बार-पब संचालक भूपेंद्र रघुवंशी ने जिस इति तिवारी से हनी ट्रैप की बात कही, वह थाने पहुंची, बोली नहीं मांगे रुपए

Sanjay Gupta | Aug 29, 2025, 20:21 IST
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Photograph: (The Sootr)

बार-पब संचालक भूपेंद्र रघुवंशी के सुसाइड केस में इति तिवारी ने थाने पहुंचकर आरोपों का खंडन किया। उसने कहा कि उसने कभी भूपेंद्र से पैसे नहीं मांगे और न ही ब्लैकमेल किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी पक्षकारों के बयान लिए जा रहे हैं।

INDORE. बार-पब संचालक और शराब ठेकेदार भूपेंद्र उर्फ पिंटू रघुवंशी के सुसाइड केस में शुक्रवार को चौंकाने वाले घटनाक्रम के तहत इसके लिए जिम्मेदार ठहराई जा रही इति तिवारी थाने में पेश हो गई। वह अपने वकील जिल शर्मा के साथ थाने पहुंची। भूपेंद्र ने अपने चार पन्नों के सुसाइड नोट में मुंबई की इति तिवारी को ही जिम्मेदार बताया था और लिखा था कि वह परेशान कर रही है, लगतार ब्लैकमेल किया जा रहा है।

थाने में यह बोली इति तिवारी

मुंबई से आई इति तिवारी ने कहा कि भूपेंद्र से गहरी मित्रता थी इसका मैं कोई खंडन नहीं करूंगी। लेकिन कभी भी दुष्कर्म का केस कराने, पुलिस में शिकायत कराने, रुपए मांगने, हनी ट्रैप करने जैसी बात नहीं हुई, यह सभी फालतू बाते हैं। भूपेंद्र की मौत की खबर मेरे लिए भी चौंकाने वाली थी, बाद में पता चला कि सुसाइड नोट मिला है और इसमें मेरा नाम है तो मैं मुंबई से इंदौर आ गई और खुद थाने में आकर बयान दे रही हूं। महिला ने मोबाइल फोन और अपने खाते के ट्रांजेक्शन भी पुलिस को जब्ती में दे दिए हैं।

हमारी खुद की महीने की कमाई 4 लाख, 25 क्यों मांगूंगी

इति तिवारी ने कहा कि सुसाइड नोट में लिखा कि मैंने भूपेंद्र से 25 लाख मांगे, यह पूरी गलत है। उन्होंने ऐसा क्यों लिखा पता नहीं, छोटे-मोटे विवाद, बातें तो मित्रता में होती है, वही मेरे और भूपेंद्र के बीच में भी थी। लेकिन हनी ट्रैप और ब्लैकमेल का तो सवाल ही नहीं होता। मेरा वेतन एक लाख महीना है और पति का 3 लाख, हम 4 लाख रुपए हर महीने कमाते हैं तो फिर 25 लाख क्यों मांगूगी। उसने यह भी कबूला कि मेरे पति को और भूपेंद्र की पत्नी को हमारी मित्रता के बारे में पता था।

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4 पॉइंट्स में समझें पूरी खबर...

इति तिवारी ने आरोपों का खंडन किया: बार-पब संचालक भूपेंद्र रघुवंशी के सुसाइड नोट में इति तिवारी को ब्लैकमेलिंग और हनी ट्रैप का जिम्मेदार ठहराया गया था, लेकिन उसने थाने पहुंचकर इन आरोपों का खंडन किया और कहा कि उसने कभी पैसे नहीं मांगे और न ही कोई अवैध गतिविधि की।

इति ने बयान दिया: इति ने कहा कि भूपेंद्र से उसकी गहरी दोस्ती थी, लेकिन कभी भी रुपये मांगने, हनी ट्रैप करने या दुष्कर्म की कोई बात नहीं हुई। उसने अपने मोबाइल ट्रांजैक्शन और खाता जानकारी भी पुलिस को दे दी।

वकील का बयान: इति के वकील ने कहा कि उन्हें पुलिस से कोई नोटिस नहीं मिला था, लेकिन वे खुद बयान देने के लिए थाने पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि पुलिस के पास सुसाइड नोट के अलावा उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है और वे कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।

पुलिस की जांच जारी: एसीपी शिवेंद्र जोशी ने कहा कि सुसाइड नोट में आए सभी पक्षकारों और परिजनों के बयान लिए जा रहे हैं और इसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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वकील ने यह बताया

इति तिवारी के वकील जिल शर्मा ने द सूत्र को बताया कि हमे पुलिस से कोई नोटिस नहीं मिला था, हम खुद यहां बयान के लिए आए थे लेकिन पुलिस ने कहा कि अभी यहीं बैठना होगा, तो वह बैठ गई। हमने खुद सरेंडर किया है, अभी तो एफआईआर भी महिला पर नहीं है। पुलिस के पास सुसाइड नोट के सिवा कुछ नहीं है हमारे खिलाफ। कोई ट्रांजेक्शन नहीं हुआ और ना ही कभी मोबाइल पर इस तरह की बात हुई है। हमने तो पुलिस की मुश्किल आसान की है और खुद ही बिना बुलाए आ गए और बयान दे दिया। हम आगे कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। एक व्यक्ति की मौत हुई है और इसका दुख है, लेकिन उनके पारिवारिक विवाद, कारोबार में एक के बाद एक रेस्त्रां का फेल होना, इसके चलते वह डिप्रेशन में थे और इसमें सुसाइड नोट में बेवजह नाम लिखा है।

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पुलिस यह बोली

वहीं एसीपी शिवेंद्र जोशी ने कहा कि सभी पक्षकार जो भी सुसाइड नोट में आए हैं और परिजन सभी के बयान के लिए जा रहे हैं और सभी को बयान के लिए बुलाया जा रहा है। इसी के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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