MP में B.Ed की डिमांड ज्यादा; बीएलएड और एमएड में 60% एडमिशन
Pratibha ranaa | Apr 25, 2024, 11:06 IST
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आज के युवाओं का ऐसे कोर्सेस पर ज्यादा फोकस से है, जो सीधे रोजगार से जुड़े हैं। बीते चार साल के ट्रेंड में B.Ed टॉप पर बना हुआ है...जानिए कैसे...!
BHOPAL. मध्य प्रदेश में बीएड यानी Bachelor of Education करने वाले की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले चार साल का ट्रेंड तो यही कहता है। हर साल बीएड ( B.Ed ) की 90 फीसदी से ज्यादा सीटें भर जाती हैं। इसके उलट नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) के तीन कोर्स ऐसे हैं, जिनमें मुश्किल से 60 फीसदी या इससे कम ही सीटें भर पाती हैं। इनमें बीएलएड, एमएड, बीएबीएड जैसे कोर्स शामिल हैं। इन्हें लेकर युवाओं में रुझान कम है। 2023- 24 में पीबीएड में 100 फीसदी एडमिशन हुए थे। यानी पीबीएड की सभी 150 सीटें भर गई थीं।
दरअसल, अब युवाओं का ज्यादा फोकस रोजगार देने वाले कोर्स पर है। यही वजह है कि एनसीटीई के पाठ्यक्रमों में भी ऐसे ही कोर्स में सबसे ज्यादा एडमिशन हो रहे हैं, जो सीधे तौर पर रोजगार से जुड़े हैं। काउंसिलिंग के शुरुआती दौर में ही ऐसे कोर्स की सीटें भर जाती हैं। डिमांड को देखते हुए ही बीएड की सीटें भी बाकी कोर्सेस से बहुत ज्यादा हैं।
पिछले साल बीएड की 59 हजार 50 सीटों में से 57 हजार 756 सीटों पर एडमिशन हुए थे। एनसीटीई के मुख्य कोर्सेस में बीएड, बीपीएड, एमपीएड, एमएड, बीएडएमएड, बीएबीएड, बीएससीबीएड, बीएलएड शामिल हैं। पिछले साल एनसीटीई की कुल 71 हजार सीटों में से 68 हजार सीटें फुल हो गई थी।
हालांकि सभी कोर्स की कुल सीटों को मिलाएं तो औसतन 90 फीसदी तक सीटें भर जाती हैं। 2023-24 में नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) की कुल 71 हजार 275 सीटों में से 67 हजार 951 सीटें भर गई थीं।
रोजगार देने वाले कोर्स पर युवाओं का फोकस
दरअसल, अब युवाओं का ज्यादा फोकस रोजगार देने वाले कोर्स पर है। यही वजह है कि एनसीटीई के पाठ्यक्रमों में भी ऐसे ही कोर्स में सबसे ज्यादा एडमिशन हो रहे हैं, जो सीधे तौर पर रोजगार से जुड़े हैं। काउंसिलिंग के शुरुआती दौर में ही ऐसे कोर्स की सीटें भर जाती हैं। डिमांड को देखते हुए ही बीएड की सीटें भी बाकी कोर्सेस से बहुत ज्यादा हैं।
59 हजार में से 58 हजार सीटों पर एडमिशन
पिछले साल बीएड की 59 हजार 50 सीटों में से 57 हजार 756 सीटों पर एडमिशन हुए थे। एनसीटीई के मुख्य कोर्सेस में बीएड, बीपीएड, एमपीएड, एमएड, बीएडएमएड, बीएबीएड, बीएससीबीएड, बीएलएड शामिल हैं। पिछले साल एनसीटीई की कुल 71 हजार सीटों में से 68 हजार सीटें फुल हो गई थी।
वर्ष 2023-24 में एडमिशन की स्थिति
| कोर्स | कुल सीटें | एडमिशन | खाली सीटें |
| बीएड | 59050 | 57756 | 1294 |
| बीपीएड | 1650 | 1567 | 83 |
| एमपीएड | 325 | 322 | 3 |
| एमएड | 3300 | 2337 | 963 |
| बीएडएमएड | 250 | 226 | 24 |
| बीएबीएड | 3650 | 3152 | 496 |
बीएससीबीएड 5 | 2750 | 2385 | 36 |
| बीएलएड | 150 | 56 | 94 |
| पीबीएड | 150 | 150 | 00 |
औसतन 90 फीसदी तक एडमिशन
हालांकि सभी कोर्स की कुल सीटों को मिलाएं तो औसतन 90 फीसदी तक सीटें भर जाती हैं। 2023-24 में नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) की कुल 71 हजार 275 सीटों में से 67 हजार 951 सीटें भर गई थीं।
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