चंबल नदी के किनारे गूंजी नन्हे घड़ियालों की किलकारी, अंडों से निकल रहे शिशु घड़ियाल

thesootr Desk | Jun 19, 2025, 14:20 IST
Share
increasing number of crocodiles
increasing number of crocodiles

राजस्थान और मध्यप्रदेश की सीमा से होकर बहने वाली चंबल नदी इन दिनों एक नए जीवन की हलचल से गूंज उठी है। नदी के किनारे मादा घड़ियालों द्वारा दिए गए अंडों से बड़ी संख्या में नन्हे घड़ियाल बाहर निकलने लगे हैं

राजस्थान और मध्यप्रदेश की सीमा से होकर बहने वाली चंबल नदी इन दिनों एक नए जीवन की हलचल से गूंज उठी है। नदी के किनारे मादा घड़ियालों द्वारा दिए गए अंडों से बड़ी संख्या में नन्हे घड़ियाल बाहर निकलने लगे हैं, जो पर्यावरण की सुंदरता में चार चांद लगा रहे हैं। गर्मियों के इस मौसम में चंबल के रेतीले किनारों पर घड़ियालों की ये नन्ही-नन्ही प्रजातियां अब एक बार फिर से जीवन का अहसास करवा रही हैं।

1500 से ज्यादा घड़ियाल ले चुके जन्म

राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभ्यारण्य और वन विभाग के अधिकारियों की सतर्क निगरानी में अब तक करीब 1500 से ज्यादा नन्हे घड़ियालों का जन्म हो चुका है। इस पहल से चंबल नदी के घाटों की वीरानी अब समाप्त हो चुकी है, और इन शिशु घड़ियालों की उपस्थिति ने पर्यावरण को जीवंत बना दिया है। यह देखा जा सकता है कि मादा घड़ियालें अपने बच्चों की देखभाल करती हैं और सुरक्षाकर्मी उनकी सतत निगरानी कर रहे हैं ताकि इन नन्हे जीवों को किसी प्रकार का खतरा न हो। यह एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि चंबल नदी के इस प्राकृतिक संरक्षण प्रयास ने जलजीवों के लिए एक सुरक्षित आवास तैयार किया है। इसके अलावा, चंबल में अब 1000 से ज्यादा मगरमच्छ, 95 डॉल्फ़िन, सैकड़ों कछुए और अन्य जलजीव बसे हुए हैं। यह सफर उतना आसान नहीं था, जितना इसे देखा जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, चंबल की तेज धाराएं, मानसून में बढ़ता जलस्तर, शिकारी पक्षी और मगरमच्छ जैसे अन्य जीव इन शिशु घड़ियालों के लिए खतरा पैदा करते हैं।

ये खबर भी पढ़े...इंदौर के थानों की ट्रांसफर सूची से विवाद, पुराने पुलिसकर्मियों को हटाने की जगह नए हटा दिए

चंबल की स्वच्छता और जैवविविधता बना सुरक्षित आवास

विशेषज्ञ बताते हैं कि प्राकृतिक परिस्थितियों में केवल 1 से 2 प्रतिशत शिशु घड़ियाल ही जीवित रहते हैं, लेकिन चंबल की स्वच्छता और जैव विविधता की सुरक्षा ने इसे इन जलजीवों के लिए सुरक्षित आवास बना दिया है। इस सफलता का बड़ा कारण स्थानीय अधिकारियों की सतर्कता, वन विभाग की कड़ी निगरानी और स्थानीय समुदाय का सक्रिय सहयोग है।यहां तक कि 1975 में जब घड़ियालों की संख्या केवल 46 थी, वहीं आज चंबल नदी के किनारे सैकड़ों घड़ियालों का जन्म स्वाभाविक रूप से हो रहा है। यह तथ्य संरक्षण, समर्पण और संतुलन की कहानी को पूरी दुनिया में साझा करता है। यह प्रगति दर्शाती है कि किस प्रकार इंसान और प्रकृति के बीच का संतुलन बनाकर जीवन को सुरक्षित रखा जा सकता है।

ये खबर भी पढ़े...मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: विवादित पोस्ट पर मुस्लिम प्रोफेसर को मिली जमानत

ये खबर भी पढ़े...मध्य प्रदेश में राम वन गमन पथ के कम ज्ञात स्थलों को करेंगे चिह्नित, चार माह में तैयार होगी रिपोर्ट

प्रकृति की रक्षा और समर्पण की कहानी

आज के इस युग में, जहां पर्यावरणीय संकट गंभीर हो चुका है, चंबल नदी की यह कहानी हमें प्रेरणा देती है कि अगर प्रकृति के संरक्षण की दिशा में सही कदम उठाए जाएं, तो जीवन का पुनः उत्थान संभव है। चंबल के किनारे बढ़ती घड़ियालों की संख्या इस बात का प्रमाण है कि अगर संरक्षण प्रयासों को सही तरीके से लागू किया जाए, तो न केवल जलजीवों बल्कि समग्र पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी यह फायदेमंद साबित हो सकता है। यह कहानी प्रकृति की रक्षा और समर्पण की है, जहां इंसान ने अपने कार्यों से यह सिद्ध कर दिया कि हम भी प्रकृति के संरक्षक बन सकते हैं। अब चंबल नदी के किनारे घड़ियालों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, और यह उस दिशा में एक मजबूत कदम है, जहां इंसान और प्रकृति के बीच की दीवार को तोड़ा गया है, और एक नया संतुलन स्थापित किया गया है।

ये खबर भी पढ़े...मध्य प्रदेश में प्यार, धोखा और हत्या: पतियों के खौफनाक अंत की 5 सच्ची कहानियां

घड़ियाल चंबल नदी | चंबल नदी में घड़ियाल

Tags:
  • चंबल नदी में घड़ियाल
  • मगरमच्छ
  • घड़ियाल चंबल नदी
  • चंबल नदी
  • चंबल
  • प्रकृति
  • जैव विविधता
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती