अपनी ही सरकार पर बरसीं एमपी की विधायक उमा देवी खटीक, दो मंत्रियों की कर दी शिकायत
DAMOH. दमोह जिले के हटा से भाजपा विधायक उमा देवी खटीक ने अपनी ही सरकार के दो मंत्रियों के खिलाफ विरोध दर्ज किया है। विधायक का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
आमतौर पर भाजपा में अनुशासन और एकजुटता की बात होती है। वहीं, इस मामले ने दिखा दिया कि अंदरूनी खटपट अब भी मौजूद है।
विधायक ने आरोप तो लगाए, लेकिन नाम नहीं लिया
एमपी सरकार के दो साल पूरे होने पर सर्वे में शामिल होने के लिए फोटो पर करें क्लिक...
मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी की सफाई
हालांकि, विधायक ने नाम नहीं लिया, फिर भी पर्यटन राज्य मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि वह उमा देवी के काम में कोई दखल नहीं देते हैं। यदि उन्हें लगता है तो वह उनसे पूछ सकते हैं।
यह जवाब उस समय आया जब उमा देवी ने किसी का नाम नहीं लिया था। इससे यह सवाल उठने लगा कि मंत्री को सफाई देने की जरूरत क्यों महसूस हुई।
विधायक उमा देवी खटीक की खबर...
|
भाजपा की छवि पर उठाने लगे सवाल
इस घटना ने भाजपा की एकजुटता पर सवाल खड़ा कर दिया है। भाजपा हमेशा कांग्रेस पर गुटबाजी का आरोप लगाती रही है। वहीं, अब यह गुटबाजी अपनी पार्टी के भीतर ही दिखाई दे रही है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि पार्टी के अंदर विधायक और मंत्री के बीच ऐसे मतभेद रहते हैं, तो इससे सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठ सकते हैं।
क्या भाजपा के अंदर संघर्ष अब खुलेगा?
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि विधायक उमा देवी खटीक का इस्तीफा देने की धमकी भाजपा संगठन के लिए एक चेतावनी है। यह पहला मामला नहीं है जब पार्टी के अंदर इस तरह की मतभिन्नताएं सामने आई हैं।
इस बार यह मामला मंत्रियों तक पहुंच गया है। सभी की नजर अब इस बात पर है कि भाजपा इस विवाद को कैसे संभालती है। क्या यह बातचीत से हल होगा, या फिर यह पार्टी के भीतर का दबा हुआ संघर्ष अब खुलकर सामने आएगा।