पुलिस हिरासत फरार रिश्वतखोर ASI पवन रघुवंशी, BJP पार्षद ने की थी घूस देने की डील
Rohit Sahu | Mar 07, 2025, 08:54 IST
asi bribe case
साइबर ठगी के मामले में फंसे मुईन खान और उसके परिवार को बचाने के लिए उसका करीबी बीजेपी पार्षद अंशुल उर्फ मोना जैन टीकमगढ़ से भोपाल तक रिश्वत देने पहुंचा था।
भोपाल में ASI को 5 लाख की रिश्वत देने के मामले में नया खुलासा हुआ है। इस मामले में बीजेपी पार्षद का नाम सामने आया है। दरअसल साइबर ठगी का रैकेट चलाने वाले मुईन खान उसके बेटे और अन्य लोगों को बचाने के लिए यह रिश्वत दी जा रही थी। इसका सौदा 25 लाख में तय हुआ था। मुईन और उसका बेटा अफजल साइबर ठगी का कॉल सेंटर चलाता था।
मुईन खान पर टीकमगढ़ में 19 संगीन अपराध दर्ज हैं, जिनमें हत्या का प्रयास, लूट, मारपीट और सट्टा शामिल हैं। वह टीकमगढ़ का लिस्टेड गुंडा है। जांच में खुलासा हुआ कि साइबर ठगी की रकम अफजल खान अपने साले मुईन और अरमान के नाम पर इन्वेस्ट करता था। इसी मामले में आरोपियों को बचाने ASI ने घूस मांगी थी हालांकि रिश्वत लेने से पहले ही उन्हें हिरासत में ले लिया गय। मामले में कार्रवाई की जा रही थी लेकिन इसके पहले ही आरोपी पुलिसकर्मी फरार हो गए।
चार साल पहले कुरियर कंपनी में काम करने वाला मुईन आज करोड़ों की संपत्ति का मालिक है। उसने टीकमगढ़ में आलीशान बंगला बनाया है और लग्जरी गाड़ियों में घूमता है।अपराध की दुनिया में पहचान बनाने के बाद मुईन राजनीति में भी घुसने की कोशिश कर चुका है। भाजपा के टिकट पर पार्षद चुनाव लड़ चुकाभोपाल पुलिस ने मुईन को पकड़ने के लिए टीकमगढ़ में छापा मारा, लेकिन वहां की चमक-दमक देखकर खुद लालच में आ गए।
टीकमगढ़ से पार्षद अंशुल उर्फ (मोना जैन) मुईन को बचाने के लिए भोपाल आया और रिश्वत की पेशकश की। ऐशबाग थाने के तत्कालीन टीआई जितेंद्र गढ़वाल को इस डील का पता चला और उन्होंने यह मामला अपने विश्वासपात्र पवन रघुवंशी को सौंप दिया।
भोपाल के एएसआई पवन रघुवंशी प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र सिंह और मनोज सिंह ने मुईन, उसके भाई वसीम और अफजल की पत्नी जाहिदा को बचाने के लिए 25 लाख रुपए की मांग की। पहली किश्त के तौर पर 15 लाख देने की बात हुई। अंशुल ने पवन को 5 लाख रुपए सौंपे, लेकिन दूसरी पेमेंट होने से पहले ही पुलिस ने छापा मार दिया।
इधर, मामले में ठगी के कॉल सेंटर के मामले में कार्रवाई में पुलिस अधिकारियों ने एक्शन लिया है। कॉल सेंटर के मामले में लापरवाही बरतने को लेकर टीआई जितेंद्र गढ़वाल, एएसआई पवन रघुवंशी, प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र और प्रधान आरक्षक मनोज को निलंबित किया गया है। पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्रा ने बताया कि इन चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच की जा रही है। साथ ही कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी निकाले जा रहे हैं।
19 संगीन अपराधों में दर्ज हैं केस
ASI और अन्य पुलिसकर्मी हिरासत से फरार
बुधवार को क्राइम ब्रांच और एसीपी जहांगीराबाद की टीम ने पहली बार किसी पुलिसकर्मी के घर पर छापा मारा और रिश्वत में दिए गए 500-500 रुपए के 10 गड्डियां बरामद किए। हालांकि कार्रवाई में पुलिस हिरासत से एएसआई और अन्य पुलिसकर्मी फरार हो गए। इस मामले में एएसआई पवन रघुवंशी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया। साथ ही मामले में ऐशबाग थाने के थाना प्रभारी जितेंद्र गढ़वाल के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
बीजेपी पार्षद ने रिश्वत देने का बनाया प्लान
ASI ने रखी 25 लाख की मांग
मामले में चार पुलिसकर्मी निलंबित
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava