सांसद-विधायक को पेंशन, तो हमें क्यों नहीं? भोपाल में शिक्षकों का धरना, टीईटी का विरोध और पुरानी पेंशन की मांग

Sanjay Dhiman | Sootr Assets | Oct 04, 2026, 16:49 IST
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भोपाल में धरना: टीईटी विरोध में उतरे मध्य प्रदेश के शिक्षक, पुरानी पेंशन की भी मांग<br>
भोपाल में धरना: टीईटी विरोध में उतरे मध्य प्रदेश के शिक्षक, पुरानी पेंशन की भी मांग

टीईटी के विरोध में रविवार को मध्य प्रदेश के सैकड़ों शिक्षक भोपाल पहुंचे। अंबेडकर पार्क में शिक्षक संघर्ष समिति के बैनर तले धरना चल रहा है। शिक्षकों का कहना है कि वे शिक्षक पात्रता(TET) परीक्षा किसी हाल में नहीं देंगे। वे पुरानी पेंशन की भी मांग कर रहे हैं। स्कूल शिक्षा और ट्राइबल विभाग के करीब 1.5 लाख शिक्षक इस परीक्षा के दायरे में आते हैं।

मध्य प्रदेश के शिक्षक अब टीईटी देने को तैयार नहीं हैं। रविवार को प्रदेशभर से सैकड़ों शिक्षक भोपाल पहुंचे। उन्होंने साफ कहा कि टीईटी रद्द करने की मांग से वे पीछे नहीं हटेंगे।

राजधानी भोपाल के अंबेडकर पार्क में शिक्षकों का धरना चल रहा है। शिक्षक पुरानी पेंशन की मांग भी कर रहे है।

समझें क्या है पूरा मामला

शिक्षक पात्रता परीक्षा (Teacher Eligibility Test) के विरोध में भोपाल में शिक्षक जुटे। शिक्षक संघर्ष समिति के बैनर तले अंबेडकर पार्क में धरना चल रहा है। मांग है कि टीईटी तुरंत रद्द हो और पुरानी पेंशन लागू हो। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने परीक्षा एजेंसी तय की। यह परीक्षा करीब 1.5 लाख शिक्षकों के दायरे में आती है।

भोपाल में धरना कहां और कब?

रविवार सुबह 11 बजे से अंबेडकर पार्क में शिक्षक जुटने लगे। दोपहर 1 बजे से भोपाल में धरना शुरू हो गया। यह पार्क लिंक रोड नंबर-2 पर है।

वरिष्ठता बहाली मंच भी इस प्रदर्शन में साथ है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर संभाग से शिक्षक आए हैं। चंबल, जबलपुर, शहडोल, सागर और रीवा संभाग के जिलों से शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हैं।

दस संभागों के शिक्षक आज राजधानी में साथ बैठे हैं। सबकी मांग एक ही है: टीईटी तुरंत रद्द हो।

टीईटी रद्द करने की मांग क्यों?

टीईटी वह पात्रता परीक्षा है, जो शिक्षक बनने की योग्यता जांचती है। सरकार अब पहले से नौकरी कर रहे शिक्षकों की भी परीक्षा लेगी। टीईटी विरोध में शामिल शिक्षकों ने इसे सरकार की गलत नीति बताया। वे किसी भी सूरत में परीक्षा नहीं देंगे।

सोचिए एक बार। सालों तक कक्षा संभालने वाला शिक्षक अब परीक्षा देने बैठे, तो कैसा लगेगा? अध्यापक संघर्ष समिति के पदाधिकारी भारत भार्गव ने अपनी बात रखी। भार्गव के मुताबिक चयन डीएड (D.Ed. – Diploma in Education) पात्रता से हुआ। बीएड (B.Ed. – Bachelor of Education) की पात्रता से भी चयन हुआ।

टीईटी पर क्या बोले भारत भार्गव?

