एक डिनर मीटिंग जिसने तय की एमपी की सियासत... दिग्विजय सिंह ने बताई कमलनाथ सरकार गिरने की पूरी कहानी
Dablu Kumar | Aug 23, 2025, 15:31 IST
KAMALNATH SARKAR
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कमलनाथ सरकार गिरने के कारणों पर खुलकर बातचीत की। उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ अपनी लड़ाई पर भी खुलकर बात की है।
पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने एमपी में पांच साल पहले सरकार गिरने की वजह बताई है। दिग्विजय ने इसके लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कमलनाथ ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की मांगें न मानी। इसके कारण कांग्रेस की सरकार गिर गई। इस मामले में दिग्विजय सिंह ने अपनी स्थिति साफ करते हुए कहा कि यह कोई बड़ा संघर्ष नहीं था। लेकिन यह एक व्यक्तित्व संघर्ष बन गया था।
दिग्विजय सिंह ने इंडिया टुडे ग्रुप के तक चैनल के मैनेजिंग एडिटर मिलिंद खांडेकर से बातचीत के दौरान कई बातों का खुलासा किया। उन्होंने कहा- यह दुर्भाग्यपूर्ण था कि जिन पर हमें पूरा भरोसा था, उन लोगों ने धोखा दे दिया। आइडियोलॉजिकल क्लैश नहीं था और यह एक व्यक्तिगत संघर्ष बन गया। जब उनसे पूछा गया कि अगर कमलनाथ ग्वालियर-चंबल संभाग से जुड़ी सिंधिया की मांगें मान लेते तो क्या सरकार बच सकती थी, तो उन्होंने स्वीकार किया कि शायद फिर यह नौबत नहीं आती।
.ये भी पढ़िए...एमपी के कई जिलों में भारी बारिश ने मचाई तबाही, तवा डैम के 7 गेट खुले
मध्यप्रदेश में 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बहुमत हासिल किया था और कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाया गया था। पार्टी ने 15 साल बाद सत्ता में वापसी की थी। लेकिन सरकार के भीतर चल रही अंदरूनी नाराजगी के कारण यह स्थिर नहीं रह पाई। सिंधिया ने बगावत की और बीजेपी में शामिल हो गए। जिसके बाद बीजेपी में कांग्रेस के कई विधायक पार्टी छोड़कर सिंधिया के खेमे में चले गए, इससे सरकार अल्पमत में आ गई और कमलनाथ को मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा।
कयास लगाए जाते हैं कि दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया की लड़ाई के कारण कांग्रेस की सरकार गिरी? इस पर उन्होंने कहा कि यह प्रचारित किया गया कि उनकी और सिंधिया की आपसी लड़ाई की वजह से सरकार गिरी। लेकिन सच्चाई कुछ और थी। दिग्विजय ने खुलासा किया कि उन्होंने पहले ही इस संकट के बारे में चेतावनी दी थी। उन्होंने आगे कहा कि यह उनके लिए कोई नया अनुभव नहीं है, क्योंकि हमेशा उन पर ऐसे आरोप लगाए जाते हैं, जिनमें वे दोषी नहीं होते।
उन्होंने बताया कि एक बड़े उद्योगपति के घर पर सिंधिया और कमलनाथ के बीच डिनर बैठक का आयोजन किया गया था, इसमें उन्हें भी शामिल होने का अवसर मिला। दिग्विजय ने कहा कि उन्होंने इस बैठक में दोनों नेताओं के बीच संघर्ष को सुलझाने की पूरी कोशिश की, क्योंकि वे जानते थे कि अगर यह विवाद बढ़ता है तो कांग्रेस की सरकार गिर सकती है।
ये भी पढ़िए...MP News: एमपी में 25 सहायक जिला आबकारी अधिकारियों के हुए ट्रांसफर, देखें लिस्ट
