नर्मदापुरम में BJP और कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में सगे भाई आमने-सामने, भगवती चौरे ने निर्दलीय भरा नामांकन, जानें नाराजगी के कारण
The Sootr CG | Oct 29, 2023, 24:00 IST
नर्मदापुरम में BJP और कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में सगे भाई आमने-सामने, भगवती चौरे ने निर्दलीय भरा नामांकन, जानें नाराजगी के कारण
नर्मदापुरम सीट पर सगे भाईयों को बीजेपी और कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया है। वहीं बीजेपी से नाराज भगवती चौरे ने निर्दलीय नामांकन भरा है।
NARMDAPURAM. मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सूबे में चुनावी शोर तेज हो गया। कांग्रेस और बीजेपी के प्रत्याशियों के नाम सामने आने के बाद इनका नामांकन भी शुरू हो गया। इस चुनावी माहौल में रिश्तों के सामने राजनीति भारी पड़ते दिखाई दे रही है। मध्य प्रदेश के इस चुनावी महासंग्राम में बात नर्मदापुरम विधानसभा सीट की करें तो इस सीट से दो सगे भाई आमने-सामने हैं, यहां एक ही सीट पर दो भाइयों को बीजेपी और कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार घोषित किया है। यहां कांग्रेस से गिरजा शंकर शर्मा प्रत्याशी हैं वहीं इनके सामने उन्हीं के भाई डॉ. सीता शरण शर्मा हैं जिन्हे बीजेपी ने प्रत्याशी बनाया हैं।
त्रिकोणीय मुकाबले के बन रहे आसार
इस विधानसभा सीट पर कई सालों से शर्मा परिवार का कब्जा रहने के बाद इतिहास में पहली बार दो भाई आमने-सामने नजर आ रहे हैं। अब इस सीट से भाईयों के आमने सामने होने से मुकाबला और ज्यादा दिलचस्प हो गया है। लेकिन बीजेपी के लिए राह आसान नहीं दिखाई पड़ रही। यहां टिकट नहीं मिलने से पूर्व जनपद अध्यक्ष भगवती चौरे बीजेपी से नाराज चल रहे हैं। अब भगवती चौरे के नामांकन ने बीजेपी की चिंता बढ़ा दी है।
नर्मदापुरम सीट पर आमने-सामने दो भाई
बता दें कि नर्मदापुरम 137 विधानसभा क्षेत्र पर पिछले 20 सालों से बीजेपी का कब्जा रहा है। यहां से गिरजा शंकर शर्मा 2003 में बीजेपी से विधायक रहे, इसके बाद गिरजा शंकर शर्मा के खिलाफ उन्ही के भाई डॉ. सीताराम शर्मा बीजेपी से टिकट मिलने के बाद लगातार 15 साल तक बीजेपी जीते। अब अपने भाई डॉ. सीता शरण शर्मा के सामने कांग्रेस के टिकट पर गिरजा शंकर शर्मा चुनावी मैदान में हैं। गिरजा शंकर शर्मा सितंबर में बीजेपी छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया था। बीजेपी से पूर्व विधायक गिरजा शंकर शर्मा ने बीजेपी की नीति और राजनीति से परेशान होकर कांग्रेस ज्वाइन की है। इसके बाद गिरजा शंकर शर्मा ने नर्मदापुरम सीट से दावेदारी पेश की जिसके बाद कांग्रेस ने यहां से प्रत्याशी बनाया हैं।
बीजेपी में बगावत, भगवती चौरे ने नामांकन रैली में दिखाई ताकत
इधर, नर्मदापुरम में बीजेपी में प्रबल दावेदारों को टिकट नहीं मिलने पर जमकर नाराजगी भी देखी गई। बीजेपी से टिकट नहीं मिलने पर भगवती चौरे ने नाराजगी जताते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ने जा रहे हैं। भगवती चौरे अपने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ नर्मदापुरम जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और निर्दलीय प्रत्याशी के लिए उन्होंने अपना पर्चा दाखिल किया है। इससे पहले भगवती चौरे ने मां नर्मदा की पूजा अर्चना कर विशाल रैली निकालकर पर्चा जमा किया है। चौरे ने सेठानी घाट पर नर्मदा पूजन कर रैली निकली। ढोल बाजों के साथ रैली कलेक्टर कार्यालय परिसर में पहुंची। यहां उन्होंने एक भाजपा और दूसरा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में फार्म के दो सेट जमा किए। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग एकजुट होकर उनके पर्चा दाखिल पहुंचे।
भगवती चौरे ने निर्दलीय भरा नामांकन
