उपभोक्ता फोरम का फैसला : मरीज के इलाज में लापरवाही, अब अस्पताल और बीमा कंपनी देंगी 3.41 लाख
Dolly patil | Jun 14, 2024, 09:49 IST
DDDD
मध्य प्रदेश के रहने वाले एक परिवार ने भोपाल के अस्पताल पर करीब आठ हजार के बदले 62 हजार 21 रुपए का बिल भरवाने का आरोप लगाया था, जिस पर हाल ही में उपभोक्ता फोरम ने अपना फैसला सुनाया है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला
अस्पताल पर मरीज के इलाज में लापरवाही करने के मामले में जिला उपभोक्ता फोरम ने फैसला ( Consumer Forum's decision )सुनाया है। इसी के साथ इलाज में खर्च हुए रुपए को बीमा कंपनी द्वारा न दिए जाने पर दोनों विपक्षियों को जिम्मेदार भी माना है।
जानकारी के मुताबिक फोरम ने मेयो अस्पताल ( Mayo Hospital )और दि ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी ( The Oriental Insurance Company )पर 3 लाख 41 हजार 490 रुपए का हर्जाना लगाया है।
दरअसल, परिवादी ( complainant ) की पत्नी का 24 नवंबर 2010 से गर्भवती होने के कारण मेयो अस्पताल में 8 सितंबर 2011 तक इलाज चला था। जिसके बाद उनको 9 सितंबर को सिजेरियन ऑपरेशन के चलते भर्ती करवाया गया था। बच्चे को जन्म देने के बाद परिवादी की पत्नी को प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।
मरीज को अगले दिन उल्टी होने पर डिस्चार्ज पेपर बनाने के बाद दोबारा उसी अस्पताल के आईसीयू में शिफ्ट किया गया। साथ ही परिवादी को बताया गया कि मरीज को मल्टी ऑर्गन फेल्योर हुआ है। इसके बाद मरीज को एंटीबायोटिक इंजेक्शन दिया गया और दो यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया। मरीज का डायलिसिस भी किया गया।
इसके बाद भी हालत नहीं सुधरने पर परिवादी ने पत्नी को बीएमएचआरसी में भर्ती करने का फैसला लिया गया।
परिवादी का कहना है कि मेयो अस्पताल की लापरवाही के चलते परिवादी को 2 लाख 39 हजार 896 रुपए बीएमएचआरसी ( Bhopal Memorial Hospital )में खर्च करने पड़े।
इसके अलावा वह केंद्र शासन का कर्मचारी है। इसके चलते उसको और उसके परिवार के सदस्यों को सीजीएचएस ( Central Government Health Scheme ) के तहत मान्य संस्थानों में इलाज करवा सकता है।
इस स्कीम के तहत परिवादी की पत्नी का ऑपरेशन 8 हजार 110 रुपए तय हुआ था। लेकिन, डिस्चार्ज के समय उससे 62 हजार 21 रुपए का बिल भरवाया गया।
फोरम का कहना है कि मेयो अस्पताल द्वारा मरीज का अस्पताल में स्कीम की तहत 8 हजार 110 रुपए में ऑपरेशन तय हुआ था। लेकिन, अस्पताल द्वारा मरीज को प्राइवेट वार्ड से डिस्चार्ज करने के बाद दोबारा आईसीयू में भर्ती करवाया गया।
जिससे अलग से खर्चा वसूला जा सके। डॉक्टर इस पूरी प्रक्रिया को साबित करने में विफल रहे हैं। इसी के साथ फोरम का कहना है कि बीएमएचआरसी में परिवादी के खर्च हुए पैसों के लिए भी विपक्षी अस्पताल ही जिम्मेदार है।
फोरम ने मेयो अस्पताल और बीमा कंपनी के तर्कों को खारिज करते हुए परिवादी के पक्ष में फैसला सुनाया है।
सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें
द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें
जानकारी के मुताबिक फोरम ने मेयो अस्पताल ( Mayo Hospital )और दि ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी ( The Oriental Insurance Company )पर 3 लाख 41 हजार 490 रुपए का हर्जाना लगाया है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, परिवादी ( complainant ) की पत्नी का 24 नवंबर 2010 से गर्भवती होने के कारण मेयो अस्पताल में 8 सितंबर 2011 तक इलाज चला था। जिसके बाद उनको 9 सितंबर को सिजेरियन ऑपरेशन के चलते भर्ती करवाया गया था। बच्चे को जन्म देने के बाद परिवादी की पत्नी को प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।
मरीज को अगले दिन उल्टी होने पर डिस्चार्ज पेपर बनाने के बाद दोबारा उसी अस्पताल के आईसीयू में शिफ्ट किया गया। साथ ही परिवादी को बताया गया कि मरीज को मल्टी ऑर्गन फेल्योर हुआ है। इसके बाद मरीज को एंटीबायोटिक इंजेक्शन दिया गया और दो यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया। मरीज का डायलिसिस भी किया गया।
इसके बाद भी हालत नहीं सुधरने पर परिवादी ने पत्नी को बीएमएचआरसी में भर्ती करने का फैसला लिया गया।
2.39 लाख रुपए हुए बीएमएचआरसी में खर्च
परिवादी का कहना है कि मेयो अस्पताल की लापरवाही के चलते परिवादी को 2 लाख 39 हजार 896 रुपए बीएमएचआरसी ( Bhopal Memorial Hospital )में खर्च करने पड़े।
इसके अलावा वह केंद्र शासन का कर्मचारी है। इसके चलते उसको और उसके परिवार के सदस्यों को सीजीएचएस ( Central Government Health Scheme ) के तहत मान्य संस्थानों में इलाज करवा सकता है।
इस स्कीम के तहत परिवादी की पत्नी का ऑपरेशन 8 हजार 110 रुपए तय हुआ था। लेकिन, डिस्चार्ज के समय उससे 62 हजार 21 रुपए का बिल भरवाया गया।
फोरम का क्या कहना
फोरम का कहना है कि मेयो अस्पताल द्वारा मरीज का अस्पताल में स्कीम की तहत 8 हजार 110 रुपए में ऑपरेशन तय हुआ था। लेकिन, अस्पताल द्वारा मरीज को प्राइवेट वार्ड से डिस्चार्ज करने के बाद दोबारा आईसीयू में भर्ती करवाया गया।
जिससे अलग से खर्चा वसूला जा सके। डॉक्टर इस पूरी प्रक्रिया को साबित करने में विफल रहे हैं। इसी के साथ फोरम का कहना है कि बीएमएचआरसी में परिवादी के खर्च हुए पैसों के लिए भी विपक्षी अस्पताल ही जिम्मेदार है।
फोरम ने मेयो अस्पताल और बीमा कंपनी के तर्कों को खारिज करते हुए परिवादी के पक्ष में फैसला सुनाया है।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें
द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava