इंदौर विधानसभा 3 से पिंटू, 5 से सत्तू और महू से शुक्ला को टिकट, अश्विन निर्दलीय या AAP का थाम सकते हैं दामन
Vikram Jain | Oct 20, 2023, 24:00 IST
इंदौर विधानसभा 3 से पिंटू, 5 से सत्तू और महू से शुक्ला को टिकट, अश्विन निर्दलीय या AAP का थाम सकते हैं दामन
कांग्रेस ने दूसरी सूची जारी करते हुए इंदौर की 3 नंबर सीट से दीपक उर्फ पिंटू जोशी, पांच से सत्यनारायण पटेल और महू से रामकिशोर शुक्ला को प्रत्याशी बनाया है।
संजय गुप्ता, INDORE. कांग्रेस की गुरूवार रात को आई 88 प्रत्याशियों की सूची में इंदौर विधानसभा तीन से दीपक उर्फ पिंटू जोशी, विधानसभा पांच से सत्यनारायण पटेल और महू से रामकिशोर शुक्ला को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। कांग्रेस में जो दावेदारी में नाम चल रहे थे, आखिर में वही फाइनल हुए। पिंटू को चचेरे भाई अश्विन जोशी का टिकट काटकर प्रत्याशी बनाया गया है। वहीं विधानसभा पांच में स्वप्निल कोठारी बाहर हो गए और फिर से सत्यनारायण पटेल चुनाव लड़ेंगे। वहीं महू से कांग्रेस की ओर से रामकिशोर शुक्ला पहली बार मैदान में होंगे।
इंदौर में किसे क्यों मिला टिकट, कौन चूका
इंदौर की विधानसभा नंबर 3 सीट से कांग्रेस प्रत्याशी दीपक उर्फ पिंटू जोशी बीते चुनाव में भी दावेदार थे लेकिन तब दिग्विजय सिंह के साथ बैठक में समझौता हुआ पिंटू इस बार अश्विन की मदद करेंगे और अगली बार अश्विन की जगह पिंटू को टिकट दिया जाएगा, लेकिन अश्विन फिर टिकट की मांग कर रहे थे। इसी दौरान अरविंद बागड़ी का नाम चला, उनके लिए जीतू पटवारी और शोभा ओझा का समर्थन था लेकिन सर्वे में पिंटू का नाम आगे था। इसके बाद कांग्रेस ने सर्वे को तरजीह दी और पिंटू को टिकट दिया। अब कांग्रेस को खतरा अग्रवाल (वैश्य) समाज के नाराज होने का हो सकता है और साथ ही अश्विन कहीं निर्दलीय या AAP की ओर से भी मैदान में उतर सकते हैं।
सत्यनारायण पटेल- हाईकमान की पसंद छठी बार लड़ेंगे चुनाव
सत्यनारायण (सत्तू) पटेल विधानसभा पांच से फिर प्रत्याशी होंगे, वह एक बार यहां से 1998 में विधायक रह चुके हैं लेकिन फिर उनका टिकट बदलकर देपालपुर भेजा गया। वहां 2003 में हारे, 2008 में जीते लेकिन फिर 2013 में चुनाव हार गए थे। साल 2018 में वह फिर पांच नंबर से मैदान में उतरे लेकिन बीजेपी के महेंद्र हार्डिया से 1132 वोट से हार गए। इस बार फिर उन्हें इस सीट से टिकट मिला है। बीच में बात चली कि उन्हें महू से टिकट दिया जाए और कोठारी को पांच नंबर से लेकिन हाईकमान का वरदहस्त होने के चलते उन्हें उनकी मंशा अनुसार पांच नंबर से ही टिकट मिला।
रामकिशोर शुक्ला- दलबदल कर बीजेपी से आए थे, मिला टिकट
शुक्ला मूल रूप से कांग्रेसी ही थे लेकिन बाद में वह बीजेपी में चले गए। एक महीने पहले ही वह वापस कांग्रेस में शामिल हुए थे और पार्टी ने टिकट का वादा किया था। वह भी पहली बार विधानसभा चुनाव में मैदान में उतरेंगे। यहां से लगातार तीन बार से चुनाव हार रहे अंतरसिंह दरबार का टिकट कट गया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ग्रामीण सदाशिव यादव भी दावेदार थे लेकिन उनके लिए दरबार पक्ष में नहीं थे। इसके चलते कांग्रेस ने यादव की जगह शुक्ला को टिकट दिया।
