दिग्विजय बोले- मुस्लिम आबादी घटी, RSS पर लगाए दंगे भड़काने के आरोप, I Love Muhammad पर ये कहा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के झांसी पहुंचे। जहां उन्होंने कहा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर हमला बोला। इस दौरान उन्होंने कहा कि आरएसएस पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस चलना चाहिए। झांसी पहुंचे दिग्विजय ने कहा कि आरएसएस दंगे भड़काने का काम करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक नॉन रजिस्टर्ड संस्था है। इनके लोग हिंसा कराते हैं और बाद में सफाई दी जाती है कि यह व्यक्ति उनका सदस्य नहीं है। जब संस्था का रजिस्ट्रेशन ही नहीं है, तो सदस्यता का सवाल ही नहीं उठता।
आरएसएस के प्रचार पर लगाया आरोप
बरेली में हुए बवाल पर उन्होंने कहा कि तौकीर रजा जैसे भड़काऊ नेता सिर्फ मुस्लिमों में ही नहीं, हिंदुओं में भी मौजूद हैं। ऐसे लोग मंच से भाषण देकर लोगों को भड़काने का काम करते हैं। दिग्विजय शुक्रवार को दतिया स्थित पीतांबरा पीठ दर्शन करने पहुंचे थे। दर्शन के बाद भोपाल के लिए रवाना हो गए।
कांग्रेस नेता दिग्विजय के बयान वाली खबर पर एक नजर
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चंदा वसूलने का काम करती है संघ
दिग्विजय ने आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें उन्होंने कहा कि संघ चंदा वसूलने का काम करती है, लेकिन यह चंदा कहां जाता है, इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब संघ का कोई बैंक खाता नहीं है तो विजयादशमी और गुरु पूर्णिमा जैसे त्योहारों पर करोड़ों रुपए चंदे के रूप में कैसे एकत्रित होते हैं और वह पैसा कहां जाता है। दिग्विजय ने यह भी कहा कि संघ का असली उद्देश्य सिर्फ हिंदुओं को भड़काना और उन्हें संविधान के खिलाफ तैयार करना है। उनका यह भी कहना था कि संघ कभी भी खुले तौर पर आंदोलन या प्रदर्शन नहीं करता, बल्कि हमेशा कानाफूसी की राजनीति के जरिए समाज में नफरत और तनाव फैलाने का काम करता है।
मुसलमानों की जनसंख्या घट रही- दिग्विजय सिंह
दिग्विजय सिंह ने आरएसएस के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संघ के लोग यह कह रहे हैं कि मुसलमानों की जनसंख्या बढ़ रही है, लेकिन यह बात पूरी तरह से गलत है। उनका कहना था कि मुसलमानों की जनसंख्या बढ़ने की बात पूरी तरह से संभव नहीं है, क्योंकि जहां हिंदुओं की जनसंख्या घट रही है, वहीं मुसलमानों की जनसंख्या उससे कहीं अधिक तेजी से घट रही है।
उन्होंने 2001 और 2011 के बीच के जनसंख्या ग्राफ को इसका प्रमाण बताया, जो इस तथ्य को साबित करता है। दिग्विजय ने यह भी कहा कि 2021 की जनसंख्या रिपोर्ट को जानबूझकर रोक कर रखा गया है, जिससे इस मुद्दे पर सही जानकारी सामने नहीं आ पाई। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस और सरकार मिलकर हिंदुओं को गुमराह कर रहे हैं।
आई लव मोहम्मद पर दिग्विजय सिंह का बयान
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगर कोई आई लव मोहम्मद कहता है या कोई आई लव रामजी, आई लव महादेव, आई लव कृष्ण भगवान, या आई लव गांधीजी कहता है, तो इसमें किसी को क्या परेशानी हो सकती है? उन्होंने सवाल उठाया कि इस पर मुकदमा दर्ज करने की जरूरत क्यों पड़ी? दिग्विजय का कहना था कि दंगे सिर्फ सरकार और सरकारी अधिकारियों की नीयत पर निर्भर करते हैं, और उन्हें रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
कुछ भड़काऊ लोग मुसलमानों में हैं- दिग्विजय सिंह
कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि सरकार चाहें, तो देश में कभी दंगे नहीं हो सकते। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को संवेदनशील मामलों में समय रहते कदम उठाने की आवश्यकता है। बरेली में मौलाना तौकीर रजा पर टिप्पणी करते हुए दिग्विजय ने कहा कि कुछ भड़काऊ लोग मुसलमानों में हैं, तो ठीक वैसे ही हिंदुओं में भी ऐसे लोग होते हैं। ये लोग समाज में तनाव पैदा करने के लिए भड़काऊ भाषण देते हैं।
संभल में हुई बुलडोजर कार्रवाई पर दिग्विजय ने कहा कि अगर कोई निर्माण अवैध है, तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन एक व्यक्ति के अपराध के लिए उसके पूरे परिवार को सजा देना न्यायसंगत नहीं है।
घुसपैठिया को लेकर दागे सवाल
कांग्रेस नेता ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने जो घुसपैठियों की लिस्ट जारी की है, उसमें एक भी घुसपैठिए का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि किस पोलिंग बूथ पर कौन सा घुसपैठिया है, उसका नाम सामने क्यों नहीं आया। दिग्विजय ने घुसपैठिए की परिभाषा पर भी सवाल किया और कहा कि जब केंद्र में पिछले 11 साल से भाजपा की सरकार है, तो यह घुसपैठिए नेपाल से आए हैं या बांग्लादेश से? उन्होंने यह भी कहा कि घुसपैठिए सिर्फ भाजपा और अमित शाह की नजर में हैं, लेकिन इस पर कोई ठोस जानकारी और नाम सामने नहीं आए हैं।
आरएसएस से पर चलना चाहिए केस
दिग्विजय सिंह ने कोविड के दौरान आरएसएस द्वारा किए गए 7 करोड़ रुपए की मदद के दावे पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि आरएसएस ने यह दावा किया था कि उसने जनता को 7 करोड़ रुपए की मदद दी है। इस पर उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक पत्र लिखकर पूछा था कि एक नॉन रजिस्टर्ड संस्था यह कह रही है कि उसने 7 करोड़ रुपए एकत्र किए और खर्च किए, तो आखिर किस अकाउंट से पेमेंट किया गया। दिग्विजय ने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में मनी लॉन्ड्रिंग का केस चलना चाहिए, क्योंकि एक नॉन रजिस्टर्ड संस्था बिना किसी अकाउंट के 7 करोड़ रुपए खर्च नहीं कर सकती। हालांकि, उन्होंने कहा कि आज तक वित्त मंत्री से कोई जवाब नहीं आया है।