चंबल नदी में अवैध रेत खनन: सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद परिवहन विभाग के 7 अफसरों के तबादले

Amresh Kushwaha | Jun 02, 2026, 12:37 IST
chambal illegal sand mining supreme court 7 rto transfers
चंबल में अवैध रेत खनन पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद मध्यप्रदेश परिवहन विभाग ने 7 अफसरों के तबादले किए हैं। बिना नंबर प्लेट और बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

समझें क्या है पूरा मामला...

  1. चंबल नदी में अवैध रेत खनन पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त आदेश दिए थे।
  2. वहीं, अब मध्यप्रदेश परिवहन विभाग ने 7 अधिकारियों के तबादले किए है।
  3. बिना नंबर प्लेट और बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों पर सख्ती के निर्देश दिए गए हैं।
  4. परिवहन आयुक्त उमेश जोगा मुरैना पहुंचकर हालात की समीक्षा करेंगे।
  5. लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हरकत में विभाग

चंबल नदी में वर्षों से जारी अवैध रेत खनन अब सुप्रीम कोर्ट की नजर में है। कोर्ट की कड़ी टिप्पणी और 26 मई के सख्त आदेशों के बाद मध्यप्रदेश का परिवहन विभाग तेजी से हरकत में आया है। विभाग ने तत्काल प्रभाव से सात अधिकारियों के तबादले करते हुए नई पदस्थापना की है।



इसके साथ ही परिवहन आयुक्त उमेश जोगा खुद मुरैना पहुंचकर व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन हो रहा है या नहीं, इसका जायजा वे सीधे लेंगे।



अफसरों पर उठे थे सवाल

सूत्रों के मुताबिक परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर हाल ही में गंभीर सवाल उठे थे। आरोप था कि जिन वाहनों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी, उन्हें महज जुर्माना लेकर छोड़ दिया गया था। अवैध तरीके से रेत ढो रहे वाहन बिना किसी बड़े एक्शन के आगे निकल जाते रहे।



इसी पृष्ठभूमि में मुरैना, भिंड और श्योपुर के अधिकारियों को अब स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि ढिलाई बरदाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ने साफ कहा है कि लापरवाही करने वाले अफसरों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी।



किसे कहां भेजा गया

विक्रमजीत सिंह कंग, जो ग्वालियर में प्रभारी आरटीओ थे, उन्हें अब मुरैना का प्रभारी आरटीओ बनाया गया है। पीएस भिलाला को जबलपुर से मुरैना के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय भेजा गया है। मीनाक्षी गोखले को मंदसौर से मुरैना भेजा गया है।



जगदीश सिंह भील को रायसेन के जिला परिवहन अधिकारी पद से हटाकर श्योपुर भेजा गया है। राजेश गुप्ता इंदौर से रायसेन के जिला परिवहन अधिकारी बनाए गए हैं।



अर्चना परिहार, जो मुरैना में प्रभारी आरटीओ थीं, उन्हें अब संभागीय उप परिवहन आयुक्त कार्यालय मुरैना में सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के पद पर भेजा गया है। राजेंद्र सोनी निवाड़ी से भिंड के जिला परिवहन अधिकारी बने हैं।



यहां देखें लिस्ट-



क्या है सख्ती का निर्देश

विभागीय आदेश में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सीधे उल्लेख किया गया है। नए अफसरों को कहा गया है कि बिना नंबर प्लेट वाले वाहन, बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे ट्रक और अवैध रेत परिवहन करने वाले वाहनों पर तुरंत कार्रवाई की जाए। चंबल क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और नियमित जांच अभियान चलाने को भी कहा गया है।



चंबल अभयारण्य क्षेत्र पर्यावरण की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। यहां घड़ियाल और डॉल्फिन जैसी दुर्लभ प्रजातियां रहती हैं। अवैध रेत खनन से नदी की पारिस्थितिकी (Ecology) को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।



FAQ

  1. चंबल में अवैध रेत खनन पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या आदेश दिए?
    सुप्रीम कोर्ट ने 26 मई को चंबल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध रेत खनन और परिवहन पर कड़ी टिप्पणी करते हुए सख्त आदेश दिए। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए कि इन आदेशों का पालन सुनिश्चित किया जाए और बिना रजिस्ट्रेशन व बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर तत्काल कार्रवाई हो।
  2. चंबल अभयारण्य में अवैध खनन रोकना क्यों जरूरी है?
    चंबल अभयारण्य पर्यावरण की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है। यहां घड़ियाल, गंगा डॉल्फिन और कई दुर्लभ प्रजातियां पाई जाती हैं। अवैध रेत खनन से नदी की पारिस्थितिकी को गंभीर नुकसान होता है। इससे नदी का प्रवाह, जलीय जीवन और तटीय क्षेत्रों की संरचना प्रभावित होती है।

ये खबरें भी पढ़िए...



चंबल में अवैध रेत खनन पर SC सख्त, कहा-सिर्फ ड्राइव ही नहीं असली माफिया को पकड़ना जरूरी



बरखा सुब्बा और परवीन शेख को मिला ग्रीन ऑस्कर 2026, एक तो चंबल नदी पर काम कर रहीं



MP News: चंबल नदी के किनारे गूंजी नन्हे घड़ियालों की किलकारी, अंडों से निकल रहे शिशु घड़ियाल



चंबल नदी पर बनेगा MP का पहला सिक्सलेन केबल-स्टे ब्रिज, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जुड़ेगे 3 राज्य



Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • MP News
  • मध्यप्रदेश
  • परिवहन विभाग
  • अवैध रेत खनन
  • चंबल नदी
  • चंबल
  • परिवहन आयुक्त उमेश जोगा