अध्यापक संघर्ष समिति के भारत भार्गव ने कहा कि सरकार टीईटी लेने का फैसला कर राष्ट्र निर्माता को शर्मिंदा कर रही है। 1998 या इससे बाद के शिक्षकों की परीक्षा लेंगे तो क्या ये सही है? हम D.Ed.-B.Ed. की पात्रता से ही चयनित हुए। हम डर नहीं रहे। लेकिन क्या दादा-दादी, नाना-नानी की उम्र में सरकार हमारी परीक्षा लेगी?


उन्होंने कहा कि नाराजगी सिर्फ परीक्षा तक सीमित नहीं है। वेतन और सेवा का हिसाब भी विवाद में है।

टीईटी नहीं देंगे, भोपाल में गरजे प्रदेशभर के शिक्षक
टीईटी नहीं देंगे, भोपाल में गरजे प्रदेशभर के शिक्षक

भार्गव ने साल गिनाकर बताया हिसाब

भार्गव के अनुसार सरकार ने हमें 10 साल का छठा वेतनमान नहीं दिया। ढाई साल का सातवां वेतनमान भी नहीं मिला। हमारी 20 साल की सेवाएं शून्य कर दी गईं। उनकी नियुक्ति 1998 में हुई थी। अब 28 साल हो गए हैं। सरकारी पोर्टल पर सेवाएं सिर्फ 8 साल की दिखाई जा रही हैं।

वेतनमान यानी सरकारी कर्मचारी के वेतन का तय ढांचा। भार्गव के हिसाब से रिकॉर्ड में 20 साल का फर्क है। सवाल यही है: 28 साल की सेवा रिकॉर्ड में 8 साल क्यों? इन दावों पर सरकारी पक्ष अभी सामने नहीं आया है।

पुरानी पेंशन की मांग क्या है?

पुरानी पेंशन स्कीम (OPS – Old Pension Scheme) में रिटायरमेंट के बाद पेंशन मिलती है। यानी रिटायर होने पर आमदनी का एक तय सहारा रहता है। शिक्षक इसी को अपने लिए लागू करने की मांग कर रहे हैं।

सांसद-विधायक को पेंशन, हमें क्यों नहीं?


सांसद और विधायक आजीवन पेंशन, वेतन और भत्ते लेते हैं। हमने कभी इस पर आपत्ति नहीं जताई। फिर सरकार शिक्षकों समेत कर्मचारियों की पुरानी पेंशन स्कीम लागू क्यों नहीं कर रही?
By: भारत भार्गव, पदाधिकारी, अध्यापक संघर्ष समिति
सवाल सीधा है। शिक्षक पूछ रहे हैं कि जनप्रतिनिधियों को पेंशन मिले, तो उन्हें क्यों नहीं?

  1. मध्य प्रदेश के शिक्षकों ने टीईटी के विरोध में धरना क्यों दिया है?
    मध्य प्रदेश के शिक्षकों ने टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) को रद्द करने और पुरानी पेंशन लागू करने की मांग के लिए धरना दिया है। शिक्षकों का मानना है कि परीक्षा लेना गलत है क्योंकि वे पहले ही D.Ed. और B.Ed. की पात्रता से नौकरी कर चुके हैं।
  2. भोपाल में शिक्षकों का धरना कब और कहां आयोजित किया गया?
    भोपाल में शिक्षकों का धरना रविवार को अंबेडकर पार्क में आयोजित किया गया, जो सुबह 11 बजे से शुरू हुआ। इस धरनें में पूरे प्रदेश से शिक्षकों के आने की बात कही जा रही है।
  3. पुरानी पेंशन की मांग क्यों की जा रही है?
    शिक्षक पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) की मांग कर रहे हैं क्योंकि यह रिटायरमेंट के बाद एक निश्चित आय सुनिश्चित करती है। शिक्षक सवाल उठाते हैं कि सांसदों और विधायकों को पेंशन मिलती है, तो उन्हें क्यों नहीं?
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