एमपी की राज्यसभा सीट पर कांग्रेस का OBC कार्ड! पटवारी और कमलेश्वर पटेल के नाम आगे
Sanjay Dhiman | May 26, 2026, 11:32 IST
Photograph: (the sootr)
मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस युवा और ओबीसी चेहरे पर दांव लगाने की तैयारी में दिख रही है। जीतू पटवारी और कमलेश्वर पटेल के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। पार्टी विंध्य और ओबीसी वोट बैंक मजबूत करने की रणनीति बना रही है।
समझें क्या है पूरा मामला
- 18 जून को मध्यप्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर मतदान होगा।
- विधानसभा संख्या बल से कांग्रेस को एक सीट मिलने की संभावना।
- जीतू पटवारी और कमलेश्वर पटेल के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में।
- कांग्रेस ओबीसी और विंध्य वोट बैंक साधने की रणनीति बना रही।
- मीनाक्षी नटराजन और अरुण यादव के नाम भी चर्चाओं में शामिल।
18 जून को होना है राज्यसभा चुनाव
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कांग्रेस इस बार केवल सीट भरने का फैसला नहीं करेगी। पार्टी ऐसा चेहरा चुनना चाहती है जिससे आगामी चुनावों में संगठन को सीधा फायदा मिले। इसी वजह से सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है।
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कांग्रेस क्यों खेल रही OBC कार्ड?
कमलेश्वर पटेल का नाम इसलिए आगे माना जा रहा है क्योंकि वे विंध्य क्षेत्र से आते हैं। वे सीधी-सिहावल इलाके में मजबूत पकड़ रखते हैं। कांग्रेस मानती है कि उन्हें राज्यसभा भेजने से विंध्य के कार्यकर्ताओं में सकारात्मक संदेश जाएगा।
रीवा, सतना, सीधी और आसपास के जिलों में कांग्रेस लंबे समय से कमजोर स्थिति में दिखाई देती रही है। ऐसे में पार्टी इस फैसले से संगठन में नई ऊर्जा लाना चाहती है। साथ ही कुर्मी समाज के वोटरों को फिर से जोड़ने की कोशिश भी कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
जीतू पटवारी का नाम क्यों चर्चा में?
कांग्रेस नेतृत्व उन्हें ऐसे चेहरे के रूप में देख रहा है जो संगठन और सड़क दोनों जगह सक्रिय दिखाई देता है। पार्टी के कई नेता मानते हैं कि राज्यसभा में पटवारी को भेजने से कांग्रेस को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत आवाज मिल सकती है।
हालांकि राजनीतिक समीकरण केवल लोकप्रियता से तय नहीं होते। दिल्ली नेतृत्व सामाजिक संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और भविष्य की रणनीति को देखकर फैसला ले सकता है। इंसानों ने राजनीति को शतरंज बना दिया है, फर्क सिर्फ इतना है कि यहां मोहरे खुद इंटरव्यू देते घूमते हैं।
कमलनाथ और दिग्विजय सिंह पर भी नजर
हालांकि कमलनाथ को लेकर पार्टी के भीतर अलग-अलग राय बताई जा रही है। कुछ नेता युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने के पक्ष में हैं। वहीं कुछ वरिष्ठ नेता अनुभव को प्राथमिकता देने की बात कर रहे हैं।
पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव का नाम भी ओबीसी चेहरे के तौर पर सामने आया है। महिला प्रतिनिधित्व के आधार पर मीनाक्षी नटराजन का नाम भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा में बना हुआ है।
कांग्रेस के लिए क्यों अहम है यह चुनाव?
लोकसभा चुनाव में कमजोर प्रदर्शन के बाद पार्टी अब सामाजिक समीकरण मजबूत करने पर काम कर रही है। ओबीसी, युवा और क्षेत्रीय नेतृत्व को आगे बढ़ाकर कांग्रेस आने वाले विधानसभा चुनावों की जमीन तैयार करना चाहती है।
राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर कांग्रेस ने विंध्य या ओबीसी चेहरे पर दांव लगाया तो उसका असर पूर्वी मध्यप्रदेश की राजनीति में दिखाई दे सकता है। खासकर उन सीटों पर जहां कांग्रेस लगातार संघर्ष कर रही है।
आधिकारिक जानकारी क्या कहती है?
हालांकि उम्मीदवारों के नाम को लेकर अभी कांग्रेस हाईकमान की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और केंद्रीय चुनाव समिति की सहमति के बाद ही होगा।
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