/sootr/media/media_files/2026/02/06/bageshwar-dham-300-group-marriage-event-2026-2026-02-06-19-00-47.jpg)
खजुराहो. बागेश्वर धाम में एक बार फिर मानवता की बड़ी मिसाल पेश होने जा रही है। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 300 निर्धन बेटियों का कन्यादान करेंगे। यह भव्य आयोजन 12 से 15 फरवरी तक खजुराहो में चलेगा। इस समारोह में आस्था और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री इन बेटियों को बालाजी की बेटियां मानते हैं। उन्होंने कहा कि यह विवाह पूरे राजकीय सम्मान के साथ होगा। देशभर के विख्यात संत और महात्मा इस अवसर पर मौजूद रहेंगे। वह स्वयं तैयारियों की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। बागेश्वर धाम में इस समय उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है।
/sootr/media/post_attachments/uploads/provider/profile/1740324997_Dhirendra%20Krishna%20Shastri-935645.jpg)
हर जोड़े को दो लाख का उपहार मिलेगा
शादी में हर जोड़े को बेशकीमती उपहार दिए जाएंगे। कुल 90 लाख रुपए की एफडी (FD) का प्रावधान किया गया है। हर जोड़े को 30 हजार रुपए की व्यक्तिगत एफडी मिलेगी। इसके अलावा सोने-चांदी के आभूषण और गृहस्थी का सामान मिलेगा। उपहारों की कुल कीमत प्रति जोड़ा 2 लाख रुपए है।
नेपाल की अस्मिता भी लेंगी सात फेरे
इस बार विवाह का आकर्षण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी है। नेपाल की अस्मिता सुनार भी यहां सात फेरे लेंगी। अस्मिता के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर रही है। उनकी मां पिछले चार साल से आवेदन कर रही थीं। इस बार बालाजी की कृपा से उनका नंबर लग गया है। अस्मिता अपने साथी मेज बहादुर के साथ विवाह करेंगी।
अनाथ बेटियों का सहारा बना बागेश्वर धाम
विदिशा की सपना अहिरवार के सिर पर पिता का साया नहीं है। घर में बीमार मां और छोटे भाई की जिम्मेदारी उन पर है। सपना कहती हैं कि गुरुजी ने उन्हें पिता जैसा प्यार दिया। रायपुरा की सपना विश्वकर्मा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। माता-पिता के निधन के बाद चाचा-चाची ने उन्हें पाला। उनके लिए यह शादी किसी हकीकत से सुंदर सपने जैसी है।
/sootr/media/post_attachments/db94ca39-d6b.png)
600 सदस्यों ने किया सर्वे
इस सामूहिक विवाह के लिए चयन प्रक्रिया बहुत पारदर्शी रही है। 13 राज्यों से कुल 1500 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। 600 सदस्यों की टीम ने एक महीने तक घर-घर सर्वे किया है। अति निर्धन और अनाथ बेटियों को प्राथमिकता दी गई है। वर्तमान संसाधनों के आधार पर कुल 300 जोड़ों का चयन हुआ।
यह एक खास योजना के तहत कमजोर वर्ग की लड़कियों के लिए 10 राज्यों से 300 जोड़ियां चुनी गई हैं। इनमें से 60 लड़कियां ऐसी हैं जिनके माता-पिता नहीं हैं, 138 के पिता नहीं हैं और 28 की मां नहीं हैं। 8 लड़कियां दिव्यांग हैं और 39 का ताल्लुक गरीब परिवारों से है, जिनके माता-पिता दिव्यांग हैं।
इन 300 जोड़ियों में से 229 जोड़ियां सिर्फ मध्यप्रदेश से हैं, इसके अलावा 56 उत्तर प्रदेश, 3 दिल्ली, 2 पश्चिम बंगाल, हरियाणा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान, झारखंड, नेपाल और अन्य से भी कुछ जोड़े शामिल हैं।
वीवीआईपी मेहमान और भव्य तैयारियां
शादी के निमंत्रण पत्र वीवीआईपी (VVIP) मेहमानों को भेजे जा रहे हैं। ऑफिस में कमल अवस्थी की टीम दिन-रात काम कर रही है। निमंत्रण पत्रों की लिस्ट आईपैड के जरिए क्रॉस चेक हो रही है। भंडारण कक्ष में दूल्हा-दुल्हन के लिए उपहार सजाए जा चुके हैं। 13 फरवरी को सभी जोड़ों को लगन मंडप में बुलाया गया है।
समारोह में क्या-क्या व्यवस्था होगी
पूरे बागेश्वर धाम को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। मेहमानों के लिए अलग-अलग भोजन पंडाल बनाए गए हैं। हजारों सेवादार अतिथियों की खातिरदारी के लिए तैनात किए गए हैं। धीरेंद्र शास्त्री ने खुद जोड़ों को कपड़े और जरूरी सामान दिया है। सुरक्षा और अनुशासन के लिए भी कड़े इंतजाम किए गए हैं।
आयोजन की तारीख: 12 फरवरी से 15 फरवरी 2026 तक।
जोड़ों की संख्या: कुल 300 निर्धन और अनाथ बेटियों का विवाह।
दहेज सामग्री: 30 हजार की एफडी, सोने के गहने और गृहस्थी का सामान।
सर्वे टीम: 13 राज्यों में 600 सदस्यों द्वारा जमीनी जांच के बाद चयन।
स्पेशल गेस्ट: देशभर के प्रमुख संत, राजनेता और आध्यात्मिक गुरु होंगे शामिल।
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें...
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बातों ही बातों में किसे कहा कुत्ते की पूंछ, Video Viral
Ranveer Allahabadia और Samay Raina पर भड़के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ?
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बड़ा बयान-अपने मकसद से भटक रहा 'कुंभ'
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us