एमपी में सुलग रही आंदोलन की आग, किसान, व्यापारी और युवा हर वर्ग सड़क पर उतरा

Aman Vaishnav | Sept 06, 2026, 10:35 IST
Share
एमपी में आंदोलन
एमपी में आंदोलन

पिछले एक महीने में शायद ही कोई ऐसा दिन गया हो, जब शहर की किसी सड़क पर नारेबाजी या चक्काजाम न हुआ हो। किसान और व्यापारी से लेकर युवा, छात्र और कर्मचारी तक सभी लगातार अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरकर विरोध जता रहे हैं।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • बीते एक महीने से लगातार प्रदर्शन का दौर जारी है।
  • किसान, व्यापारी, कर्मचारी, छात्र और युवा सभी सड़क पर उतरे हैं।
  • किसानों ने मूंग खरीदी और MSP को लेकर आंदोलन किया।
  • व्यापारियों ने सीलिंग कार्रवाई के विरोध में भोपाल बंद बुलाया।
  • विशेषज्ञ इसे रोजगार और प्रशासनिक फैसलों से जुड़ी नाराजगी बता रहे हैं।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल इन दिनों धरना-प्रदर्शनों का शहर बन चुकी है। बीते एक महीने में शायद ही कोई दिन ऐसा बीता हो, जब सड़कों पर कोई विरोध न हुआ हो। व्यापारी, कर्मचारी, युवा, छात्र, किसान से लेकर स्कूली बच्चों तक हर तबका सड़क पर उतर चुका है।

किसानों का आंदोलन

बता दें कि अगस्त की शुरुआत किसान प्रदर्शन से हुई। मूंग की सरकारी खरीदी सीमा बढ़ाने की मांग उठी। साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी और खाद वितरण में ई-टोकन व्यवस्था खत्म करने की मांग रही।

19 से ज्यादा किसान संगठनों ने भोपाल कूच किया। सीहोर, हरदा और नर्मदापुरम से किसान ट्रैक्टर लेकर पहुंचे। कई जगह पुलिस बैरिकेड्स टूट गए।

देर रात सरकार ने किसान नेताओं से बैठक की। मांगों पर सहमति बनने के बाद प्रदर्शन खत्म हुआ।

व्यापारियों का विरोध

वहीं सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद नगर निगम सक्रिय हुआ। रिहायशी इलाकों में चल रही दुकानों पर कार्रवाई शुरू हुई। 6 हजार 500 से ज्यादा दुकानदारों को नोटिस मिले।

इसके विरोध में 5 हजार से ज्यादा व्यापारी सड़क पर उतरे। गांधी प्रतिमा के सामने रामधुन गाकर विरोध जताया गया। इसके बाद 1 सितंबर को भोपाल बंद बुलाया गया।

बंद के दौरान रोशनपुरा चौराहे पर बैरिकेड्स टूटे। 2 हजार से ज्यादा व्यापारी सीएम हाउस की तरफ बढ़े। यह आंदोलन 20 अगस्त से 3 सितंबर तक चला।

युवाओं की मांग

इसके अलावा शिक्षक भर्ती के चयनित अभ्यर्थी भी लगातार धरने पर हैं। वर्ग-1, वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थी 20 अगस्त से नीलम पार्क में बैठे हैं। वे पद बढ़ाने और भर्ती प्रक्रिया सुधारने की मांग कर रहे हैं।

कई अभ्यर्थियों ने भूख हड़ताल भी शुरू की। कुछ की तबीयत बिगड़ने की खबर आई। ध्यान खींचने के लिए कुछ ने खून से पत्र भी लिखे।

छात्रों का प्रदर्शन

नर्सिंग छात्रों ने 11 और 12 अगस्त को धरना दिया। परीक्षा, रिजल्ट और डिग्री में देरी को लेकर नाराजगी थी। इस दौरान तीन छात्र एक निर्माणाधीन बिल्डिंग की छत पर चढ़ गए।

18 और 19 अगस्त को स्कूली बच्चों ने भी रैली निकाली। डीएम स्कूल को केंद्रीय विद्यालय संगठन में मिलाने के फैसले का विरोध हुआ। 300 से 400 बच्चे अभिभावकों के साथ सड़क पर उतरे।

उज्जैन में भी छात्राओं ने स्कूल भवन बदलने का विरोध किया। बाद में प्रशासन को अपना फैसला वापस लेना पड़ा।

कर्मचारियों की नाराजगी

2 अगस्त को बिजली विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने नौकरी की सुरक्षा और समान वेतन की मांग रखी। करीब 3 हजार स्वास्थ्यकर्मी भी इस विरोध में शामिल हुए।

18 अगस्त को लिपिक कर्मचारियों ने भी प्रदर्शन किया। सीपीसीटी और वेतन विसंगति बड़े मुद्दे रहे। 24 अगस्त से पेसा मोबिलाइजर्स भी अंबेडकर पार्क में डटे हैं।

विशेषज्ञों की राय

इस पूरे मामले में विशेषज्ञों का मानना है कि हर वर्ग की मांग अलग है। लेकिन ज्यादातर मुद्दे रोजगार और आय से जुड़े हैं। नौकरी की सुरक्षा और प्रशासनिक फैसले भी बड़ी वजह हैं।

किसानों का मुद्दा फसल खरीदी से जुड़ा है। कर्मचारियों की चिंता वेतन और स्थायित्व की है। व्यापारियों का गुस्सा सीधे उनके कारोबार पर असर डालने वाली कार्रवाई से जुड़ा है।

यानी हर वर्ग को लगता है कि उसकी बात सुनी नहीं जा रही। यही वजह है कि लोग सड़क पर उतरकर अपनी आवाज उठा रहे हैं।

ये खबरें भी पढ़िए...

जनपद-पंचायतों के पास 1200 करोड़ का हिसाब नहीं! काम हुआ या नहीं इसका भी रिकॉर्ड नहीं

MP में शिक्षा विभाग का यू-टर्न! 13 साल पहले खत्म BRC-APC पदों पर फिर होगी भर्ती

एमपी में SI और सूबेदार के 507 पदों पर भर्ती, जानें आवेदन की तारीख और पूरी डिटेल

पुलिस की फिटनेस का खुली पोल, 62% जवान 1 घंटे में 10 किमी भी नहीं दौड़ पाए

Tags:
  • बिजली विभाग
  • किसान प्रदर्शन
  • किसानों का आंदोलन
  • केंद्रीय विद्यालय संगठन
  • मूंग खरीदी
एमपी में बाल विवाह पर नहीं लग रही लगाम! पांच साल में 47% बढ़े मामले, देवउठनी ग्यारस पर अलर्ट मोड में रहेगा प्रशासन

By Aman Vaishnav

एमपी में बाल विवाह पर नहीं लग रही लगाम! पांच साल में 47% बढ़े मामले, देवउठनी ग्यारस पर अलर्ट मोड में रहेगा प्रशासन
रायपुर में D.Ed अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन, नियुक्ति की मांग को लेकर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का बंगला घेरा

By Harrison Masih

रायपुर में D.Ed अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन, नियुक्ति की मांग को लेकर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का बंगला घेरा
कम्प्यूटर अनुदेशक और महिला पर्यवेक्षक भर्ती के परिणाम जारी, 12 से 21 नवंबर तक ऑनलाइन स्क्रूटनी फॉर्म भरने का मौका

By Jageshwar Prasad

कम्प्यूटर अनुदेशक और महिला पर्यवेक्षक भर्ती के परिणाम जारी, 12 से 21 नवंबर तक ऑनलाइन स्क्रूटनी फॉर्म भरने का मौका
सीएम मोहन यादव का आज संघ प्रमुख भागवत, दत्तात्रेय और सुरेश सोनी के साथ लंच

By Sanjay Gupta

सीएम मोहन यादव का आज संघ प्रमुख भागवत, दत्तात्रेय और सुरेश सोनी के साथ लंच
जयपुर में आज CM भजनलाल का व्यस्त शेड्यूल: अश्विनी वैष्णव से बैठक, SIR पर जनसभा और पदयात्रा

By Ashish Bhardwaj

जयपुर में आज CM भजनलाल का व्यस्त शेड्यूल: अश्विनी वैष्णव से बैठक, SIR पर जनसभा और पदयात्रा
पुराना टैक्स भरो तभी होगा नया शो! दिलजीत दोसांझ के इंदौर कॉन्सर्ट से पहले निगम का कड़ा अल्टीमेटम

By Aman Vaishnav

पुराना टैक्स भरो तभी होगा नया शो! दिलजीत दोसांझ के इंदौर कॉन्सर्ट से पहले निगम का कड़ा अल्टीमेटम
आज रायपुर और दुर्ग दौरे पर रहेंगे सीएम विष्णुदेव साय, जानिए कब और कहां होंगे कार्यक्रम

By Harrison Masih

आज रायपुर और दुर्ग दौरे पर रहेंगे सीएम विष्णुदेव साय, जानिए कब और कहां होंगे कार्यक्रम