भोपाल में कांग्रेस प्रभारी रणदीप सुरजेवाला बोले- कमलनाथ ही मुख्यमंत्री का चेहरा, चुनाव लड़ेंगे या नहीं ये दिल्ली तय करेगी
Rahul Garhwal | Sept 16, 2023, 24:00 IST
भोपाल में कांग्रेस प्रभारी रणदीप सुरजेवाला बोले- कमलनाथ ही मुख्यमंत्री का चेहरा, चुनाव लड़ेंगे या नहीं ये दिल्ली तय करेगी
मध्यप्रदेश में कमलनाथ के चुनाव लड़ने पर कांग्रेस हाईकमान फैसला लेगा। जन आक्रोश यात्रा के पोस्टर से दिग्विजय गायब हैं। विंध्य कमलेश्वर और अजय सिंह में बंट गया है।
अरुण तिवारी, BHOPAL. कांग्रेस विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत का दम भर रही है, लेकिन पार्टी के सीएम फेस कमलनाथ चुनाव लड़ेंगे या नहीं ये अभी तय नहीं हो पाया है। कमलनाथ विधानसभा चुनाव लड़ेंगे या नहीं या फिर किस सीट से उम्मीदवार बनेंगे इसका फैसला दिल्ली से होगा। कमलनाथ ने साफ कहा कि उनके चुनाव लड़ने का फैसला पार्टी करेगी। वहीं प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने भी स्पष्ट कहा कि कमलनाथ के चुनाव लड़ने के बारे में पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ही तय करेगी। हालांकि सुरजेवाला ने कमलनाथ को ही प्रदेश में मुख्यमंत्री का चेहरा बताया।
पोस्टर में न दिग्विजय, न जयवर्धन
जन आक्रोश यात्रा कांग्रेस की बड़ी महत्वाकांक्षी यात्रा है। पार्टी इस यात्रा के जरिए प्रदेश में कांग्रेस के पक्ष में माहौल खड़ा करना चाहती है, लेकिन इसके पोस्टर में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का चेहरा नदारद है। पोस्टर में कमलनाथ के साथ कांतिलाल भूरिया,अजय सिंह,अरुण यादव, डॉ. गोविंद सिंह, सुरेश पचौरी, जीतू पटवारी और कमलेश्वर पटेल के चेहरे हैं। पोस्टर में दिग्विजय सिंह के साथ उनके पुत्र जयवर्धन सिंह भी नहीं हैं, जबकि गुना-ग्वालियर की जिम्मेदारी जयवर्धन को सौंपी गई है। पोस्टर में किसी महिला नेता का भी चेहरा नहीं है। सुरजेवाला कहते हैं कि ऐसी कोई बात नहीं है, दिग्विजय सिंह प्रदेश के वरिष्ठ नेता हैं। इस यात्रा का रूट और पूरा कार्यक्रम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने ही तैयार किया है। हमारे अंदर न कोई मतभेद है और न ही कोई मनभेद। सुरजेवाला ने कहा कि इसमें सभी को स्थान दिया गया है। प्रभारियों के साथ सह-प्रभारी बनाए गए हैं, इसमें महिलाओं को भी बराबर स्थान दिया गया है।
बीजेपी के 4 चेहरे
कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश में इस समय बीजेपी के 4 चेहरे हैं, सजावटी, दिखावटी, मिलावटी और बनावटी। सनातन धर्म के मुद्दे को कमलनाथ ने बीजेपी का मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने का एजेंडा बताया। उन्होंने कहा कि बीजेपी राजनीति में धर्म का इस्तेमाल करती है। बीजेपी कोई धर्म की एजेंसी नहीं है। हमारे यहां कथा भी होती है तो बीजेपी के पेट में दर्द होता है। वहीं सुरजेवाला ने कहा कि सनातन धर्म युगयुगान्तर से है और हम-तुम नहीं रहेंगे तब भी रहेगा।
अरुण को बुंदेलखंड, कमलेश्वर और अजय सिंह में बंटा विंध्य
कांग्रेस की जन आक्रोश यात्रा 19 सितंबर को गणेश चतुर्थी के दिन से शुरू हो रही है। इसमें 7 अलग-अलग रथ बनाए जो हैं जो अलग-अलग इलाकों में निकलेंगे। इनका नेतृत्व 7 वरिष्ठ नेता करेंगे। ये यात्रा सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों तक जाएगी।
यात्रा-1 ग्वालियर-चंबल - यहां पर 1600 किलोमीटर की यात्रा निकलेगी जिसका नेतृत्व डॉ. गोविंद सिंह करेंगे।
यात्रा-2 बुंदेलखंड - ये यात्रा 1700 किलोमीटर जाएगी। इसका नेतृत्व अरुण यादव करेंगे।
यात्रा-3 विंध्य - ये यात्रा 1900 किलोमीटर का मार्ग तय करेगी। इसका नेतृत्व कमलेश्वर पटेल करेंगे।
