मासूम रोई तो पुलिस ने नाना को समझा किडनैपर, मारपीट का आरोप, बुजुर्ग की मौत
Sanjay Dhiman | Jul 05, 2026, 23:02 IST
Photograph: (the sootr)
दतिया के डबरा में नातिन को थप्पड़ मारते देख पुलिस ने किडनैपिंग समझी। पिटाई के बाद रमेश बाल्मीक की मौत हो गई। परिजनों ने हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है।
दतिया के डबरा में एक अजीब हादसा हुआ। रमेश बाल्मीक अपनी नातिन को थप्पड़ मार बैठे। बच्ची रोने लगी तो गुजर रहे पुलिसकर्मियों ने किडनैपिंग समझ ली। पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर रमेश और उनके भाई की पिटाई कर दी। पिटाई के बाद रमेश की तबीयत बिगड़ी और अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
दतिया जिले के गोराघाट थाने में पदस्थ पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। घटना डबरा से टेकनपुर जाने के रास्ते में हुई। रमेश बाल्मीक अपनी 11 साल की नातिन और भाई पप्पू के साथ जा रहे थे।
सिमरिया टेकरी के पास रमेश ने अचानक अपनी नातिन को थप्पड़ मार दिया। बच्ची डर और दर्द से रोने लगी। ठीक उसी समय वहां से कुछ पुलिसकर्मी गुजर रहे थे।
बच्ची को रोता देख पुलिसकर्मियों को शक हुआ। उन्हें लगा कि रमेश और पप्पू बच्ची को अगवा करके ले जा रहे हैं। यही शक आगे चलकर पूरे मामले की जड़ बन गया।
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परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने बिना पूरी बात समझे रमेश और पप्पू के साथ मारपीट शुरू कर दी। मारपीट के दौरान रमेश की हालत अचानक बिगड़ने लगी।
पुलिसकर्मी जब तक असली मामला समझ पाते, तब तक देर हो चुकी थी। रमेश की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। सूचना मिलते ही एंबुलेंस बुलाई गई।
एंबुलेंस रमेश को लेकर अस्पताल पहुंची। वहां डॉक्टरों ने जांच की, लेकिन तब तक रमेश की मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी पुलिसकर्मी गोराघाट थाने में ही तैनात हैं।
जैसे ही परिजनों को घटना की जानकारी मिली, वे अस्पताल पहुंचे। मौत की खबर सुनकर परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। वे पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।
स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP – Additional Superintendent of Police) जयराज कुबेर मौके पर पहुंचे। उनके साथ एसडीओपी (SDOP – Sub Divisional Officer of Police) सौरभ कुमार भी अस्पताल आए। कई अन्य पुलिस अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद रहे।
हालात को देखते हुए अस्पताल परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। यह कदम किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए उठाया गया। परिजन इस दौरान लगातार न्याय की मांग करते रहे।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस बीच परिजन पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि बिना गलती के रमेश की जान ली गई।
एडिशनल एसपी जयराज कुबेर ने मीडिया को बताया कि रास्ते में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। उन्होंने परिजनों के मारपीट के आरोप की पुष्टि या खंडन नहीं किया। उनका कहना है कि मौत के असली कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ होगा कि मौत की असली वजह क्या थी। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि आम लोगों से पूछताछ के दौरान पुलिस को कितनी सावधानी बरतनी चाहिए। एक गलतफहमी ने एक परिवार से उनका सदस्य छीन लिया।
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एक गलतफहमी, बड़ा हादसा
सिमरिया टेकरी के पास रमेश ने अचानक अपनी नातिन को थप्पड़ मार दिया। बच्ची डर और दर्द से रोने लगी। ठीक उसी समय वहां से कुछ पुलिसकर्मी गुजर रहे थे।
बच्ची को रोता देख पुलिसकर्मियों को शक हुआ। उन्हें लगा कि रमेश और पप्पू बच्ची को अगवा करके ले जा रहे हैं। यही शक आगे चलकर पूरे मामले की जड़ बन गया।
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पिटाई के बाद बिगड़ी हालत
पुलिसकर्मी जब तक असली मामला समझ पाते, तब तक देर हो चुकी थी। रमेश की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। सूचना मिलते ही एंबुलेंस बुलाई गई।
एंबुलेंस रमेश को लेकर अस्पताल पहुंची। वहां डॉक्टरों ने जांच की, लेकिन तब तक रमेश की मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी पुलिसकर्मी गोराघाट थाने में ही तैनात हैं।
अस्पताल में हंगामा
स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP – Additional Superintendent of Police) जयराज कुबेर मौके पर पहुंचे। उनके साथ एसडीओपी (SDOP – Sub Divisional Officer of Police) सौरभ कुमार भी अस्पताल आए। कई अन्य पुलिस अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद रहे।
हालात को देखते हुए अस्पताल परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। यह कदम किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए उठाया गया। परिजन इस दौरान लगातार न्याय की मांग करते रहे।
पुलिस अधिकारी का बयान
एडिशनल एसपी जयराज कुबेर ने मीडिया को बताया कि रास्ते में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। उन्होंने परिजनों के मारपीट के आरोप की पुष्टि या खंडन नहीं किया। उनका कहना है कि मौत के असली कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।
आगे क्या होगा
यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि आम लोगों से पूछताछ के दौरान पुलिस को कितनी सावधानी बरतनी चाहिए। एक गलतफहमी ने एक परिवार से उनका सदस्य छीन लिया।
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