निर्दलीय प्रत्याशी भगवती चौरे ने मीडिया से की चर्चा कहा मैनें बीजेपी और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना पर्चा दाखिल किया है। बीजेपी ने अगर उन्हें टिकट नहीं दिया, तो वह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। मैं दोनों सगे भाइयों के खिलाफ नर्मदापुरम से चुनाव लडूंगा। चौरे ने बताया कि उन्हे बीजेपी के पूर्व नपाध्यक्ष अखिलेश खंडेलवाल, बीजेपी नेता डॉ. राजेश शर्मा समर्थन है। बता दे कि कांग्रेस और बीजेपी प्रत्याशियों पर निर्दलीय प्रत्याशी भगवती चौरे भारी पड़ ना जाए। नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद नर्मदापुरम विधानसभा में त्रिकोणीय मुकाबले के आसार देखे जा रहे हैं।
त्रिकोणीय मुकाबले के बन रहे आसार
इस विधानसभा सीट पर कई सालों से शर्मा परिवार का कब्जा रहने के बाद इतिहास में पहली बार दो भाई आमने-सामने नजर आ रहे हैं। अब इस सीट से भाईयों के आमने सामने होने से मुकाबला और ज्यादा दिलचस्प हो गया है। लेकिन बीजेपी के लिए राह आसान नहीं दिखाई पड़ रही। यहां टिकट नहीं मिलने से पूर्व जनपद अध्यक्ष भगवती चौरे बीजेपी से नाराज चल रहे हैं। अब भगवती चौरे के नामांकन ने बीजेपी की चिंता बढ़ा दी है।
नर्मदापुरम सीट पर आमने-सामने दो भाई
बता दें कि नर्मदापुरम 137 विधानसभा क्षेत्र पर पिछले 20 सालों से बीजेपी का कब्जा रहा है। यहां से गिरजा शंकर शर्मा 2003 में बीजेपी से विधायक रहे, इसके बाद गिरजा शंकर शर्मा के खिलाफ उन्ही के भाई डॉ. सीताराम शर्मा बीजेपी से टिकट मिलने के बाद लगातार 15 साल तक बीजेपी जीते। अब अपने भाई डॉ. सीता शरण शर्मा के सामने कांग्रेस के टिकट पर गिरजा शंकर शर्मा चुनावी मैदान में हैं। गिरजा शंकर शर्मा सितंबर में बीजेपी छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया था। बीजेपी से पूर्व विधायक गिरजा शंकर शर्मा ने बीजेपी की नीति और राजनीति से परेशान होकर कांग्रेस ज्वाइन की है। इसके बाद गिरजा शंकर शर्मा ने नर्मदापुरम सीट से दावेदारी पेश की जिसके बाद कांग्रेस ने यहां से प्रत्याशी बनाया हैं।
बीजेपी में बगावत, भगवती चौरे ने नामांकन रैली में दिखाई ताकत
इधर, नर्मदापुरम में बीजेपी में प्रबल दावेदारों को टिकट नहीं मिलने पर जमकर नाराजगी भी देखी गई। बीजेपी से टिकट नहीं मिलने पर भगवती चौरे ने नाराजगी जताते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ने जा रहे हैं। भगवती चौरे अपने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ नर्मदापुरम जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और निर्दलीय प्रत्याशी के लिए उन्होंने अपना पर्चा दाखिल किया है। इससे पहले भगवती चौरे ने मां नर्मदा की पूजा अर्चना कर विशाल रैली निकालकर पर्चा जमा किया है। चौरे ने सेठानी घाट पर नर्मदा पूजन कर रैली निकली। ढोल बाजों के साथ रैली कलेक्टर कार्यालय परिसर में पहुंची। यहां उन्होंने एक भाजपा और दूसरा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में फार्म के दो सेट जमा किए। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग एकजुट होकर उनके पर्चा दाखिल पहुंचे।
भगवती चौरे ने निर्दलीय भरा नामांकन
निर्दलीय प्रत्याशी भगवती चौरे ने मीडिया से की चर्चा कहा मैनें बीजेपी और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना पर्चा दाखिल किया है। बीजेपी ने अगर उन्हें टिकट नहीं दिया, तो वह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। मैं दोनों सगे भाइयों के खिलाफ नर्मदापुरम से चुनाव लडूंगा। चौरे ने बताया कि उन्हे बीजेपी के पूर्व नपाध्यक्ष अखिलेश खंडेलवाल, बीजेपी नेता डॉ. राजेश शर्मा समर्थन है। बता दे कि कांग्रेस और बीजेपी प्रत्याशियों पर निर्दलीय प्रत्याशी भगवती चौरे भारी पड़ ना जाए। नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद नर्मदापुरम विधानसभा में त्रिकोणीय मुकाबले के आसार देखे जा रहे हैं।
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