अब मप्र में पुलिस थाने भी देने लगे विज्ञापन, दैनिक भास्कर में छपे दो थानों के बधाई संदेश

मध्यप्रदेश के पुलिस थाने अब विज्ञापन देने लगे हैं। इंदौर में भंवरकुआं और लसूडिया थाने ने दैनिक भास्कर में बधाई संदेशों के रूप में विज्ञापन दिए। डीजीपी ने अनुशासन की नसीहत दी है।

author-image
Sanjay Gupta
New Update
mp police stations

INDORE.मध्यप्रदेश में अब पुलिस थाने भी विज्ञापन देने लगे हैं। सोमवार 23 फरवरी को दैनिक भास्कर समाचार पत्र के इंदौर संस्करण में दो थानों के बंधाई संदेश के नाम पर विज्ञापन छपे। एक में तो थानेदार साहब का फोटो ही लगा है। 

इन थानों ने दिए विज्ञापन

यह विज्ञापन समाचार पत्र के 43वें वर्ष पूर्ण करने के छपे हैं। एक विज्ञापन भंवरकुआं थाने के नाम पर छपा है जिसमे बधाई संदेश है। यहां के थाना प्रभारी राजकुमार यादव है। वहीं दूसरा लसूडिया थाना प्रभारी तारेश सोनी के नाम से छपा है, इसमें उनकी फोटो भी लगी है। लसूडिया थाने के विज्ञापन में समाचार पत्र को बधाई संदेश के साथ ही लंबी-चौड़ी तारीफ छापी गई है। 

mp-police-stations

विधानसभा में इंदौर का आबकारी घोटाला, मंत्री बोले- AC आबकारी संजीव दुबे की पोस्टिंग प्रशासनिक सुविधा के लिए

क्या बोल रहे टीआई

इस मामले में टीआई राजकुमार यादव से जब 'द सूत्र' ने बात की तो उन्होंने माना कि यह संदेश उनकी ओर से ही छपा है। लेकिन जब पूछा गया कि क्या थाने से ऐसे विज्ञापन हो सकते हैं तो उन्होंने कहा कि विज्ञापन है क्या है हमने देखा नहीं। जब पूछा गया कि यह तो विज्ञापन ही होगा और कमर्शियल होगा। इस पर टीआई बोले पता नहीं मैंने देखा नहीं।

mp-police-stations

इंदौर में विधायक गोलू के सवाल पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने माने कान्ह किनारे निर्माण अवैध, क्या चलेगा बुलडोजर

शुभेच्छु देकर बच गए दूसरे 

वहीं कुछ और बधाई संदेश वाले विज्ञापन भी छपे हैं। सूत्रों के अनुसार यह भी पुलिस थानों से ही है। लेकिन इसमें शुभेच्छु लिखकर खुद को बेवजह विवादों में लाने से बचा लिया है। लेकिन इसमें सबसे ज्यादा दबंग तो लसूडिया थाना ही निकला है, जो इंदौर का सबसे प्रमुख क्रीम थाना माना जाता है। इसमें न सिर्फ टीआई का नाम है, बल्कि फोटो और लंबा-चौड़ा संदेश भी है। 

इंदौर में बीजेपी-कांग्रेस पथराव में घायल दो विरोधी नेता अस्पताल में मिले, बोले- ऐसा नहीं होना था

इंदौर में पथराव के दौरान जय श्री राम के जयकारे, कांग्रेस ने FIR के लिए दिए थे 32 नाम, एक और केस

डीजीपी दे रहे हैं अनुशासन में रहने की नसीहत

उल्लेखनीय है कि रील बनाने और पुलिस वर्दी की लाज नहीं रखने के चलते डीजीपी कैलाश मकवाना ने सभी पुलिस अधिकारियों को गाइडलाइन जारी की हुई है। इसमें अनुशासन में रहने की और वर्दी का मान रखने की नसीहत दी गई है। लेकिन अब क्या विज्ञापन देना अनुशासनहीनता है या नहीं और इसके लिए फंड कहां से थानों द्वारा दिया गया, यह बड़ा सवाल है।

द सूत्र विज्ञापन पुलिस थाने दैनिक भास्कर मध्यप्रदेश
Advertisment