एलन कोचिंग में फैकल्टी के वेतन में 30 फीसदी तक कटौती, कोटा में बढ़ते सुसाइड के कारण कम बच्चों के एडमीशन का असर

मध्यप्रदेश। देश-दुनिया। एलन में बीते साल करीब 1.30 लाख बच्चों ने एडमीशन लिया था जो इस बार 85 हजार के करीब रह गया। इसके चलते कोचिंग प्रबंधन ने वेतन के वेरिएयल कैटेगरी में डालकर इसे फैकल्टी के परफार्मेंस और कोचिंग की बैलेंसशीट से लिंक कर दिया...

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Sanjay gupta
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देश में आईआईटी-जेईई और नीट की तैयारी के लिए सबसे बड़ी एलन कोचिंग में फैकल्टी के वेतन में जबरदस्त कटौती कर दी है। कोचिंग प्रबंधन ने बच्चों के कम एडमीशन को देखते हुए फैकल्टी के वेतन में 15 से 30 फीसदी तक की कटौती कर दी है। प्रबंधन ने इस वेतन को वेरिएयल में तब्दील कर दिया है, यानि यह वेतन कटता रहेगा और साल के अंत में परफार्मेंस के आधार पर इसे रिलीज किया जाएगा, नहीं तो यह वापस नहीं मिलेगा। इससे फैकल्टी में भारी नाराजगी है। 

केवल कोटा सेंटर में ही कम हुए बच्चे

दरअसल एलन में बीते साल करीब 1.30 लाख बच्चों ने एडमीशन लिया था जो इस बार 85 हजार के करीब रह गया। इसी के चलते कोचिंग प्रबंधन ने इसका हवाला देते हुए वेतन के वेरिएयल कैटेगरी में डालकर इसे फैकल्टी के परफार्मेंस और कोचिंग की बैलेंसशीट से लिंक कर दिया। सीधे तौर पर कहें तो वेतन में भारी कटौती कर डाली है। कोटा में तो कई फैकल्टी के वेतन में सीधे तौर पर ही कटौती करने की बात सामने आ रही है और साथ ही वेरियएल वेतन से भी लिंक कर दिया है। यानी उन्हें दोहरा झटका लगा है।

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कोटा में बच्चों के बढ़ते सुसाइड केस के कारण एडमीशन पर असर हुआ है. वहीं कोटा ने अब देश के कई शहरों में सेंटर खोल दिए हैं, इसके चलते तो बच्चे कोटा में जाकर पढ़ते थे वह अब अपने नजदीक के सेंटर में पढने लगे हैं। लेकिन प्रबंधन ने केवल कोटा में काम एडमीशन का हवाला देते हुए सभी फैकल्टी को एक तरह से आर्थिक सजा दे दी है। इससे फैकल्टी में भारी नाराजगी है और कुछ ने इसे लेकर प्रबंधन को पत्र भी भेजा है।

429 करोड़ रुपए के प्रॉफिट में था एलन

वित्तीय साल 2022-23 की आर्थिक स्थिति के अनुसार एलन को 429 करोड़ रुपए का शुद्द मुनाफा हुआ था। इसका राजस्व 2277 करोड़ रुपए था और खर्च 1788 करोड़ रुपए था। उसे अच्छा मुनाफा हुआ था और आर्थिक स्थिति भी मजबूत थी लेकिन इसके बाद भी यह फैसला लिए जाने से फैकल्टी जो चार हजार से ज्यादा है, इसमें भारी नाराजगी देखी जा रही है।

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