बीएसपी ने प्रत्याशियों की दूसरी लिस्ट जारी की, जबलपुर पूर्व से बालकिशन, सोनकच्छ से डॉ मालवीय को बनाया उम्मीदवार
Chandresh Sharma | Sept 29, 2023, 24:00 IST
बीएसपी ने प्रत्याशियों की दूसरी लिस्ट जारी की, जबलपुर पूर्व से बालकिशन, सोनकच्छ से डॉ मालवीय को बनाया उम्मीदवार
मध्यप्रदेश समेत 4 राज्यों के विधानसभा चुनाव अकेले की दम पर लड़ने का ऐलान कर चुकी मायावती की पार्टी बीएसपी भी बीजेपी के नक्शेकदम चल रही है। पार्टी ने प्रत्याशियों की अपनी दूसरी लिस्ट गुरुवार को जारी कर दी।
BHOPAL. मध्यप्रदेश समेत 4 राज्यों के विधानसभा चुनाव अकेले की दम पर लड़ने का ऐलान कर चुकी मायावती की पार्टी बीएसपी भी बीजेपी के नक्शेकदम चल रही है। पार्टी ने प्रत्याशियों की अपनी दूसरी लिस्ट गुरुवार को जारी कर दी। इसमें 9 सीटों से उम्मीदवार घोषित किए गए हैं। लिस्ट में कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे सज्जन सिंह वर्मा की सीट सोनकच्छ से डॉ एसएस मालवीय को उम्मीदवार घोषित किया गया है, वहीं लखन घनघोरिया की सीट जबलपुर पूर्व से बालकिशन को उम्मीदवार डिक्लेयर किया गया है।
इन 9 सीटों से उतारे उम्मीदवार
बहुजन समाज पार्टी ने जबलपुर पूर्व से बालकिशन चौधरी, भिंड से रक्षपाल सिंह, सोनकच्छ से डॉ एसएस मालवीय, अमरपाटन से छंगेलाल कोल, बैरसिया से विश्राम सिंह बौद्ध, सीहोर से कमलेश दोहरे, घट्टिया से जीवन सिंह देवड़ा, गुन्नौर से देवीदीन आशु, चंदला से दीनदयाल अहिरवार को उम्मीदवार घोषित किया है।
सुरक्षित सीटों पर निर्णायक होते हैं बीएसपी उम्मीदवार
बहुजन समाज पार्टी के लिए दलित समाज कोर वोट बैंक रहा है। बीते कुछ सालों में इसमें कमी जरूर आई है लेकिन आज भी सुरक्षित सीटों पर बीएसपी उम्मीदवार का परफॉर्मेंस निर्णायक साबित होता है। बीएसपी का यूपी से सटे चंबल संभाग और सतना संभाग समेत बुंदेलखंड में खासा दखल है। बीएसपी खुद भले ही ज्यादा सीटें न ला पाती हो लेकिन बीजेपी-कांग्रेस की जीत-हार तय करने में खासी भूमिका निभाती है।
इन 9 सीटों से उतारे उम्मीदवार
बहुजन समाज पार्टी ने जबलपुर पूर्व से बालकिशन चौधरी, भिंड से रक्षपाल सिंह, सोनकच्छ से डॉ एसएस मालवीय, अमरपाटन से छंगेलाल कोल, बैरसिया से विश्राम सिंह बौद्ध, सीहोर से कमलेश दोहरे, घट्टिया से जीवन सिंह देवड़ा, गुन्नौर से देवीदीन आशु, चंदला से दीनदयाल अहिरवार को उम्मीदवार घोषित किया है।
सुरक्षित सीटों पर निर्णायक होते हैं बीएसपी उम्मीदवार
बहुजन समाज पार्टी के लिए दलित समाज कोर वोट बैंक रहा है। बीते कुछ सालों में इसमें कमी जरूर आई है लेकिन आज भी सुरक्षित सीटों पर बीएसपी उम्मीदवार का परफॉर्मेंस निर्णायक साबित होता है। बीएसपी का यूपी से सटे चंबल संभाग और सतना संभाग समेत बुंदेलखंड में खासा दखल है। बीएसपी खुद भले ही ज्यादा सीटें न ला पाती हो लेकिन बीजेपी-कांग्रेस की जीत-हार तय करने में खासी भूमिका निभाती है।
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