टॉप टू बॉटम पूरी कांग्रेस पिछड़ी, सारे प्रमुख संगठन ओबीसी के हाथ

Jitendra Shrivastava | Aug 01, 2024, 17:12 IST
Share
thesootr
thesootr

मध्यप्रदेश में पूरा कांग्रेस संगठन पिछड़ा वर्ग के हाथों में सिमट गया है। अध्यक्ष से लेकर सारे फ्रंट आर्गेनाइजेशन के मुखिया ओबीसी से हैं। इसे लेकर अन्य वर्गों के नेताओं में असंतोष का असर अब कामकाज और आपसी मुद्दों में भी नजर आने लगा है...

BHOPAL. मध्यप्रदेश में कांग्रेस टॉप टू बॉटम पूरी पिछड़ी हुई है यानी सभी संगठन के प्रमुख पद ओबीसी के हाथ में हैं। पूरा कांग्रेस संगठन पिछड़ा वर्ग के हाथों में सिमट गया है। इसे लेकर अन्य वर्गों के नेताओं में असंतोष का असर अब कामकाज और आपसी मुद्दों में भी नजर आने लगा है। 2018 में अपनी सरकार के 15 महीने पिछड़ा वर्ग का आरक्षण बढ़ाने की बातें करते-करते सीएम कमलनाथ और उनकी पूरी सरकार प्रदेश में ओबीसी की संख्या को लेकर कंफ्यूज रही, अदालत को भी सही आंकड़े नहीं बता सकी।

प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी ओबीसी

ओबीसी से आने वाले जीतू पटवारी के हाथ में प्रदेश की कमान तो है ही, जातिगत समीकरणों पर नियुक्तियां करने वाली कांग्रेस में महिला कांग्रेस, युकां, एनएसयूआई, किसान कांग्रेस, सेवादल और अल्पसंख्यक कांग्रेस तक में ओबीसी चेहरे ही मुखिया बना दिए गए हैं। जातिगत जनगणना का राग अलापने वाली कांग्रेस जितनी आबादी उतना अधिकार का नारा भी बुलंद कर रही है। मध्यप्रदेश कांग्रेस की बात करें तो यह नारा पूरी तरह से खोखला है। इसकी वजह है संगठन में ओबीसी को ज्यादा से ज्यादा मिलने वाला महत्व। कांग्रेस के जितने भी मोर्चे हैं, उनमें से दो तिहाई से ज्यादा की कमान ओबीसी के हाथों में दी गई है।

एससी-एसटी को छोड़ दें तो पूरी कांग्रेस ओबीसीमय

कांग्रेस में सामान्य वर्ग की हालत तो यह है कि केवल एक-दो संगठन में ही मुखिया का पद मिल सका है। वहीं एससी-एसटी कांग्रेस में तो इन्हीं वर्गों से मुखिया बनाना मजबूरी है। एससी एसटी को छोड़ दें तो पूरी कांग्रेस ओबीसी का महासंगठन बनकर रह गई है। विपक्ष के नेता का पद भी एसटी के उमंग सिंघार के पास है। हालात तो यह है कि अल्पसंख्यक कांग्रेस की कमान भी ओबीसी वर्ग के हाथों में ही है। दूसरे किसी वर्ग का प्रतिनिधित्व ही नहीं बचा है। ऐसे में अब संगठन में बड़े बदलाव की बातों को हर रोज ही हवा मिल रही है। जानकारी के अनुसार कांग्रेस में 40 मोर्चा और करीब 10 फ्रंटल आर्गेनाइजेशन हैं इनमें से भी आठ में ओबीसी वर्ग से मुखिया हैं।

इन संगठनों में हैं ओबीसी वर्ग के नेता...

संगठनकमान
प्रदेश कांग्रेसजीतू पटवारी
महिला कांग्रेसविभा पटेल
युवक कांग्रेस मितेंद्र दर्शन सिंह यादव
भाराछासंआशुतोष चौकसे
सेवादलयोगेश यादव
किसान कांग्रेसदिनेश गुर्जर
पिछड़ा वर्ग कांग्रेससिद्धार्थ कुशवाह
मोर्चा प्रकोष्ठ प्रभारीजेपी धनोपिया
अल्पसंख्यक कांग्रेसशेख अलीम

अब नेतृत्व बदलने की कवायद

मध्यप्रदेश कांग्रेस में सभी संगठनों में एक ही वर्ग का कब्जा होने के बाद अब विरोध के सुर उठने लगे हैं। कांग्रेस में बदलाव की बातों को भी हवा मिलने लगी है। इसके लिए कार्यकर्ता दिल्ली तक आपत्ति जता चुके हैं। अब सभी वर्गों के बीच संतुलन बैठाते हुए जल्द ही प्रदेश कांग्रेस में बड़े स्तर पर उठापटक की संभावना जताई जा रही है। मामला दिल्ली के पाले में जाने के बाद प्रदेश कांग्रेस का कोई भी प्रवक्ता इस संवेदनशील मुद्दे पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक का कहना है कि अब आगे जो भी फैसले होंगे, उसमें क्षेत्रीय और जातीय संतुलन बनाया जाएगा।

अन्य वर्गों के नेताओं-कार्यकर्ताओं में नाराजगी

प्रदेश कांग्रेस में अध्यक्ष से लेकर सभी फ्रंटल संगठनों के प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति दिल्ली से ही होती है। प्रदेश स्तर से जो पैनल बनाकर भेजी जाती है उसी में से कोई एक नाम राष्ट्रीय नेतृत्व तय करता है। कांग्रेस में इस समय लगभग हर मोर्चा, विभाग और संगठन एक ही वर्ग के खेमे में जाने से यह प्रदेश नेतृत्व की लापरवाही से भी जोड़कर देखा जाने लगा है। वहीं इसे राष्ट्रीय एजेंडा भी बताया जा रहा है। मगर इससे अन्य वर्गों के नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसे लेकर अब आपस में ही विवाद होने लगे हैं। राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से भेजे गए प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह के सामने भी यह नाराजगी आ चुकी है।



Tags:
  • कांग्रेस
  • मध्यप्रदेश कांग्रेस
  • जीतू पटवारी
  • एमपी न्यूज हिंदी
  • प्रमुख पद ओबीसी के हाथ
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज