ब्राह्मणों को आबादी के अनुसार मिले आरक्षण : रिटायर्ड IAS नियाज खान

रिटायर्ड IAS नियाज खान ने ब्राह्मणों के लिए आबादी के आधार पर आरक्षण की मांग की है। जानिए उन्होंने सनातन धर्म और ब्राह्मणों की स्थिति पर क्या कहा।

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Sanjay Dhiman
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Brahmins should get reservation according to population Retired IAS Niaz Khan

Photograph: (the sootr)

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NEWS IN SHORT

  • रिटायर्ड IAS नियाज खान ने ब्राह्मणों को आबादी के अनुसार आरक्षण देने की वकालत की।
  • उनका कहना है कि ब्राह्मणों का विकास राष्ट्र की धार्मिक और सांस्कृतिक मजबूती के लिए जरूरी है।
  • उन्होंने सरकार से आरक्षण पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है।
  • सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
  • नियाज खान पहले भी ब्राह्मणों और समाज के विभिन्न मुद्दों पर बेबाक बयान दे चुके हैं। 

NEWS IN DETAIL

BHOPAL. मध्य प्रदेश के रिटायर्ड IAS अधिकारी नियाज खान हमेशा अपने बेबाक बयानों के लिए चर्चा में रहते हैं। इस बार उन्होंने ब्राह्मण समाज को आरक्षण देने की वकालत की है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। नियाज खान का कहना है कि ब्राह्मणों को समाज के दूसरे वर्गों के समान आरक्षण मिलना चाहिए। उनके अनुसार, ब्राह्मणों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को बेहतर करने के लिए यह कदम आवश्यक है।

ब्राह्मणों की भूमिका

नियाज खान का मानना है कि ब्राह्मण सनातन धर्म के संरक्षक रहे हैं और उनके बिना यह धर्म नहीं बच सकता। उन्होंने एक्स (Twitter) पर लिखा, "ब्राह्मणों के बिना सनातन धर्म की रक्षा असंभव है, इसलिए उनका सर्वांगीण विकास जरूरी है।" खान का तर्क है कि जब ब्राह्मण मजबूत होगा, तब देश की धार्मिक और सांस्कृतिक धारा भी मजबूत होगी। इसलिए उनके विकास के लिए आरक्षण का प्रावधान किया जाना चाहिए।

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आरक्षण पर गंभीरता से विचार

नियाज खान ने सरकार और नीति निर्माताओं से अपील की है कि इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करें। उनका कहना है कि केवल प्रतीकात्मक सम्मान से काम नहीं चलेगा, बल्कि इस वर्ग को आरक्षण जैसी संवैधानिक मदद भी मिलनी चाहिए। इसके बिना, समाज का एक महत्वपूर्ण वर्ग कभी भी पूरी तरह से समाज में समाहित नहीं हो सकता।

सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया

नियाज खान के इस बयान पर सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। जहां एक ओर ब्राह्मण संगठनों और कुछ यूजर्स ने उनका समर्थन किया है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों ने इसे जातिगत राजनीति और मौजूदा आरक्षण व्यवस्था पर सवाल उठाने वाला बयान करार दिया है।

उनकी बातों का समर्थन करने वालों का कहना है कि जब समाज का एक बड़ा वर्ग, जैसे ब्राह्मण, आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत होगा, तो समाज में असमानता कम होगी। वहीं विरोधी पक्ष का कहना है कि इस तरह के बयानों से आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था पर सवाल खड़ा होता है, जो कई सालों से समाज के कमजोर वर्गों के लिए लाभकारी साबित हो रही है।

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नियाज खान की पहले की टिप्पणियां

नियाज खान की यह टिप्पणी पहली बार नहीं है जब उन्होंने सनातन धर्म और ब्राह्मण समाज के बारे में कुछ कहा हो। इससे पहले भी, उन्होंने ब्राह्मणों की बुद्धिमत्ता और उनके योगदान की सराहना की थी। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से भी शाकाहारी बनने और गो-रक्षकों से विवाद न करने की अपील की थी। उनकी चर्चित किताबों में भी वे सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर अपने विचार रख चुके हैं।

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