निगम बिल घोटाला : इंजीनियर राठौर ने कहा नेता-अधिकारियों के यहां निगम ने लगाए 300 घरेलू नौकर, जमानत खारिज

Jitendra Shrivastava | Jun 01, 2024, 19:43 IST
Share
thesootr
thesootr

मध्यप्रदेश के इंदौर में हुए निगम घोटाले में पूर्व निगमायुक्त और वर्तमान रीवा कलेक्टर IAS प्रतिभा पाल पर सीधे तौर पर आरोप लगाए तो वहीं पूर्व महापौर मालिनी गौड़ के समय के निगमायुक्त पर बिना नाम लिए आरोप लगाए...

संजय गुप्ता, INDORE. निगम बिल घोटाला : नगर निगम के फर्जी बिल घोटाले में इंजीनियर अभय राठौर की जमानत याचिका खारिज हो गई है, लेकिन इस याचिका के दौरान राठौर ने कोर्ट में कई अधिकारियों को घेरा और गंभीर आरोप लगाए। पूर्व निगमायुक्त और वर्तमान रीवा कलेक्टर IAS प्रतिभा पाल पर सीधे तौर पर आरोप लगाए तो वहीं पूर्व महापौर मालिनी गौड़ के समय के निगमायुक्त पर बिना नाम लिए आरोप लगाए। वहीं इंजीनियर सुनील गुप्ता पर भी घोटाले करने के आरोप लगाए।

300 घरेलू नौकर इनके यहां कर रहे काम, पैसा निगम दे रहा


राठौर की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट में बताया कि नगर निगम ने 300 कर्मचारियों को आउटसोर्स से लिया हुआ है और इन्हें घरेलू नौकर के तौर पर राजनीतिक दलों के प्रभावशाली नेताओं, सेवानिवृत्त अधिकारियों, पूर्व पार्षदों, अधिकारियों के यहां लगाया गया है। इनकी उपस्थिति निगम में फर्जी तरीके से दिखाई जाती है और राशि का खर्चा नगर निगम द्वारा हर साल 12 करोड़ रुपए उठाया जाता है।

महापौर गौड़ और प्रतिभा पाल का नाम क्यों?


राठौर ने कोर्ट में आरोप लगाए कि यह व्यय महापौर मालिनी गौड़ के समय भी आयुक्त द्वारा किया जाता था। इसके बाद प्रतिभा पाल ने निगमायुक्त रहते हुए किया, ताकि कोई उनकी शिकायत नही करें। उन्होंने संभागायुक्त और तत्कालीन निगम प्रशासक पवन शर्मा के अधिकारियों का दुरूपयोग किया। निगम के 50 करोड़ रुपए के जनधन का दुरूपयोग किया और अपने अधीनस्थों के जरिए बंटवारा किया। आयुक्त खुद भ्रष्टाचार में लिप्त है। वहीं राठौर ने इंजीनियर सुनील गुप्ता पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और ड्रेनेज विभाग में हुए खेल के लिए उसे जिम्मेदार बताया। साथ ही एमजी रोड टीआई विजय सिंह सिसौदिया के साथ गुप्ता की मिलीभगत होना बताया।

राठौर के ठेकेदारों के साथ फोन के रिकार्ड, 7 FIR


thesootr
thesootr


उधर शासन की ओर से उप लोक अभियोजक श्याम दांगी ने पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि राठौर को जमानत नहीं मिलना चाहिए, वह शातिर दिमाग का है और उसका काफी प्रभाव है वह सबूत नष्ट कर देंगे। ठेकेदारों के साथ बातचीत के कई रिकार्ड मौजूद है, उसने ठेकेदार जाकिर से एप्पल फोन भी लिए हैं। उस पर 7 एफआईआर दर्ज है। हर दिन रोज नए केस उसके सामने आ रहे हैं। वह भुगतान राशि में से 50 फीसदी हिस्सा पाता था। इस राशि से उसने अवैध सपंत्ति बनाई। ठेकेदारों के साथ ही वह निगम के राजकुमार साल्वी, उदय भदौरिया व अन्य के साथ मिलकर फर्जी फाइल का पूरा खेल करता था। उसे जमानत नहीं मिलना चाहिए। राठौर ने इनके साथ ही जमानत के लिए मेडिकल कारण भी दिया।

जमानत खारिज, लेकिन आरोपों पर कोर्ट ने कहा सही जांच हो


विशेष न्यायाधीश देवेंद्र प्रसाद मिश्रा ने सभी तर्क सुनने के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी। साथ ही कहा कि फरियादी द्वारा लगाए गए आरोप जमानत का आधार नहीं हो सकते हैं और ना ही मेडिकल कारण भी जमानत के लिए उपयुक्त है। लेकिन प्रशासन से आपेक्षित है कि वह इस मामले में जांच विधि के सीमा में रहते हुए निष्पक्ष तौर पर करते हुए इस आर्थिक अपराध के वास्तविक अधिकारियों के खिलाफ सम्यक कार्रवाई करे।

thesootr links


  • मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
  • छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
  • रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक

सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

Tags:
  • निगम बिल घोटाला
  • इंजीनियर अभय राठौर
  • IAS प्रतिभा पाल
  • निगम प्रशासक पवन शर्मा
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज