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बार-पब संचालक और शराब ठेकेदार भूपेंद्र उर्फ पिंटू रघुवंशी के 26 अगस्त को सुसाइड केस में शुक्रवार को चौंकाने वाले घटनाक्रम के तहत इसके लिए जिम्मेदार ठहराई जा रही मुंबई की इति तिवारी अचानक थाने में पेश हो गई थी। इति को लग रहा था कि इस तरह वह बच निकलेगी। लेकिन भूपेंद्र की पत्नी के बयान में साफ तौर पर उसे पति की सुसाइड के लिए जिम्मेदार बताया गया। इसके बाद रात को अन्नपूर्णा थाने पर केस दर्ज हुआ और इति की गिरफ्तारी ली गई।
इस धारा में हुआ केस
इति अपने अधिवक्ता जिल शर्मा के साथ थाने पर पेश हुई थी और इस दौरान उसने अपना मोबाइल और बैंक ट्रांजेक्शन की डिटेल पुलिस को दी थी। पुलिस को करीब पांच पन्नों का जवाब दिया और कहा कि यह कोई हनी ट्रैप नहीं था, कभी कोई राशि भूपेंद्र से नहीं ली गई। हमारी करीबी मित्रता थी और मेरे पति और उनकी पत्नी दोनों को पता था।
इति ने मामले को भूपेंद्र के कारोबारी विफलता से जोड़ा और कहा कि उनके एक के बाद एक रेस्टोरेंट में घाटा हो रहा था, फिर पत्नी से विवाद था। इसी के कारण वह डिप्रेशन में थे। लेकिन भूपेंद्र की पत्नी ने इस सुसाइड के लिए इति को आरोपी बताया और कहा कि वह उनके पति को प्रताड़ित कर रही थी, और उन्होंने कहा था कि वह जल्द इससे निकल जाएंगे। लेकिन वह इससे निकल नहीं सके और यह कदम उठा लिया। यह हनी ट्रैप का मामला है। इसके बाद पुलिस ने उस पर आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा 108 के तहत केस कर गिरफ्तारी ले ली।
बचने के लिए कमाई का हवाला दिया
आरोपी इति ने अपने बचाव में कहा कि सुसाइड नोट में लिखा कि मैंने भूपेंद्र से 25 लाख मांगे, यह पूरी गलत है। उन्होंने ऐसा क्यों लिखा पता नहीं, छोटे-मोटे विवाद, बातें तो मित्रता में होती हैं, वही मेरे और भूपेंद्र के बीच में भी थी। लेकिन हनी ट्रैप और ब्लैकमेल का तो सवाल ही नहीं होता। मेरा वेतन एक लाख महीना है और मेरे पति का 3 लाख, हम 4 लाख रुपए हर महीने कमाते हैं तो फिर 25 लाख क्यों मांगूंगी।
![]() इस पूरे घटना में सामने आने वाले किरदार
पत्नी आरती- इनके बयान पर इति पर केस हुआ। भूपेंद्र और पत्नी आरती के बीच भी संबंध अच्छे नहीं थे और दोनों के बीच भी विवाद लगातार थे। इन्हें भी पता था कि भूपेंद्र और इति के संबंध हैं। इति तिवारी- दो साल पहले शोशा क्लब में भूपेंद्र से मुलाकात हुई, तब यह क्लब वही चला रहे थे। इसके बाद मित्रता गहरी हो गई। वह मुंबई से भूपेंद्र से मिलने आती थी और भूपेंद्र भी मुंबई जाता था। भूपेंद्र ने तीन महीने पहले भी अपने अधिवक्ता को ब्लैकमेल होने की कहानी बताई और पुलिस में केस दर्ज करने के लिए शिकायत भी तैयार कराई, लेकिन फिर पीछे हट गए। एक महीना पहले 22 जुलाई को बोहो फार्म पर पार्टी दी और इसमें दोनों साथ थे, हालांकि किसी बात पर दोनों के बीच विवाद भी हुआ। सौरभ शर्मा- भूपेंद्र का गार्ड, हमेशा उसके साथ रहता था। इसे भी दोनों की मित्रता के बारे में पता है और कई बार दोनों के बीच विवाद का चश्मदीद गवाह है। शुभम शर्मा- भूपेंद्र का ड्राइवर, यह लगातार भूपेंद्र के साथ रहता था, इसे भी भूपेंद्र और इति को लेकर हर बात की जानकारी है। दीपेश मोटवानी और श्रीकांत- भूपेंद्र ने इन दोनों का जिक्र सुसाइड नोट में किया है, यह उनके मित्र हैं और इति से 25 लाख में राजीनामा कराया था। | |
भूपेंद्र और इति लगातार बार-पब में जाते थे
करीबी मित्रों को भूपेंद्र और इति को लेकर पूरी जानकारी थी। यह भी पता था कि भूपेंद्र इति के दबाव में रहता है और लगातार उन्हें महंगे गिफ्ट दे रहा है। कई बार विवादों की बातें भी दोस्तों तक आती थीं और फिर कुछ दिन बाद भूपेंद्र और इति किसी बार-पब में फिर साथ दिख जाते थे। ऐसे में सभी को लगा कि मामला शांत हो गया। ऐसे ही घटना 22 जुलाई को हुई, जब जन्मदिन पार्टी में दोनों साथ थे, जबकि इसके दो महीने पहले ही भूपेंद्र ने वकील मित्र से सलाह ली थी कि वह क्या करे इति ब्लैकमेल कर रही है और रेप के केस करने की धमकी दे रही है। भूपेंद्र अचानक इस तरह का कदम उठा लेगा, इसका किसी को भी भान नहीं था।
भूपेंद्र को आशंका थी कि महिला के पीछे पूरी गैंग
इस मामले में रघुवंशी ने अपने दोस्तों को आशंका जताई थी कि इति अकेले इतने रुपए नहीं ऐंठ सकती और ना ही इस तरह से ब्लैकमेल कर सकती है, जरूर इसके पीछे कोई लोग हैं। उन्हें आशंका थी कि पूरी गैंग इसके लिए काम कर रही है और गैंग ही रुपए ऐंठ रही है और ब्लैकमेल कर रही है।
यह लिखा सुसाइड नोट में
मेरे मरने के बाद मेरे घरवालों और दोस्तों को कोई परेशान न करें। इति के साथ मेरा रिश्ता दो साल से ज्यादा चला। शुरू में सब ठीक था, लेकिन मुंबई जाने के कुछ समय बाद उसने धमकी देना शुरू कर दिया। वह मुझे डराती थी कि रेप केस लगवा देगी। मुंबई में किन लोगों से उसका संपर्क है या उसके पीछे कौन लोग हैं, यह साफ नहीं है। मुंबई या इंदौर, दोनों जगह से वह दबाव बनाती रही। हंगामा किया तो मामला 25 लाख में सुलझा। उसे किसी का गलत सपोर्ट मिला और उसने मुझे पूरी तरह घर में कैद कर दिया। उसने मुझे कई बार कहा कि केस लगवा दूंगी। मुझे नहीं पता इसके पीछे कौन-कौन लोग हैं। मेरा फोन हैक करवा रखा है। मुझसे कहती है कि उसके पास पूरा रिकॉर्ड है। इसके पति को हमारे बारे में पता है, लेकिन इस मामले में वह शायद ही इनवॉल्व हो। इन सबके पीछे कौन-कौन है, यह नहीं समझ पा रहा। वह अकेली तो ये सब नहीं कर सकती। आज फिर ऐसा लग रहा है कि ये रिपोर्ट कर सकती है या करवा सकती है। जब ये इंदौर आई थी, इसने मेरे दोनों फोन को गाड़ी के दोनों पहियों के बीच रखवाकर तुड़वा दिए।
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