सीएम मॉनिट बैठक में खुलासा: 5 दिन में निपटने वाली 461 फाइलें रोकी गईं
Siddhi Tamrakar | Dec 09, 2024, 07:59 IST
CM MONIT
सीएम मॉनिट बैठक में खुलासा हुआ कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले कार्यों की 2089 फाइलें लंबित हैं, जिनमें 461 ए+ फाइलें शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने तेजी से निपटारा करने के निर्देश दिए हैं।
भोपाल में हाल ही में हुई सीएम मॉनिट बैठक में खुलासा हुआ कि 2089 फाइलें विभिन्न विभागों में लंबित हैं। इनमें से 461 'ए+' फाइलें हैं, जिन्हें 24 घंटे से 5 दिनों के भीतर निपटाया जाना चाहिए था। ये फाइलें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्राथमिक घोषणाओं, ट्रांसफर और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों से जुड़ी हैं।
विभागीय अधिकारियों ने फाइलों को रोकने के कई कारण बताए जैसे बजट की कमी, केंद्र सरकार से संबंधित प्रक्रियाएं, या जिलों के परिसीमन। सबसे अधिक लंबित मामले गृह विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, सामान्य प्रशासन, नगरीय विकास, पीडब्ल्यूडी, स्कूल शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में हैं।
'ए+' और 'ए' फाइलों की प्रक्रिया:
ए+ फाइलें: इन्हें 24 घंटे से 5 दिन के भीतर निपटाना अनिवार्य है।
ए फाइलें: 15 दिनों में निपटाई जानी चाहिए।
बी फाइलें: विधायकों, सांसदों और मंत्रियों की सिफारिशों पर आधारित होती हैं।
सी फाइलें: आम जनता की शिकायतों से संबंधित होती हैं।
‘ए+’ फाइलों की मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री सचिवालय करता है। यदि फाइल का निपटारा नहीं होता है, तो इसका ठोस कारण देना अनिवार्य है।
बैठक में क्या हुआ?
मुख्यमंत्री कार्यालय की मॉनिटरिंग प्रक्रिया की शुरुआत मई 2024 में नहीं हुई थी। अगस्त से इस प्रक्रिया को दोबारा शुरू किया गया, और अब तक तीन बैठकें हो चुकी हैं। 29 नवंबर को हुई बैठक में जब विभागीय रिपोर्ट मांगी गई, तब 2089 लंबित फाइलें सामने आईं। मुख्यमंत्री ने इस बैठक में निर्देश दिया कि लंबित फाइलों का निपटारा तेजी से किया जाए और प्राथमिकता वाले कार्यों में कोई देरी न हो।
फाइलें रुकने के पीछे कई कारण बताए
'ए+' और 'ए' फाइलों की प्रक्रिया:
ए+ फाइलें: इन्हें 24 घंटे से 5 दिन के भीतर निपटाना अनिवार्य है।
ए फाइलें: 15 दिनों में निपटाई जानी चाहिए।
बी फाइलें: विधायकों, सांसदों और मंत्रियों की सिफारिशों पर आधारित होती हैं।
सी फाइलें: आम जनता की शिकायतों से संबंधित होती हैं।
‘ए+’ फाइलों की मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री सचिवालय करता है। यदि फाइल का निपटारा नहीं होता है, तो इसका ठोस कारण देना अनिवार्य है।
इतने जरूरी मामले हैं पेंडिंग:
| विभाग | ए+ पेंडिंग | ए पेंडिंग |
|---|---|---|
| गृह | 76 | 268 |
| पंचायत एवं ग्रामीण | 36 | 126 |
| जीएडी कार्मिक | 36 | 71 |
| नगरीय विकास | 26 | 126 |
| स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा | 24 | 95 |
| लोक निर्माण | 24 | 143 |
| स्कूल शिक्षा | 51 | 111 |
| वन | 23 | 97 |
| जनजातीय कार्य | 21 | 40 |
| राजस्व | 16 | 100 |
| जीएडी (कर्मचारी) | 9 | 20 |
| उच्च शिक्षा | 12 | 50 |
| कृषि | 11 | 33 |
FAQ
- सीएम मॉनिट क्या है?
सीएम मॉनिट मुख्यमंत्री कार्यालय की मॉनिटरिंग प्रक्रिया है, जो प्राथमिक फाइलों और घोषणाओं का निपटारा सुनिश्चित करती है। - 'ए+' फाइलों का क्या महत्व है?
'ए+' फाइलें अत्यधिक प्राथमिकता वाली होती हैं, जिनका निपटारा 24 घंटे से 5 दिनों में करना अनिवार्य है। - फाइलों के लंबित होने के मुख्य कारण क्या हैं?
बजट की कमी, केंद्र सरकार से जुड़े मामलों, जिलों के परिसीमन और पदस्थापनाओं में समस्याएं प्रमुख कारण हैं। - मॉनिटरिंग प्रक्रिया कब शुरू हुई?
अगस्त 2024 में मॉनिटरिंग प्रक्रिया दोबारा शुरू हुई, और अब तक तीन बैठकें हो चुकी हैं। - 'ए' और 'बी' फाइलों में क्या अंतर है?
'ए' फाइलें 15 दिनों में निपटाई जाती हैं, जबकि 'बी' फाइलें विधायकों, सांसदों और मंत्रियों की सिफारिशों पर आधारित होती हैं।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava