दतिया में त्रयोदशी भोज के रसगुल्ले बने मुसीबत? कई ग्रामीण हुए बीमार; स्वास्थ्य शिविर में इलाज जारी

Arohi Raj | Oct 18, 2026, 12:37 IST
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रसगुल्ले खाने के बाद ग्रामीण बीमार पड़ गए।
रसगुल्ले खाने के बाद ग्रामीण बीमार पड़ गए।

दतिया जिले के उड़ीना गांव में रसगुल्ले खाने के बाद कई ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें उल्टी, पेट दर्द और सिरदर्द की शिकायत हुई। करीब एक हजार लोगों के बीमार होने की बात सामने आई है, हालांकि इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रसगुल्लों में इस्तेमाल किए गए मावे के खराब होने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

लोगों की तबीयत कब बिगड़ी?

यह घटना 15 अक्टूबर को भांडेर तहसील के उड़ीना गांव में हुई। तिलक सिंह यादव के पिता एदल सिंह पटेल का बीमारी के चलते निधन हो गया था। उनके निधन के बाद त्रयोदशी का कार्यक्रम रखा गया था। इसमें शामिल होने आए ग्रामीणों ने भोजन के साथ रसगुल्ले खाए। इसके बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी।

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खुले कुएं बने रहे मौत के सौदागर, आदेश के बाद भी नहीं हुई कार्यवाही; बजट की कमी बनी बाधा
18 Oct 2026 ,
By Ashish Bhardwaj
दौसा जिले में खुले कुएं और बोरवेल से होने वाले हादसे सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर रहे हैं। प्रशासन के आदेशों के बावजूद, ये कुएं एवं बोरवेल बंद नहीं हो पा रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि बजट की कमी और निगरानी की लापरवाही इसके मुख्य कारण हैं।
दौसा जिले में खुले कुएं और बोरवेल से होने वाले हादसे सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर रहे हैं। प्रशासन के आदेशों के बावजूद, ये कुएं एवं बोरवेल बंद नहीं हो पा रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि बजट की कमी और निगरानी की लापरवाही इसके मुख्य कारण हैं।

क्या खराब मावा बना वजह?

रसगुल्लों में इस्तेमाल किए गए खराब मावे को ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मावा, जिसे खोया भी कहा जाता है, दूध को पकाकर बनाया जाता है। इसका इस्तेमाल कई तरह की मिठाइयां बनाने में होता है। इस मामले में फूड पॉइजनिंग की भी पुष्टि नहीं हुई है।

फिलहाल, खराब मावे की बात केवल आशंका है, पुष्ट तथ्य नहीं। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी पर दोष तय करना जल्दबाजी होगी। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मावा कहां से लाया गया था और रसगुल्ले कहां बनाए गए थे।

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FSSAI ने नेस्ले और हिंदुस्तान यूनिलीवर को भेजा नोटिस, भ्रामक दावे करने का लगा आरोप, दो कंपनियों का लाइसेंस रद्द
18 Oct 2026 ,
By Manya Jain
FSSAI ने नेस्ले इंडिया और हिंदुस्तान यूनिलीवर को नोटिस जारी किया है। नेस्ले के रिसोर्स रीनल पाउडर को लेकर सवाल उठे हैं। आरोप है कि कंपनी ने इसकी पहले से मंजूरी नहीं ली थी। वहीं, हॉर्लिक्स विमेंस प्लस चॉकलेट न्यूट्रिशन ड्रिंक पर भ्रामक दावे करने का आरोप है। इसके अलावा, FSSAI ने दो और कंपनियों के लाइसेंस तुरंत सस्पेंड कर दिए हैं।
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स्वास्थ्य शिविर में ग्रामीणों का इलाज

सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में शिविर लगाया। शनिवार, 17 अक्टूबर की दोपहर लगाए गए इस शिविर में बीमार ग्रामीणों का इलाज किया गया। कुछ मरीज जिला अस्पताल के साथ इंदरगढ़ और भांडेर के अस्पतालों में भी इलाज के लिए पहुंचे।

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स्थिति नियंत्रण में, गंभीर लक्षण नहीं

गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों का इलाज किया गया। जांच के दौरान किसी में गंभीर लक्षण नहीं पाए गए। फिलहाल, स्थिति नियंत्रण में है और किसी को गंभीर समस्या नहीं है।
By: डॉ. जयंत यादव, भांडेर के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर

यह खबर क्यों जरूरी है?

इस घटना से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई के महत्व को समझा जा सकता है। किसी भी कार्यक्रम में खाना खाते समय उसकी गुणवत्ता पर ध्यान दें। मिठाई खराब लगे या उसकी गुणवत्ता पर संदेह हो, तो उसे न खाएं। खाना खाने के बाद उल्टी, पेट दर्द या सिरदर्द जैसे लक्षण दिखें, तो लापरवाही न करें और डॉक्टर से संपर्क करें।

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FAQs

  1. उड़ीना गांव में ग्रामीणों की तबीयत क्यों बिगड़ी?
    ग्रामीणों की तबीयत 15 अक्टूबर को एक कार्यक्रम के दौरान बिगड़ी, जिसमें उन्होंने रसगुल्ले खाए। खराब खोये का उपयोग रसगुल्ले में होने की आशंका व्यक्त की जा रही है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
  2. खोया (मावा) क्या होता है और इसका इस्तेमाल किसमें होता है?
    खोया, जिसे मावा भी कहा जाता है, दूध को पकाकर बनाया जाता है और इसका उपयोग विभिन्न मिठाइयों, जैसे रसगुल्ले, बनाने में किया जाता है।
  3. गांव में स्वास्थ्य शिविर कब लगाया गया और स्थिति कैसी है?
    स्वास्थ्य विभाग ने 17 अक्टूबर को गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया, जिसमें बीमार ग्रामीणों का इलाज किया गया। जांच के दौरान कोई गंभीर लक्षण नहीं पाए गए और स्थिति नियंत्रण में है।
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