अक्षय बम ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को बताया सबसे कमजोर व्यापारी
Pratibha ranaa | May 03, 2024, 11:00 IST
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व्यापारियों की बैठक में बम ने कहा कि- अब मैं मंच पर व्यापारियों के बीच में बैठे सबसे कमजोर व्यापारी से मिलवाना चाहता हूं। व्यापारी जो होता है, गुणा भाग करता है, जोड़ घटाव करता है कैसे बढ़ेगा। सबसे कमजोर व्यापारी है कैलाश विजयवर्गीय भाईसाहब।
संजय गुप्ता, INDORE. कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए नाम भरने वाले और फिर ऐनवक्त पर नामांकन वापस लेकर बीजेपी में जाने वाले अक्षय कांति बम ( Akshay Bam ) पूरी तरह से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ( Kailash Vijayvargiya ) का दामन थाम लिया है। दो दिन पहले झाबुआ-अलीराजपुर के दौरे के दौरान बम ने विजयवर्गीय को सबसे कमजोर व्यापारी बताया।
व्यापारियों की बैठक में बम ने कहा कि- अब मैं मंच पर व्यापारियों के बीच में बैठे सबसे कमजोर व्यापारी से मिलवाना चाहता हूं। व्यापारी जो होता है, गुणा भाग करता है, जोड़ घटाव करता है कैसे बढ़ेगा। सबसे कमजोर व्यापारी है कैलाश विजयवर्गीय भाईसाहब। चार स्टेट में सीएम बनवाकर, राष्ट्रीय राजनीति करने के बाद इंदौर एक से लड़ना मतलब है कि वह राजनीति में व्यापार का गुणा भाग नहीं करते हैं, जोड़-घटाव नहीं करते हैं। लेकिन वह सबसे ज्यादा परिश्रमी, त्यागी, पुरूषार्थी और पार्टी से सबसे ज्यादा प्यार करने वाले है। सिर्फ और सिर्फ उनके और उनके जैसे कार्यकर्ताओं के कारण ही बीजेपी आज 400 पार का नारा दे रही है।
सोमवार सुबह 10 बजे से बम कैलाश और रमेश मेंदोला के साथ है। नाम वापसी के लिए सोमवार 29 अप्रैल को सुबह 11 बजे सभी तीनों एक कार में कलेक्टोरेट पहुंचे और फिर मेंदोला उन्हें साथ में ऊपर लेकर गए और नाम वापसी कराकर वापस लौटे। फिर बीजेपी दफ्तर गए, दिन भर साथ रहे, कैलाश विजयवर्गीय के घर सभी ने भोजन भी किया। इसके बाद रात को सीएम से मुलाकात की। फिर अगले दिन ही मंगलवार को बम कैलास विजयवर्गीय के साथ अलीराजपुर-झाबुआ के दौरे पर रहे। फिर बुधवार को महू-धार दौरे पर रहे। बम लगातार उन्हीं के साथ बने हुए हैं।
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उधर कांग्रेस में उनके खिलाफ जमकर गुस्सा है। उनके पोस्टर फाड़े जा रहे हैं तो पोस्टर पर कालिख पोती जा रही है। पुतले जलाए जा रहे हैं। ऐसे में बम सुरक्षा को लेकर खासे चिंतित है। यही वजह है कि जब वह नाम वापसी के लिए सोमवार को कलेक्टोरेट गए तो इसी दौरान उनके घर पर पुलिस बल तैनात हो गया। हालांकि वह अभी तक नाम वापसी के बाद घर ही नहीं गए हैं।
अक्षय के पिता कांति बम ने द सूत्र से बात करते हुए कहा कि किसी लालच और डर के कारण बम बीजेपी में नहीं गया है। वैसे उसकी राजनीति वह ही जाने मैं बीच में नहीं पडता हूं लेकिन अपने बेटे के साथ खड़ा हूं। लालच का सवाल ही नहीं क्योंकि ईश्वर का दिया सब कुछ है और डर क्यों जब कुछ गलत किया ही नहीं। उन्होंने कहा कि अभी बम घर नहीं आया है और वह प्रचार में लगा हुआ है।
इस तरह सबसे कमजोर व्यापारी बताया बम ने
व्यापारियों की बैठक में बम ने कहा कि- अब मैं मंच पर व्यापारियों के बीच में बैठे सबसे कमजोर व्यापारी से मिलवाना चाहता हूं। व्यापारी जो होता है, गुणा भाग करता है, जोड़ घटाव करता है कैसे बढ़ेगा। सबसे कमजोर व्यापारी है कैलाश विजयवर्गीय भाईसाहब। चार स्टेट में सीएम बनवाकर, राष्ट्रीय राजनीति करने के बाद इंदौर एक से लड़ना मतलब है कि वह राजनीति में व्यापार का गुणा भाग नहीं करते हैं, जोड़-घटाव नहीं करते हैं। लेकिन वह सबसे ज्यादा परिश्रमी, त्यागी, पुरूषार्थी और पार्टी से सबसे ज्यादा प्यार करने वाले है। सिर्फ और सिर्फ उनके और उनके जैसे कार्यकर्ताओं के कारण ही बीजेपी आज 400 पार का नारा दे रही है।
सोमवार से ही कैलाश के साए में बम
सोमवार सुबह 10 बजे से बम कैलाश और रमेश मेंदोला के साथ है। नाम वापसी के लिए सोमवार 29 अप्रैल को सुबह 11 बजे सभी तीनों एक कार में कलेक्टोरेट पहुंचे और फिर मेंदोला उन्हें साथ में ऊपर लेकर गए और नाम वापसी कराकर वापस लौटे। फिर बीजेपी दफ्तर गए, दिन भर साथ रहे, कैलाश विजयवर्गीय के घर सभी ने भोजन भी किया। इसके बाद रात को सीएम से मुलाकात की। फिर अगले दिन ही मंगलवार को बम कैलास विजयवर्गीय के साथ अलीराजपुर-झाबुआ के दौरे पर रहे। फिर बुधवार को महू-धार दौरे पर रहे। बम लगातार उन्हीं के साथ बने हुए हैं।
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सुरक्षा को लेकर भी चिंतित बम
उधर कांग्रेस में उनके खिलाफ जमकर गुस्सा है। उनके पोस्टर फाड़े जा रहे हैं तो पोस्टर पर कालिख पोती जा रही है। पुतले जलाए जा रहे हैं। ऐसे में बम सुरक्षा को लेकर खासे चिंतित है। यही वजह है कि जब वह नाम वापसी के लिए सोमवार को कलेक्टोरेट गए तो इसी दौरान उनके घर पर पुलिस बल तैनात हो गया। हालांकि वह अभी तक नाम वापसी के बाद घर ही नहीं गए हैं।
बम के पिता बोले कोई लालच और डर नहीं
अक्षय के पिता कांति बम ने द सूत्र से बात करते हुए कहा कि किसी लालच और डर के कारण बम बीजेपी में नहीं गया है। वैसे उसकी राजनीति वह ही जाने मैं बीच में नहीं पडता हूं लेकिन अपने बेटे के साथ खड़ा हूं। लालच का सवाल ही नहीं क्योंकि ईश्वर का दिया सब कुछ है और डर क्यों जब कुछ गलत किया ही नहीं। उन्होंने कहा कि अभी बम घर नहीं आया है और वह प्रचार में लगा हुआ है।
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