दबंग दुनिया पर CGST की 48 करोड़ की डिमांड, रिपोर्टर, कर्मचारी ऐलोरा टोबेको के लिए कर रहे थे काम
किशोर वाधवानी के साथ ही विभिन्न कंपनियों व अन्य पक्षकारों पर सेंट्रल जीएसटी विभाग ने 1946 करोड़ (151.54 करोड़ जीएसटी और 1794.54 करोड़ सेस) की डिमांड निकाली हुई है। अब दबंग दुनिया पब्लिकेशन प्रा. लि. (डीडीपीपीएल) पर 48 करोड़ की रिकवरी निकाली गई है।
साथ ही 75 हजार की पेनल्टी भी लगाई है। वहीं इस रिकवरी के खिलाफ संस्थान हाईकोर्ट इंदौर गया था। लेकिन फिर याचिका विड्रा होने से हाईकोर्ट ने केस को खारिज कर दिया।
दबंग दुनिया प्रा. लि. पर इस तरह रिकवरी
जॉइंट कमिशनर सेंट्रल जीएसटी योगेश पांडुरंग ने 168 पेज का आदेश जारी किया है, जो द सूत्र के पास मौजूद है। फर्जी सर्कुलेशन व विज्ञापन के जरिए 11.66 करोड़ की आय दिखाई गई। इसके चलते इन पर 48 करोड़ की पेनल्टी (3.68 करोड़ जीएसटी, सेस 65 लाख व सेस 2: 44.50 करोड़) बनती है। यह सेंट्रल व स्टेट जीएसटी एक्ट 122 की धारा 2 (b) और राज्यों को कंपनसेशन एक्ट 2017 की धारा 11 के तहत लगाई गई।
डीडीपीएल और ऐलोरा दोनों आपस में जुड़ीं
आदेश में माना गया कि डीडीपीएल और ईटीसीएल (ऐलोरा टोबेको) दोनों आपस में लिप्त हैं। दबंग दुनिया के रिपोर्टर और कर्मचारियों के नाम पर फर्जी कंपनियां हैं। इसी अखबार के वाहनों का, प्रेस कार्ड का उपयोग ऐलोरा के कामों के लिए किया गया है।
हालांकि अखबार की ओर से अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा गया कि रिपोर्टर, कर्मचारी द्वारा किए गए काम के लिए वे व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार हैं ना कि संस्थान, लेकिन इस दलील को खारिज कर दिया गया।
रिपोर्टर से लेकर कर्मचारी तक जुड़े
आदेश में लिखा है कि मेसर्स डीडीपीपीएल और मेसर्स ईटीसीएल दोनों ही किशोर वाधवानी के नियंत्रण में थीं। डीडीपीपीएल का उपयोग वाधवानी द्वारा मेसर्स ईटीसीएल के गुप्त संचालन के एक हिस्से को व्यवस्थित करने, आय करने और छिपाने के लिए किया गया।
डीडीपीपीएल में क्राइम रिपोर्टर विनय भाटी ने मेसर्स टीएएन एंटरप्राइज नामक एक फर्जी स्वामित्व वाली फर्म चलाई। कर्मचारी देवेंद्र द्विवेदी को रणनीतिक रूप से मेसर्स एसआईपीएल में डायरेक्टर के पद पर नियुक्त किया गया था।
फर्जी ग्राहक, मेसर्स बालाजी ट्रेडिंग को डीडीपीपीएल के एक कर्मचारी, वैभव शर्मा के जरिए ही फर्जी पते पर पंजीकृत किया गया था। के.एन. शाबू, जिन्होंने कर सलाहकार के रूप में कार्य किया, वास्तव में मेसर्स डीडीपीपीएल के वेतनभोगी कर्मचारी थे।
फर्जी विज्ञापन और वितरण से यह आय दिखाई
आदेश में कहा गया कि दबंग दुनिया प्रा.लि. द्वारा फर्जी पांच से आठ गुना अधिक सर्कुलेशन दिखाकर 5.73 करोड़ की आय बताई गई। साथ ही, फर्जी विज्ञापन के जरिए 5.93 करोड़ (कुल 11.66 करोड़) आय दिखाई गई।
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