मेनोपॉज के संकेत
World Menopause Day: क्या उम्र का असर समझकर आप भी छिपा रही हैं मेनोपॉज का ये बड़ा राज? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
Kaushiki | Oct 18, 2026, 12:02 IST
भारत में 50% महिलाएं मेनोपॉज के शारीरिक प्रभावों से बिल्कुल अनजान हैं
विश्व मेनोपॉज दिवस पर जानिए महिलाओं की सेहत का सच। मेनोपॉज के लक्षण जैसे जोड़ों का दर्द, पसीना आना और चिड़चिड़ापन सामान्य नहीं हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक सही समय पर स्त्री रोग विशेषज्ञ सलाह, संतुलित डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव से इस दौर को आसान बनाया जा सकता है। डॉक्टरों की सलाह है कि दर्द को उम्र का असर मानकर नजरअंदाज न करें।
ऐसे में समय पर सही जानकारी और डॉक्टर की सलाह से इसे आसान बनाया जा सकता है। जयपुर की स्त्री रोग विशेषज्ञ और मेनोपॉज कंसल्टेंट डॉ. सुनीला खंडेलवाल के मुताबिक, मेनोपॉज के लक्षणों को सहने की जरूरत नहीं है। सही खानपान, व्यायाम और चिकित्सकीय सलाह से महिलाएं स्वस्थ जीवन जी सकती हैं। आइए विश्व मेनोपॉज दिवस के मौके पर इस पूरे मामले को समझते हैं।
इस स्टेज में कितनी महिलाएं शामिल हैं
एक स्टडी के मुताबिक, भारत में 50% महिलाओं को इसके प्रभावों की जानकारी ही नहीं है। वहीं 62% महिलाओं को इसके उपलब्ध ट्रीटमेंट्स के बारे में पता नहीं होता। ये कोई बीमारी नहीं, बल्कि जीवन का एक स्वाभाविक पड़ाव है।
क्या है मेनोपॉज और इसके संकेत
इस दौरान पीरियड्स अनियमित होने लगते हैं। रात में अचानक पसीना आना और नींद न खुलना इसके की सिम्पटम्स हैं। बिना वजह गर्मी महसूस होना और स्वभाव में चिड़चिड़ापन आना भी शामिल है। जोड़ों में दर्द, कमर में अकड़न और थकान बनी रहती है। इन संकेतों को उम्र का असर मानकर टालना सही नहीं है।
शरीर और हड्डियों पर पड़ता है असर
इसके अलावा 57% महिलाएं कमर दर्द और रीढ़ की अकड़न से परेशान हैं। 70% से अधिक महिलाओं में विटामिन डी3 और कैल्शियम बहुत कम मिलता है। इससे ऑस्टियोआर्थराइटिस और हड्डियों के टूटने का खतरा बढ़ जाता है।
महिला स्वास्थ्य सलाह
कामकाज और अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव
जापान में साल 2026 के स्टडी के मुताबिक, 14.65 अरब डॉलर की प्रोडक्टिविटी अफेक्ट हुई। बीमारी के कारण काम से अनुपस्थित रहना और परफॉरमेंस इवेंट इसकी मेन वजह है। कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए अनुकूल माहौल होना बहुत जरूरी है।
इन लक्षणों को कभी न करें इग्नोर
- सुबह उठने पर हाथ-पैर और जोड़ों में तेज अकड़न होना पहला संकेत है।
- घुटनों, कंधों या कमर में लगातार दर्द बने रहना दूसरा लक्षण है।
- रात में नींद पूरी न होना और दिनभर थकान महसूस होना तीसरा संकेत है।
- पहले की तुलना में शारीरिक गतिविधियों में कठिनाई महसूस होना चौथा लक्षण है।
- दर्द के कारण सीढ़ियां चढ़ने या पैदल चलने में परेशानी होना पांचवां संकेत है।
- यदि ये समस्याएं बनी रहें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
स्त्री रोग विशेषज्ञ की क्या सलाह है
- रोज थोड़ा पैदल चलने की आदत डालें और हल्का व्यायाम करें।
- अपनी थाली में कैल्शियम, प्रोटीन और हरी सब्जियां शामिल करें।
- अपनी नींद को प्राथमिकता दें और तनाव कम करने के लिए योग करें।
- दर्द को छिपाने की जगह सही समय पर स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।
क्या हार्मोन थेरेपी ही एकमात्र रास्ता है
बिना डॉक्टरी सलाह के कैल्शियम या विटामिन की गोलियां न खाएं। प्राकृतिक धूप, दूध, दही, पनीर, तिल और रागी से कैल्शियम खाएं। सही खानपान और नियमित दिनचर्या से औषधियों की जरूरत कम हो जाती है।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की जरूरत
40 से 60 साल की महिलाओं की स्वास्थ्य जरूरतों पर ध्यान देना चाहिए। अस्पतालों में मेनोपॉज क्लिनिक की सुविधा एक्सपैंड की जानी चाहिए। इससे महिलाओं को सही समय पर प्रॉपर गाइडेंस मिल सकेगा।
परिवार और समाज की जिम्मेदारी
महिलाओं को अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना सीखना होगा। तकलीफ होने पर चुप रहने के बजाए खुलकर बात करनी चाहिए। समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी है।
ये खबर क्यों जरूरी है
अपनी सेहत का ध्यान रखें और लक्षण दिखने पर डॉक्टर से मिलें। दर्द में चुप रहने की बजाए समाधान की तरफ कदम बढ़ाएं। आइए इस विश्व मेनोपॉज दिवस पर महिलाओं के स्वास्थ्य का संकल्प लें।
FAQs:
- मेनोपॉज क्या है और इसके लक्षण क्या हैं?
मेनोपॉज 45 से 55 वर्ष की उम्र में होता है जब महिला के शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर घटने लगता है। इसके लक्षणों में अनियमित पीरियड्स, रात में पसीना आना, बिना वजह गर्मी महसूस होना, चिड़चिड़ापन, जोड़ों में दर्द, और थकान शामिल हैं। - क्या मेनोपॉज को सहना आवश्यक है?
नहीं, मेनोपॉज के लक्षणों को सहना आवश्यक नहीं है। डॉ. सुनीला खंडेलवाल के मुताबिक, सही खानपान, व्यायाम और चिकित्सकीय सलाह से महिलाएं स्वस्थ जीवन जी सकती हैं। - मेनोपॉज के इलाज के लिए हार्मोन थेरेपी जरूरी है क्या?
हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एचआरटी) एक विकल्प है, लेकिन यह हर महिला के लिए उपयुक्त नहीं होती। इसे विशेषज्ञ की सलाह के बिना नहीं अपनाना चाहिए।
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