प्रधानमंत्री मोदी ऑफिस के प्रशंसा पत्र को नौकरी के लिए फर्जी लेटर में बदल दिया, रिटायर एसआई का बेटा गिरफ्तार
BP Shrivastava | Jan 24, 2024, 12:23 IST
प्रधानमंत्री मोदी ऑफिस के प्रशंसा पत्र को नौकरी के लिए फर्जी लेटर में बदल दिया, रिटायर एसआई का बेटा गिरफ्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑफिस (पीएमओ) से मिले प्रशंसा पत्र को असिस्टेंट मैनेजर की नौकरी के लिए फर्जी लेटर में बदलने का चौंकाने वाला मामला इंदौर में सामने आया है।
संजय गुप्ता, INDORE. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑफिस (पीएमओ) से मिले प्रशंसा पत्र को असिस्टेंट मैनेजर की नौकरी के लिए फर्जी लेटर में बदलने का चौंकाने वाला मामला इंदौर में सामने आया है। ऐसा करने वाले व्यक्ति दीपक अवस्थी को इंदौर क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। दीपक के पिता उत्तर प्रदेश पुलिस में एसआई के पद से रिटायर्ड हैं। आरोपी अपने पिता की तरह पुलिस अफसर बनने की चाह रखता था। लेकिन बन नहीं पाया। इसके बाद वह नौकरी की तलाश में जुट गया।
युवक ने कबूला क्यों किया ऐसा
इंदौर क्राइम ब्रांच ने टेक्निकल डेटा और सीसीटीवी फुटेज के जरिए सबूत जुटाकर आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया और इंदौर लेकर आई। यहां पूछताछ में वह टूट गया और उसने खुद ही फर्जी लेटर बनाने की बात कबूल ली। आरोपी ने बताया कि वह डाक देने के लिए पिता की वर्दी पहनकर खुद ही इंदौर स्थित अवंतिका गैस के ऑफिस पहुंचा था। क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक वर्दी की जब्ती के लिए क्राइम ब्रांच की टीम दीपक अवस्थी को लेकर उत्तर प्रदेश जाएगी।
PMO से मिले प्रशंसा पत्र को एडिट कर बनाया सिफारिशी लेटर
पूछताछ में दीपक अवस्थी ने बताया कि 2013 में उत्तराखंड में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान उसने 30 हजार रुपए प्रधानमंत्री सहायता कोष में दान किए थे। इसके चलते उसे PMO से एक प्रशंसा पत्र मिला था। इसी प्रशंसा पत्र को एडिट कर नौकरी के सिफारिशी लेटर में बदल दिया और अवंतिका गैस के ऑफिस में देने पहुंच गया।
दिल्ली की इंद्रप्रस्थ गैस एजेंसी में करता है काम
दीपक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है। पिता उसे भी अपनी तरह अफसर बनाना चाहते थे। लेकिन ग्रेजुएशन के बाद वह ठीक से तैयारी नहीं कर पाया। इसके चलते उसे नौकरी नहीं मिली तो वह इंद्रप्रस्थ गैस एजेंसी दिल्ली में काम करने लगा। यहां से लंबी छुट्टी लेकर घर आया और अवंतिका गैस एजेंसी में नौकरी की तलाश करने लगा। लेकिन सफल नहीं हो पाया। उसे पता चला कि किसी बड़े अफसर या नेता के लेटर पर उसे नौकरी मिल सकती है। इसके चलते उसने फर्जी लेटर बनाने का तरीका अपनाया।
दिल्ली PMO ने लेटर को बताया फर्जी
दीपक ने जुलाई 2023 को विजय नगर स्थित अवंतिका गैस एजेंसी के आफिस में डायरेक्टर मनोहर लोहिया को PMO के लेटर पैड पर लिखा लेटर दिया। लेटर पर 17 जुलाई की तारीख डली थी और दीपक को असिस्टेंट मैनेजर की पोस्ट देने के निर्देश दिए गए थे। मामले में संजय लोहिया ने 4 अगस्त 2023 को PMO आफिस से जानकारी मांगी। इस पर लेटर को लेकर नो टीप लिखकर 16 अक्टूबर को वापस भेज दिया गया। इसके बाद PMO में पदस्थ असिस्टेंट डायरेक्टर अनिल शर्मा की तरफ से एक लेटर और मिला जिसमें दीपक द्वारा दिए गए लेटर को PMO की तरफ से जारी नहीं करते हुए फर्जी बताया गया।
यूपी पुलिस व आईबी को हुआ था अलर्ट
