त्योहारों में सोना-चांदी खरीद रहे हैं! सावधान रहें कहीं आपके गहनों का हॉलमार्क नकली तो नहीं
राहुल दवे @ Indore. दिवाली और शादी का सीजन शुरू हो चुका है। बाजारों में सोना-चांदी की खरीदारी जोरों पर है। हर कोई भरोसे के साथ कहता है, हमने तो हॉलमार्क वाला ही सोना लिया। लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या वो हॉलमार्क असली है या नकली?
जी हां, बाजार में अब ऐसे गहने भी आ चुके हैं जिन पर नकली हॉलमार्क छपा होता है। ऐसे में सिर्फ मुहर देखकर भरोसा करना खतरनाक साबित हो सकता है। सोना या चांदी खरीदने से पहले उसके हॉलमार्क की डिजिटल जांच जरूर करें।
त्योहारों के मौसम में कई दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर ग्राहकों को डिस्काउंट और ऑफर दिए जा रहे हैं। ऐसे में आम लोगों को संशय रहता है कि कहीं यहां डुप्लीकेट या मिलावटी ज्वेलरी तो नहीं बेची जा रही है। ऐसे में जरूरी है कि आप खरीदारी से पहले कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखें। साथ ही यह जांच लें कि आपका गहना वास्तव में हॉलमार्क्ड (Hallmarked) है या नहीं।
क्या है हॉलमार्क और क्यों जरूरी है?
हॉलमार्क एक सरकारी प्रमाण है जो सोना या चांदी की शुद्धता (Purity) को दर्शाता है। यह निशान BIS (Bureau of Indian Standards) द्वारा दिया जाता है। यानी अगर आपके गहने पर BIS का हॉलमार्क है तो इसका मतलब है कि उसकी शुद्धता सरकारी मानकों के अनुसार जांची और प्रमाणित की गई है। चांदी पर सामान्यतः “BIS 925” लिखा होता है। इसका अर्थ है कि उस ज्वेलरी में 92.5% शुद्ध चांदी है। सोने पर हॉलमार्क के साथ कैरेट (22K, 18K आदि) का भी जिक्र होता है।
कैसे जांचें कि हॉलमार्क असली है या नहीं?
अब सरकार ने नकली हॉलमार्क से बचाने के लिए एक डिजिटल तरीका भी दिया है। इसका नाम है - ‘BIS CARE App’ (यह ऐप Google Play Store और Apple App Store दोनों पर उपलब्ध है।)
ऐप से ऐसे करें जांच
सबसे पहले गहने पर लिखा 6 अंकों का HUID नंबर देखें। यह गोल्ड में हॉलमार्क के ठीक नीचे या पास में खुदा होता है। इस नंबर को BIS Care App में डालें। ऐप तुरंत दिखा देगा कि यह ज्वेलरी किस ज्वेलर ने बनाई है और किस शहर में बनी है और इसकी शुद्धता कितनी है। अगर ऐप पर जानकारी मिलती नहीं या गलत दिखाई देती है, तो समझिए कि आपका हॉलमार्क नकली है।
मिलावट कैसे पकड़ें
कुछ दुकानदार 22 कैरेट की जगह 18 कैरेट का सोना, या 92.5% चांदी की जगह 70% शुद्धता वाली ज्वेलरी बेच देते हैं। आप चाहें तो किसी भी BIS-मान्यता प्राप्त ज्वेलरी टेस्टिंग लैब में जाकर इसकी जांच करा सकते हैं। वहां सोना या चांदी की शुद्धता कुछ ही मिनटों में टेस्ट हो जाती है।
इन बातों का रखें ध्यान
- खरीदारी हमेशा BIS सर्टिफाइड ज्वेलर से ही करें।
- हर गहने के साथ बिल और हॉलमार्क सर्टिफिकेट लेना न भूलें।
- “नो बिल - डिस्काउंट” वाले ऑफर्स से बचें।
- ऑनलाइन खरीदारी करते समय केवल ट्रस्टेड ब्रांड या BIS वेबसाइट से जुड़े प्लेटफॉर्म ही चुनें।
बाजार में नकली हॉलमार्क वाले गहनों की संख्या बढ़ी
इंदौर के ज्वेलरी विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार बाजार में नकली हॉलमार्क वाले गहनों की संख्या बढ़ी है। ग्राहक को केवल ‘हॉलमार्क लिखा है’ देखकर नहीं, बल्कि उसका डिजिटल वेरिफिकेशन भी जरूर करना चाहिए।