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Photograph: (the sootr)
NEWS IN SHORT
- रघु ठाकुर ने जंतर-मंतर पर धरना देकर बुंदेलखंड के लिए रेल बजट की मांग।
- बुलेट ट्रेन पर लाख करोड़ खर्च, पर बुंदेलखंड की रेल को बजट नहीं।
- मेजर ध्यानचंद और हरिसिंह गौर को 'भारत रत्न' देने की मांग।
- सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार की नीतियों को किसान-विरोधी करार दिया।
- जनप्रतिनिधियों की चुप्पी और केन-बेतवा प्रोजेक्ट में देरी पर नाराजगी जताई गई।
NEWS IN DETAIL
New Delhi. बुंदेलखंड क्षेत्र, जो लगातार पिछड़ेपन का सामना कर रहा है, को रेल सेवाओं की भारी जरूरत है। जब देश में बुलेट ट्रेन के लिए एक लाख करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं, वहीं इस क्षेत्र को बुनियादी रेल नेटवर्क के लिए भी जरूरी संसाधन नहीं मिल रहे। यह सवाल बुंदेलखंड के सर्वदलीय संघर्ष मोर्चा ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर उठाया। मोर्चे के नेता रघु ठाकुर ने कहा कि यदि सरकार सही नीतियों के साथ बजट आवंटित करती तो यह क्षेत्र समस्याओं से जूझने की बजाय विकास करता।
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बुंदेलखंड के विकास के लिए रेल सेवा जरूरी
रघु ठाकुर ने कहा कि अगर सरकार रेल सेवाओं के लिए जरूरी बजट देती तो बुंदेलखंड के विकास को गति मिल सकती थी। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने की आवश्यकता है। रेलवे लाइन के विस्तार पर जोर दिया गया है। भिंड-बांदा-महोबा, ललितपुर-सागर, सागर-छिंदवाड़ा जैसे मार्गों पर रेल सेवा शुरू करने की मांग की गई।
बुंदेलखंड के पर्यटन पर ध्यान देना जरूरी
रघु ठाकुर के नेतृत्व में धरने के दौरान बुंदेलखंड में पर्यटन कॉरिडोर विकसित करने की भी मांग उठाई गई। यह क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहरों से भरा हुआ है, जिसे अगर सही तरीके से प्रचारित किया जाए तो यह पर्यटकों को आकर्षित कर सकता है। इससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो सकता है।
संजय सिंह ने की केंद्र की आलोचना
आप सांसद संजय सिंह ने केन्द्र सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने खासकर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध किया। समझौते से भारतीय किसानों के लिए नुकसान की संभावना जताई गई है। संजय सिंह ने कहा कि यह समझौता किसानों के लिए ‘डेथ वारंट’ जैसा है, जिससे उनकी स्थिति और बिगड़ेगी।
भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ आवाज़
रघु ठाकुर ने भ्रष्टाचार और बेरोजगारी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ जनप्रतिनिधि, जो क्षेत्रीय हितों के लिए आवाज उठाने के बजाय चुप रहते हैं, बंधुआ मजदूर की तरह व्यवहार कर रहे हैं। यह स्थिति उस समय और अधिक बढ़ी जब राज्य के मुख्यमंत्री लोकलुभावन घोषणाएं कर रहे हैं।
विकास योजनाओं में विलंब
रघु ठाकुर ने अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा छतरपुर में केन-वेतवा परियोजना की घोषणा का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को लागू करने में 20 साल से भी ज्यादा समय लग गया। यह भी एक बड़ा उदाहरण है कि सरकार किस तरह विकास योजनाओं को टालती रहती है, जबकि जनता को उनके अधिकार नहीं मिल पाते।
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सार्वजनिक समर्थन
धरने में बुंदेलखंड, छत्तीसगढ़ और विदर्भ से विभिन्न समाजसेवी और राजनेता शामिल हुए। नेताओं ने इस क्षेत्र के विकास के लिए एकजुट होकर सरकार की नीतियों का विरोध किया। बुंदेलखंड के लिए विशेष ध्यान देने की मांग की।
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