इसके बाद यूपी पुलिस और आईबी को अलर्ट किया गया। दोनों एजेंसियों ने लेटर को लेकर दीपक अवस्थी से पूछताछ भी की। लेकिन उसने इस तरह के किसी भी लेटर के बारे में जानकारी होने से इनकार कर दिया। उसने इसे किसी की शरारत बताया। मामले में अक्टूबर 2023 में अवंतिका गैस एजेंसी के प्रबंधक राकेश पस्तोर और सतर्कता डिपार्टमेंट की तरफ से एक लिखित शिकायत की गई । इसके बाद क्राइम ब्रांच ने विजय नगर स्थित अवंतिका ऑफिस के फुटेज निकालने के साथ कॉल डिटेल और सीडीआर खंगाली। जिसके बाद दीपक को हिरासत में लिया गया।
युवक ने कबूला क्यों किया ऐसा
इंदौर क्राइम ब्रांच ने टेक्निकल डेटा और सीसीटीवी फुटेज के जरिए सबूत जुटाकर आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया और इंदौर लेकर आई। यहां पूछताछ में वह टूट गया और उसने खुद ही फर्जी लेटर बनाने की बात कबूल ली। आरोपी ने बताया कि वह डाक देने के लिए पिता की वर्दी पहनकर खुद ही इंदौर स्थित अवंतिका गैस के ऑफिस पहुंचा था। क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक वर्दी की जब्ती के लिए क्राइम ब्रांच की टीम दीपक अवस्थी को लेकर उत्तर प्रदेश जाएगी।
PMO से मिले प्रशंसा पत्र को एडिट कर बनाया सिफारिशी लेटर
पूछताछ में दीपक अवस्थी ने बताया कि 2013 में उत्तराखंड में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान उसने 30 हजार रुपए प्रधानमंत्री सहायता कोष में दान किए थे। इसके चलते उसे PMO से एक प्रशंसा पत्र मिला था। इसी प्रशंसा पत्र को एडिट कर नौकरी के सिफारिशी लेटर में बदल दिया और अवंतिका गैस के ऑफिस में देने पहुंच गया।
दिल्ली की इंद्रप्रस्थ गैस एजेंसी में करता है काम
दीपक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है। पिता उसे भी अपनी तरह अफसर बनाना चाहते थे। लेकिन ग्रेजुएशन के बाद वह ठीक से तैयारी नहीं कर पाया। इसके चलते उसे नौकरी नहीं मिली तो वह इंद्रप्रस्थ गैस एजेंसी दिल्ली में काम करने लगा। यहां से लंबी छुट्टी लेकर घर आया और अवंतिका गैस एजेंसी में नौकरी की तलाश करने लगा। लेकिन सफल नहीं हो पाया। उसे पता चला कि किसी बड़े अफसर या नेता के लेटर पर उसे नौकरी मिल सकती है। इसके चलते उसने फर्जी लेटर बनाने का तरीका अपनाया।
दिल्ली PMO ने लेटर को बताया फर्जी
दीपक ने जुलाई 2023 को विजय नगर स्थित अवंतिका गैस एजेंसी के आफिस में डायरेक्टर मनोहर लोहिया को PMO के लेटर पैड पर लिखा लेटर दिया। लेटर पर 17 जुलाई की तारीख डली थी और दीपक को असिस्टेंट मैनेजर की पोस्ट देने के निर्देश दिए गए थे। मामले में संजय लोहिया ने 4 अगस्त 2023 को PMO आफिस से जानकारी मांगी। इस पर लेटर को लेकर नो टीप लिखकर 16 अक्टूबर को वापस भेज दिया गया। इसके बाद PMO में पदस्थ असिस्टेंट डायरेक्टर अनिल शर्मा की तरफ से एक लेटर और मिला जिसमें दीपक द्वारा दिए गए लेटर को PMO की तरफ से जारी नहीं करते हुए फर्जी बताया गया।
यूपी पुलिस व आईबी को हुआ था अलर्ट
इसके बाद यूपी पुलिस और आईबी को अलर्ट किया गया। दोनों एजेंसियों ने लेटर को लेकर दीपक अवस्थी से पूछताछ भी की। लेकिन उसने इस तरह के किसी भी लेटर के बारे में जानकारी होने से इनकार कर दिया। उसने इसे किसी की शरारत बताया। मामले में अक्टूबर 2023 में अवंतिका गैस एजेंसी के प्रबंधक राकेश पस्तोर और सतर्कता डिपार्टमेंट की तरफ से एक लिखित शिकायत की गई । इसके बाद क्राइम ब्रांच ने विजय नगर स्थित अवंतिका ऑफिस के फुटेज निकालने के साथ कॉल डिटेल और सीडीआर खंगाली। जिसके बाद दीपक को हिरासत में लिया गया।
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