महू जाम गेट पर आर्मी ट्रेनी अधिकारियों से लूट, महिला मित्र के साथ दुष्कर्मियों को आजीवन कैद
INDORE. इंदौर के महू में प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जाम गेट के पास 10 सितंबर की रात को हुई भयावह घटना जिसमें आर्मी के दो ट्रेनी अधिकारियों को बंधक बनाकर लूटा गया, महिला मित्र के साथ दुष्कर्म किया गया। इसके सभी 6 आरोपियों को आजीवन कैद की सजा सुना दी गई है। महू कोर्ट से इस मामले में सोमवार को फैसला सुनाया गया। सभी आरोपी मरते दम तक जेल में रहेंगे। इन पर आर्मी के ट्रेनी अधिकारियों के साथ लूट, मारपीट के साथ ही महिला मित्र के साथ दुष्कर्म का आरोप था।
पुलिस ने 6 माह में आरोपियों को दिला दी सजा
घटना के बाद इन सभी आरोपियों को सात दिन के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया, पुलिस ने चालान भी मजबूती से पेश किया और फिर ट्रायल में भी जल्द गवाही कराई, इससे मात्र 6 माह में आरोपियों को यह सजा सुना दी गई। इस मामले में आईजी अनुराग, डीआईजी निमिष अग्रवाल के साथ एसपी ग्रामीण हितिका वासल के साथ पूरी महू पुलिस टीम ने एकजुटता से पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। इससे यह संभव हो सका।
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इन आरोपियों को मिली सजा और उनकी भूमिका
मुख्य आरोपी अनिल बारोर- इसी ने ट्रेनी अधिकारियों को देखा और लूट के इरादे से फोन कर बाकी पांच साथियों को बुलाया। आदतन अपराधी है, पहले भी अपराध कर चुका है। शराब दुकान पर काम करता था।
रीतेश भाभर- अनिल का मुख्य सहयोगी, पहले भी सात अपराध दर्ज है। कट्टा दिखाकर धमकाया था। युवती के साथ गैंगरेप में शामिल रहा।
पवन बंसूनिया- घटना में साथ दिया।
रोहित गीरवाल- घटना में साथ दिया
सचिन मकवाना- यह भी घटना में साथी।
इस तरह हुई घटना
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ऐसे पकड़े गए आरोपी
पुलिस ने इसमें टीम बनाकर काम किया। मौके पर सीसीटीवी नहीं होने से कोई आरोपी की पहचान नहीं थी। पुलिस ने महू थाने में पदस्थ रहे पूर्व के टीआई से आदतन आरोपियों की जानकारी ली, फिर फोटो लेकर ट्रेनी अधिकारियों को दिखाया इसमें वह अनिल को पहचान गए। फिर अनिल को पकड़ा गया। इसके बाद पवन पकड़ में आया और फिर एक-एक कर अन्य आरोपी गिरफ्तार हो गए।