यात्रा-4 विंध्य और महाकौशल - ये यात्रा 1400 किलोमीटर तक निकाली जाएगी। इसका नेतृत्व अजय सिंह राहुल करेंगे। ये यात्रा विंध्य और महाकौशल में निकाली जाएगी।
यात्रा-5 मध्य और महाकौशल - 1400 किलोमीटर की ये यात्रा प्रदेश के मध्य क्षेत्र और महाकौशल की कुछ सीटों पर रहेगी। इसका नेतृत्व सुरेश पचौरी करेंगे।
यात्रा-6 आदिवासी क्षेत्र - 1700 किलोमीटर की ये यात्रा आदिवासी सीटों पर निकाली जाएगी। इसका नेतृत्व कांतिलाल भूरिया करेंगे।
यात्रा-7 मालवा - 1700 किलोमीटर की इस यात्रा का नेतृत्व जीतू पटवारी करेंगे। ये यात्रा मालवा और मध्य क्षेत्र में रहेगी।
पोस्टर में न दिग्विजय, न जयवर्धन
जन आक्रोश यात्रा कांग्रेस की बड़ी महत्वाकांक्षी यात्रा है। पार्टी इस यात्रा के जरिए प्रदेश में कांग्रेस के पक्ष में माहौल खड़ा करना चाहती है, लेकिन इसके पोस्टर में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का चेहरा नदारद है। पोस्टर में कमलनाथ के साथ कांतिलाल भूरिया,अजय सिंह,अरुण यादव, डॉ. गोविंद सिंह, सुरेश पचौरी, जीतू पटवारी और कमलेश्वर पटेल के चेहरे हैं। पोस्टर में दिग्विजय सिंह के साथ उनके पुत्र जयवर्धन सिंह भी नहीं हैं, जबकि गुना-ग्वालियर की जिम्मेदारी जयवर्धन को सौंपी गई है। पोस्टर में किसी महिला नेता का भी चेहरा नहीं है। सुरजेवाला कहते हैं कि ऐसी कोई बात नहीं है, दिग्विजय सिंह प्रदेश के वरिष्ठ नेता हैं। इस यात्रा का रूट और पूरा कार्यक्रम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने ही तैयार किया है। हमारे अंदर न कोई मतभेद है और न ही कोई मनभेद। सुरजेवाला ने कहा कि इसमें सभी को स्थान दिया गया है। प्रभारियों के साथ सह-प्रभारी बनाए गए हैं, इसमें महिलाओं को भी बराबर स्थान दिया गया है।
बीजेपी के 4 चेहरे
कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश में इस समय बीजेपी के 4 चेहरे हैं, सजावटी, दिखावटी, मिलावटी और बनावटी। सनातन धर्म के मुद्दे को कमलनाथ ने बीजेपी का मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने का एजेंडा बताया। उन्होंने कहा कि बीजेपी राजनीति में धर्म का इस्तेमाल करती है। बीजेपी कोई धर्म की एजेंसी नहीं है। हमारे यहां कथा भी होती है तो बीजेपी के पेट में दर्द होता है। वहीं सुरजेवाला ने कहा कि सनातन धर्म युगयुगान्तर से है और हम-तुम नहीं रहेंगे तब भी रहेगा।
अरुण को बुंदेलखंड, कमलेश्वर और अजय सिंह में बंटा विंध्य
कांग्रेस की जन आक्रोश यात्रा 19 सितंबर को गणेश चतुर्थी के दिन से शुरू हो रही है। इसमें 7 अलग-अलग रथ बनाए जो हैं जो अलग-अलग इलाकों में निकलेंगे। इनका नेतृत्व 7 वरिष्ठ नेता करेंगे। ये यात्रा सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों तक जाएगी।
यात्रा-1 ग्वालियर-चंबल - यहां पर 1600 किलोमीटर की यात्रा निकलेगी जिसका नेतृत्व डॉ. गोविंद सिंह करेंगे।
यात्रा-2 बुंदेलखंड - ये यात्रा 1700 किलोमीटर जाएगी। इसका नेतृत्व अरुण यादव करेंगे।
यात्रा-3 विंध्य - ये यात्रा 1900 किलोमीटर का मार्ग तय करेगी। इसका नेतृत्व कमलेश्वर पटेल करेंगे।
यात्रा-4 विंध्य और महाकौशल - ये यात्रा 1400 किलोमीटर तक निकाली जाएगी। इसका नेतृत्व अजय सिंह राहुल करेंगे। ये यात्रा विंध्य और महाकौशल में निकाली जाएगी।
यात्रा-5 मध्य और महाकौशल - 1400 किलोमीटर की ये यात्रा प्रदेश के मध्य क्षेत्र और महाकौशल की कुछ सीटों पर रहेगी। इसका नेतृत्व सुरेश पचौरी करेंगे।
यात्रा-6 आदिवासी क्षेत्र - 1700 किलोमीटर की ये यात्रा आदिवासी सीटों पर निकाली जाएगी। इसका नेतृत्व कांतिलाल भूरिया करेंगे।
यात्रा-7 मालवा - 1700 किलोमीटर की इस यात्रा का नेतृत्व जीतू पटवारी करेंगे। ये यात्रा मालवा और मध्य क्षेत्र में रहेगी।
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