दैनिक भास्कर के मालिक कैलाश अग्रवाल और न्यूज एडिटर पर झूठी खबरें छापकर ब्लैकमेलिंग का आरोप

Neel Tiwari | Jun 04, 2026, 16:25 IST
Amresh Orignal
जबलपुर के कारोबारी विनय दुबे ने अपर कलेक्टर के पास शिकायत दी है। इसमें दैनिक भास्कर के मालिक कैलाश अग्रवाल, पूर्व न्यूज एडिटर गिरीश पांडेय और प्रेस के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही, दैनिक भास्कर प्रेस का पंजीकरण निरस्त करने की मांग की है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • कारोबारी विनय दुबे ने दैनिक भास्कर पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया है।
  • दैनिक भास्कर के मालिक कैलाश अग्रवाल और न्यूज एडिटर गिरीश पाण्डेय पर आरोप है।
  • कारोबारी ने गलत और मानहानि करने वाली खबरें छापने का आरोप लगाया है।
  • पुराने कारोबारी विवाद को खबरों के पीछे की वजह बताया गया है।
  • अखबार का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की मांग की गई है।

जबलपुर के अपर कलेक्टर के पास पहुंचा मामला

जबलपुर के कारोबारी विनय दुबे ने अपर कलेक्टर के समक्ष एक आवेदन पेश किया है। इसमें दैनिक भास्कर के मालिक कैलाश अग्रवाल, न्यूज एडिटर गिरीश पाण्डेय और दैनिक भास्कर प्रेस को पक्षकार बनाया गया है।



आवेदन में कहा गया है कि अखबार में उनके खिलाफ लगातार गलत खबरें प्रकाशित की गईं। इसी वजह से अखबार का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की मांग की गई है।



पुराने विवाद के चलते दुश्मनी निकालने के लिए छापीं खबरें

विनय दुबे ने आवेदन में बताया है कि गिरीश पाण्डेय पहले उनकी फर्म एमएसकेवी डेवलपर्स में साझेदार थे। बाद में दोनों के बीच विवाद हो गया और उन्हें फर्म से अलग कर दिया गया था। आवेदक का आरोप है कि इसी वजह से गिरीश पाण्डेय उनके खिलाफ व्यक्तिगत दुश्मनी रखते हैं और उसी के चलते खबरें प्रकाशित करा रहे हैं।



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ट्रस्ट से नाम जोड़कर खबर छापने का आरोप

आवेदन के मुताबिक 23 मई 2026 को दैनिक भास्कर में एक खबर प्रकाशित हुई थी। इसमें विनय दुबे का नाम भगवान बाल मुकुंद जी महाराज ट्रस्ट से जोड़ा गया था। विनय दुबे का कहना है कि उनका इस ट्रस्ट से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी ठोस दस्तावेज और जांच के यह खबर प्रकाशित की गई थी।



नोटिस के बाद भी खबरें छपने का दावा

आवेदक का कहना है कि खबर छपने के बाद उन्होंने अखबार प्रबंधन को नोटिस भेजा था। इसके बावजूद 24 मई 2026 को फिर उनके खिलाफ एक और खबर प्रकाशित की गई थी। आवेदन में यह भी कहा गया है कि बाद में 3 जून 2026 को भी इसी तरह का समाचार प्रकाशित किया गया थी।



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व्हाट्सएप पर खबर फैलने से नुकसान होने का दावा

विनय दुबे ने कहा है कि प्रकाशित खबरें व्हाट्सएप (WhatsApp) के जरिए भी लोगों तक पहुंचीं। इसके बाद कई लोगों ने उनसे संपर्क किया। उनका दावा है कि इससे उनकी सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचा है। साथ ही, उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा है।



कोर्ट में चल रहे मामलों का भी हवाला

आवेदन में बताया गया है कि गिरीश पाण्डेय के खिलाफ पहले से एक दीवानी मामला अदालत में चल रहा है। इसके अलावा कुछ संपत्ति विवादों का भी जिक्र किया गया है। विनय दुबे का आरोप है कि इन्हीं मामलों के कारण उन पर दबाव बनाने के लिए ये खबरें प्रकाशित की गईं है।





अखबार पर नियमों का पालन नहीं करने का आरोप

आवेदन में कहा गया है कि समाचार प्रकाशित करने से पहले उचित जांच नहीं की गई थी। आवेदक का कहना है कि बिना पुष्टि के खबरें छापना पत्रकारिता के नियमों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई है।



रजिस्ट्रेशन रद्द करने की मांग

विनय दुबे ने जिला दंडाधिकारी से मांग की है कि मामले की जांच कराई जाए। साथ ही दैनिक भास्कर का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की कार्रवाई की जाए। आवेदन में लगाए गए आरोपों पर अभी संबंधित पक्षों की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



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