बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने उठाई बुंदेलखंड राज्य की मांग, जानें और क्या बोले
Sandeep Kumar | Sept 19, 2025, 19:04 IST
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कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री ने बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र का व्यापक विकास होगा। साथ ही उन्होंने गायों की सड़कों पर समस्या का समाधान गौशालाओं के निर्माण में है।
नीरज सोनी @ छतरपुर
बागेश्वर धाम के कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने की मांग की। मध्यप्रदेश के छतरपुर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अलग राज्य बनने से क्षेत्र में विकास और प्रगति हो सकता है। उनका मानना है कि यह कदम बुंदेलखंड के लोगों के लिए फायदेमंद होगा और क्षेत्र में गति आएगी।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि निर्णय के लिए सरकार और कानून हैं। उन्होंने बताया कि सत्ता में बैठे लोग उसी के अनुसार निर्णय लेंगे। शास्त्री ने यह भी कहा कि अगर यह निर्णय लिया जाता है, तो यह क्षेत्र के लिए फायदेमंद होगा।
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धीरेंद्र शास्त्री ने सड़कों पर घूमती गायों की समस्या पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बुंदेलखंड, मध्य प्रदेश और हिंदू धर्म के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। गाय को हम मां मानते हैं, लेकिन वह सड़कों पर घूम रही है। यह एक कष्टदायी स्थिति है और इसे शीघ्र हल करने की आवश्यकता है।
उनके अनुसार, सरकारों को हर ब्लॉक या जिले में 5-5 गौशालाओं का निर्माण करवाना चाहिए, जिसमें 5 से 10 हजार तक गौवंशों को रखा जा सके। इस व्यवस्था के लागू होने से सड़कों पर गायों की संख्या में कमी आएगी और इस समस्या का समाधान होगा।
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छतरपुर में आयोजित श्री अन्नपूर्णा रामलीला समिति के कार्यक्रम में भी धीरेंद्र शास्त्री ने भाग लिया। इस दौरान उन्होंने आगामी 7 नवंबर से 16 नवंबर तक होने वाली रामलीला पदयात्रा के बारे में चर्चा की। उन्होंने बताया कि रामलीला भारत की संस्कृति का अहम हिस्सा है और यह हर भारतीय को भगवान राम के प्रति समर्पण का पाठ पढ़ाती है।
धीरेंद्र शास्त्री ने भारतीयों से राष्ट्रभक्ति (Patriotism) के प्रति अपनी निष्ठा दिखाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "राम से ही राष्ट्र है और राष्ट्र से ही प्रभु श्री राम हैं। राम ही राष्ट्र हैं और राष्ट्र ही प्रभु श्री राम हैं।" उनका यह संदेश राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समृद्धि को बढ़ावा देने का था।
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धीरेंद्र शास्त्री ने धार्मिक स्थलों पर राष्ट्रभक्ति के प्रचार के लिए एक और महत्वपूर्ण सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि देश के मंदिरों, मस्जिदों, गिरजाघरों और अन्य धार्मिक स्थलों पर हफ्ते में कम से कम एक बार राष्ट्रगान गाया जाना चाहिए। इससे लोगों में देशभक्ति की भावना जागृत होगी और राष्ट्र के प्रति उनका कर्तव्यबोध मजबूत होगा।
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धीरेंद्र शास्त्री ने सरकार से अपील की कि गौ संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और गौशालाओं का निर्माण शीघ्र शुरू किया जाए। उन्होंने सरकार से यह भी आग्रह किया कि बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने पर विचार किया जाए, ताकि वहां के लोग बेहतर जीवन जी सकें।
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बागेश्वर धाम के कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने की मांग की। मध्यप्रदेश के छतरपुर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अलग राज्य बनने से क्षेत्र में विकास और प्रगति हो सकता है। उनका मानना है कि यह कदम बुंदेलखंड के लोगों के लिए फायदेमंद होगा और क्षेत्र में गति आएगी।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि निर्णय के लिए सरकार और कानून हैं। उन्होंने बताया कि सत्ता में बैठे लोग उसी के अनुसार निर्णय लेंगे। शास्त्री ने यह भी कहा कि अगर यह निर्णय लिया जाता है, तो यह क्षेत्र के लिए फायदेमंद होगा।
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गायों की समस्या पर चिंता
उनके अनुसार, सरकारों को हर ब्लॉक या जिले में 5-5 गौशालाओं का निर्माण करवाना चाहिए, जिसमें 5 से 10 हजार तक गौवंशों को रखा जा सके। इस व्यवस्था के लागू होने से सड़कों पर गायों की संख्या में कमी आएगी और इस समस्या का समाधान होगा।
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रामलीला पदयात्रा और राष्ट्रभक्ति का संदेश
धीरेंद्र शास्त्री ने भारतीयों से राष्ट्रभक्ति (Patriotism) के प्रति अपनी निष्ठा दिखाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "राम से ही राष्ट्र है और राष्ट्र से ही प्रभु श्री राम हैं। राम ही राष्ट्र हैं और राष्ट्र ही प्रभु श्री राम हैं।" उनका यह संदेश राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समृद्धि को बढ़ावा देने का था।
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राष्ट्रगान के प्रचार की जरूरत
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सरकार से अपील
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