कांग्रेस के सभी नौ सीटों पर यह प्रत्याशी
इंदौर एक से संजय शुक्ला, दो से चिंटू चौकसे, तीन से पिंटू जोशी, चार से राजा मांधवानी, पांच से सत्तू पटेल, राऊ से जीतू पटवारी, देपालपुर से विशाल पटेल, सांवेर से रीना सैतिया और महू से रामकिशोर शुक्ला। अभी कांग्रेस के पास राउ, देपालपुर और इंदौर एक सीट है।
इंदौर में किसे क्यों मिला टिकट, कौन चूका
इंदौर की विधानसभा नंबर 3 सीट से कांग्रेस प्रत्याशी दीपक उर्फ पिंटू जोशी बीते चुनाव में भी दावेदार थे लेकिन तब दिग्विजय सिंह के साथ बैठक में समझौता हुआ पिंटू इस बार अश्विन की मदद करेंगे और अगली बार अश्विन की जगह पिंटू को टिकट दिया जाएगा, लेकिन अश्विन फिर टिकट की मांग कर रहे थे। इसी दौरान अरविंद बागड़ी का नाम चला, उनके लिए जीतू पटवारी और शोभा ओझा का समर्थन था लेकिन सर्वे में पिंटू का नाम आगे था। इसके बाद कांग्रेस ने सर्वे को तरजीह दी और पिंटू को टिकट दिया। अब कांग्रेस को खतरा अग्रवाल (वैश्य) समाज के नाराज होने का हो सकता है और साथ ही अश्विन कहीं निर्दलीय या AAP की ओर से भी मैदान में उतर सकते हैं।
सत्यनारायण पटेल- हाईकमान की पसंद छठी बार लड़ेंगे चुनाव
सत्यनारायण (सत्तू) पटेल विधानसभा पांच से फिर प्रत्याशी होंगे, वह एक बार यहां से 1998 में विधायक रह चुके हैं लेकिन फिर उनका टिकट बदलकर देपालपुर भेजा गया। वहां 2003 में हारे, 2008 में जीते लेकिन फिर 2013 में चुनाव हार गए थे। साल 2018 में वह फिर पांच नंबर से मैदान में उतरे लेकिन बीजेपी के महेंद्र हार्डिया से 1132 वोट से हार गए। इस बार फिर उन्हें इस सीट से टिकट मिला है। बीच में बात चली कि उन्हें महू से टिकट दिया जाए और कोठारी को पांच नंबर से लेकिन हाईकमान का वरदहस्त होने के चलते उन्हें उनकी मंशा अनुसार पांच नंबर से ही टिकट मिला।
रामकिशोर शुक्ला- दलबदल कर बीजेपी से आए थे, मिला टिकट
शुक्ला मूल रूप से कांग्रेसी ही थे लेकिन बाद में वह बीजेपी में चले गए। एक महीने पहले ही वह वापस कांग्रेस में शामिल हुए थे और पार्टी ने टिकट का वादा किया था। वह भी पहली बार विधानसभा चुनाव में मैदान में उतरेंगे। यहां से लगातार तीन बार से चुनाव हार रहे अंतरसिंह दरबार का टिकट कट गया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ग्रामीण सदाशिव यादव भी दावेदार थे लेकिन उनके लिए दरबार पक्ष में नहीं थे। इसके चलते कांग्रेस ने यादव की जगह शुक्ला को टिकट दिया।
कांग्रेस के सभी नौ सीटों पर यह प्रत्याशी
इंदौर एक से संजय शुक्ला, दो से चिंटू चौकसे, तीन से पिंटू जोशी, चार से राजा मांधवानी, पांच से सत्तू पटेल, राऊ से जीतू पटवारी, देपालपुर से विशाल पटेल, सांवेर से रीना सैतिया और महू से रामकिशोर शुक्ला। अभी कांग्रेस के पास राउ, देपालपुर और इंदौर एक सीट है।
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