इंदौर का हाथी मोती अब कहीं नहीं जाएगा, हाई पावर कमेटी ने ट्रांसफर रोका, जनता की भावनाओं ने बदला फैसला
Sanjay Dhiman | Oct 16, 2025, 21:37 IST
Photograph: (the sootr)
इंदौर चिड़ियाघर का हाथी मोती अब कहीं नहीं जाएगा। अनंत अंबानी के 'वनतारा प्रोजेक्ट' में मोती को भेजने की चर्चा थी। विरोध को देखते हुए हाई पावर कमेटी ने फैसला बदल लिया है।
RAHUL DAVE@INDORE. इंदौर के चिड़ियाघर का शाही हाथी मोती अब इंदौर से कहीं नहीं जाएगा। अनंत अंबानी के वनतारा प्रोजेक्ट में मोती के ट्रांसफर की चर्चा थी। जनता के विरोध के बाद आखिरकार हाई पावर कमेटी ने बड़ा फैसला लिया है। मध्यप्रदेश शासन के चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन की ओर से एक चिट्ठी जारी की गई है। इसमें साफ लिखा गया है कि मोती का फिलहाल किसी भी अन्य स्थान पर ट्रांसफर नहीं किया जाएगा।
![883a077b-253]()
![d079ea38-904]()
पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया से लेकर स्कूलों तक बच्चों, नागरिकों और पशुप्रेमियों ने मोती को इंदौर में ही रखने की मांग की थी। लोगों ने मोती के साथ गहरा भावनात्मक जुड़ाव दिखाया। आखिरकार, जनता की यह आवाज शासन तक पहुंची और अब इसका असर भी साफ दिखा।
यह खबरें भी पढ़ें...
इंदौर में 454 करोड़ का रियल एस्टेट सौदा करने वाली तीर्थ गोपीकॉन कंपनी को नहीं मिलेगी बैंक गारंटी की राशि
इंदौर त्रिशला हाउसिंग सोसायटी चुनाव से सुप्रीम कोर्ट नाराज, चुनाव रोके, हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस नियुक्त
मध्य प्रदेश शासन के चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन की ओर से आए पत्र में कहा गया है कि इंदौर जू में मौजूद हाथी मोती फिलहाल वहीं रहेगा। उसके स्वास्थ्य और आयु को देखते हुए ट्रांसफर उचित नहीं है। पत्र में आगे कहा गया कि मोती के अकेलेपन को दूर करने के लिए एक फीमेल हाथी की व्यवस्था की जाएगी, ताकि उसका मानसिक संतुलन बना रहे।
इंदौर प्रशासन ने अब देश के विभिन्न चिड़ियाघरों को पत्र लिखकर एक मादा हाथी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। जू प्रभारी डॉ. उत्तम यादव ने कहा मोती की सुरक्षा और मानसिक शांति हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जैसे ही उपयुक्त साथी हाथी उपलब्ध होगा, मोती की पेयरिंग की जाएगी।
यह खबरें भी पढ़ें...
BJP इंदौर नगर कार्यकारिणी में विधानसभा दो और चार में ऐसे तालमेल बैठा रहे सुमित मिश्रा, नजरें घोषणा पर
इंदौर में 24 किन्नरों ने एक साथ पिया फिनाइल, एक ने की आत्मदाह की कोशिश, जानें पूरा मामला
वनतारा प्रोजेक्ट द्वारा देशभर से हाथियों को संरक्षण देने की योजना में मोती का नाम जुड़ने से विवाद खड़ा हुआ था। चार कमेटियों की जांच रिपोर्ट के बाद अब यह साफ है कि मोती पूरी तरह स्वस्थ, सुरक्षित और अपने परिचित माहौल में खुश है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि इस उम्र में ट्रांसफर उसके लिए मानसिक और शारीरिक रूप से खतरनाक हो सकता था।
मोती सिर्फ इंदौर जू का हिस्सा नहीं, बल्कि शहर के दिल की धड़कन है। जनता की भावना, मीडिया की आवाज़ और प्रशासन की संवेदनशीलता ने मिलकर इस फैसले को जन्म दिया है। अब सबकी निगाहें एक ही बात पर हैं कि इंदौर का मोती अब यहीं रहेगा, अपनी धरती पर, अपनी जनता के बीच।
883a077b-253
d079ea38-904
इंदौरवासियों की आवाज ने बदला फैसला
यह खबरें भी पढ़ें...
इंदौर में 454 करोड़ का रियल एस्टेट सौदा करने वाली तीर्थ गोपीकॉन कंपनी को नहीं मिलेगी बैंक गारंटी की राशि
इंदौर त्रिशला हाउसिंग सोसायटी चुनाव से सुप्रीम कोर्ट नाराज, चुनाव रोके, हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस नियुक्त
इंदौर जू में ही रहेगा मोती
शाही हाथी मोती के ट्रांसफर और विरोध को ऐसे समझेंमोती का ट्रांसफर रोका: इंदौर के चिड़ियाघर का शाही हाथी मोती अब किसी अन्य स्थान पर ट्रांसफर नहीं होगा, हाई पावर कमेटी ने फैसला बदल दिया है। जनता का विरोध: इंदौरवासियों ने सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर मोती को इंदौर में ही रखने की मांग की, जिसे सरकार ने गंभीरता से लिया। मादा हाथी की व्यवस्था: मोती के अकेलेपन को दूर करने के लिए प्रशासन ने एक मादा हाथी की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। वनतारा प्रोजेक्ट से विवाद: मोती का नाम वनतारा प्रोजेक्ट से जुड़ने के कारण विवाद खड़ा हुआ था, लेकिन विशेषज्ञों ने ट्रांसफर को मानसिक और शारीरिक रूप से खतरनाक बताया। मोती इंदौर में ही रहेगा: मोती अब इंदौर के चिड़ियाघर में ही रहेगा, जहां उसे मानसिक शांति और सुरक्षा प्रदान की जाएगी। |
हाथी मोती की साथी की तलाश शुरू
यह खबरें भी पढ़ें...
BJP इंदौर नगर कार्यकारिणी में विधानसभा दो और चार में ऐसे तालमेल बैठा रहे सुमित मिश्रा, नजरें घोषणा पर
इंदौर में 24 किन्नरों ने एक साथ पिया फिनाइल, एक ने की आत्मदाह की कोशिश, जानें पूरा मामला
वनतारा विवाद पर फिलहाल विराम
मोती सिर्फ इंदौर जू का हिस्सा नहीं, बल्कि शहर के दिल की धड़कन है। जनता की भावना, मीडिया की आवाज़ और प्रशासन की संवेदनशीलता ने मिलकर इस फैसले को जन्म दिया है। अब सबकी निगाहें एक ही बात पर हैं कि इंदौर का मोती अब यहीं रहेगा, अपनी धरती पर, अपनी जनता के बीच।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari