आयोग की साल 2018 से अभी तक पांच साल में केवल राज्य सेवा परीक्षा 2020 में अंतिम रिजल्य आया है, इसमें भी सामान्य प्रशासन विभाग ने इन्हें नियुक्ति नहीं दी है, जबकि नियम रिजल्ट के तीन माह का है। वहीं साल 2019, 2021, 2022, 2023 इन सभी की अभी प्रोसेस ही चल रही है। यानि मप्र शासन को साल 2018 की बैच के बाद कोई नया युवा अधिकारी ही नहीं मिला है। वहीं हाल व्यापमं के हैं। मप्र शासन भोपाल में महीनों से रिजल्ट रूके हुए हैं और एक भी पद पर अंतिम नियुक्ति नहीं हुई और अब राज्य वन सेवा भी उलझन में आती दिख रही है।
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