इंदौर नगर निगम की टैक्स बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस 6 अगस्त को करेगी प्रदर्शन , नेता प्रतिपक्ष बोले- सरकार से निगम की राशि मांगे महापौर
Sanjay Gupta | Aug 03, 2024, 20:07 IST
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इंदौर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने शनिवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि नगर निगम के द्वारा चालू वित्त वर्ष के बजट में संपत्ति कर और जलकर की दर में वृद्धि करना नागरिकों के साथ अन्याय है ।
INDORE. नगर निगम द्वारा बजट में की गई जलकर और संपत्तिकर, वाहन खरीदी पर पार्किंग शुल्क की बढ़ोतरी को लेकर नगर निगम 6 अगस्त को प्रदर्शन करेगी। पहले यह प्रदर्शन निगम के घोटालों को लेकर थी लेकिन अब बजट आने के बाद इसमें टैक्स बढोतरी को वापल लेने की अहम मांग भी जुड़ गई है।
इंदौर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने शनिवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि नगर निगम के द्वारा चालू विSAत्त वर्ष के बजट में संपत्ति कर और जलकर की दर में वृद्धि करना नागरिकों के साथ अन्याय है । इसके विरोध में कांग्रेस के द्वारा जन जागरण अभियान चलाया जाएगा । नगर निगम पर 6 अगस्त को होने वाले प्रदर्शन में इस दर वृद्धि को वापस लेने की मांग की जाएगी ।
चौकसे ने कहा कि पिछले बजट में भी महापौर पुष्यमित्र भार्गव के द्वारा रेट जोन बदलकर गुपचुप तरीके से करीब 600 कॉलोनी की संपत्ति कर की दर में वृद्धि की गई थी । अब इस बार के बजट में सारे शहर की कॉलोनी, मोहल्ले, बस्ती की संपत्ति कर की दर बढ़ा दी गई है । जबकि निगम विकास कार्य को अंजाम नहीं दे पा रहा है । शहर के मुख्य मार्ग की सड़कों के भी गड्ढे नहीं भर पा रहे हैं । ऐसी स्थिति में नगर निगम के द्वारा संपत्ति कर की दर में वृद्धि करने का एक गलत फैसला लिया गया है ।
उन्होंने कहा कि महीने में 15 दिन पानी देकर पूरे महीने के पानी का बिल लेने वाले नगर निगम के द्वारा जलकर की दर में 100 रुपए प्रति माह प्रति कनेक्शन की वृद्धि सरासर अन्याय है । शहर के नागरिक साल के पूरे 12 महीने कभी पानी के संकट तो कभी गंदा पानी आने के कारण हैरान परेशान रहते हैं । ऐसे में नगर निगम के द्वारा जलकर की वृद्धि किया जाना किसी भी हालत में उचित नहीं है ।
चौकसे ने कहा कि यह आवश्यक है कि इंदौर के महापौर इंदौर शहर के नागरिकों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाएं । इसके लिए जरूरी है कि महापौर के द्वारा हिम्मत दिखाकर प्रदेश के मुख्यमंत्री के सामने जाकर यह कहा जाए कि राज्य सरकार इंदौर के अधिकार का चुंगी क्षतिपूर्ति, स्टाम्प ड्यूटी और प्रवेश कर का पैसा दे। राज्य सरकार पर इंदौर नगर निगम के करीब 800 करोड़ रुपए बाकी है। यह राशि प्रदेश की सरकार के द्वारा नहीं दी जा रही है । इसके बदले में सरकार नगर निगम को आत्मनिर्भर बनने के नाम पर जनता पर बोझ बढ़ने का संदेश दे रही है । इस संदेश के माध्यम से राज्य सरकार और नगर निगम में भाजपा के द्वारा अपने बहुमत का दुरुपयोग किया जा रहा है।
इधर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी मीडिया से चर्चा करते हुए बकाया जलकर भरने के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त से यह स्कीम ला रहे हैं जिसमें वित्तीय साल 2022-23 तक का जो भी जलकर बकाया है उसे 50 फीसदी चुकाकर बकाया जीरो कर सकते हैं। सीधे 50 फीसदी की छूट निगम वन टाइम सेटलमेंट के लिए जलकर में दे रहे हैं।
महापौर ने साथ ही ट्रैफिक सुधार के लिए महाअभियान लाने की बात कही। उन्होनें कहा कि इस बार इंदौर के ट्रैफिक को वकील, डॉक्टर, इंजीनियर और विद्यार्थी संभालने के लिए मैदान में उतरेंगे इसके चलते शनिवार और रविवार को विशेष तरह से यह ट्रैफिक को संभाला जाएगा। जिससे यातायात प्रबंधन में सुधार हो सके अलग-अलग जगह चौराहे पर वॉलिंटियर्स के रूप में यह डॉक्टर इंजीनियर और समाज सेवी भी ट्रैफिक को संभालेंगे। शहर में 5 अगस्त से ट्रैफिक मित्र महा अभियान चलाया जाएगा जिसमें हर चौराहे पर वॉलिंटियर्स ट्रैफिक को संभालेंगे।
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नेता प्रतिपक्ष ने की प्रेस कांफ्रेंस
बीते बजट में भी गुपचुप संपत्ति कर बढ़ाया
पानी 15 दिन वह भी गंदा, बिल एक महीने का
महापौर सरकार से मांगे अपनी राशि
इधर महापौर की बकाया जलकर पर वन टाइम सेटलमेंट की घोषणा
ट्रैफिक का भी महाअभियान
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