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बताया कि एक उद्योगपति जिनके घर यह बैठक हुई थी, दोनों नेताओं के अच्छे मित्र हैं। उनसे (उद्योगपति) हमने ही इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की थी।
बैठक में, दोनों नेताओं ने कुछ मुद्दों पर चर्चा की और एक लिस्ट तैयार की, जिसमें ग्वालियर-चंबल संभाग से जुड़ी कुछ मांगें थीं। दिग्विजय ने कहा कि उन्होंने इस लिस्ट पर दस्तखत किए थे और दोनों ने अगले दिन उसे पूरा करने की योजना बनाई थी। हालांकि, अफसोस की बात यह रही कि इस लिस्ट का पालन नहीं हुआ और इसके तमाम प्रयासों के बावजूद कमलनाथ सरकार बच नहीं पाई।
दिग्विजय ने स्पष्ट किया कि ना तो उनका माधवराव सिंधिया से कोई विवाद था और न ही ज्योतिरादित्य सिंधिया से। वह मानते थे कि अगर समय रहते उनकी मांगों को पूरा किया गया होता तो शायद स्थिति अलग होती, लेकिन दुर्भाग्यवश मौके पर कोई कदम नहीं उठाया गया और सरकार गिर गई।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्हें अपनी भूमिका पर कोई अफसोस नहीं है, लेकिन यह दुख है कि उन्हें हमेशा उन मामलों में दोषी ठहराया जाता है, जिनमें वे दोषी नहीं होते। उन्होंने कहा- यह मेरी कुंडली में ही है कि मुझ पर हमेशा वही आरोप लगेगा, जिसमें मैं दोषी नहीं हूं।
ये भी पढ़िए... mp politcs: उमंग सिंघार के चड्डी वाले बयान पर विधायक रामेश्वर शर्मा का हमला , कहा- आरएसएस के बारे में नेहरू-इंदिरा से पूछो
बीजेपी ने हमेशा यह प्रचारित किया था कि दिग्विजय सिंह और सिंधिया के बीच की लड़ाई के कारण ही कमलनाथ की सरकार गिर गई। लेकिन अब दिग्विजय ने इसे नकारते हुए कहा कि सच्चाई कुछ और थी। उन्होंने कहा कि सिंधिया और कमलनाथ के बीच की आंतरिक राजनीति ने ही कांग्रेस सरकार के पतन का कारण बनी।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧👩
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया
सिंधिया की मांगों को नजरअंदाज करना पड़ा मंहगा
.ये भी पढ़िए...एमपी के कई जिलों में भारी बारिश ने मचाई तबाही, तवा डैम के 7 गेट खुले
2018 में कांग्रेस ने की थी सत्ता वापसी
डिनर मीटिंग की कहानी
उन्होंने बताया कि एक बड़े उद्योगपति के घर पर सिंधिया और कमलनाथ के बीच डिनर बैठक का आयोजन किया गया था, इसमें उन्हें भी शामिल होने का अवसर मिला। दिग्विजय ने कहा कि उन्होंने इस बैठक में दोनों नेताओं के बीच संघर्ष को सुलझाने की पूरी कोशिश की, क्योंकि वे जानते थे कि अगर यह विवाद बढ़ता है तो कांग्रेस की सरकार गिर सकती है।
ये भी पढ़िए...MP News: एमपी में 25 सहायक जिला आबकारी अधिकारियों के हुए ट्रांसफर, देखें लिस्ट
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बताया कि एक उद्योगपति जिनके घर यह बैठक हुई थी, दोनों नेताओं के अच्छे मित्र हैं। उनसे (उद्योगपति) हमने ही इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की थी।
बैठक में इस बात हुई चर्चा
दिग्विजय ने स्पष्ट किया कि ना तो उनका माधवराव सिंधिया से कोई विवाद था और न ही ज्योतिरादित्य सिंधिया से। वह मानते थे कि अगर समय रहते उनकी मांगों को पूरा किया गया होता तो शायद स्थिति अलग होती, लेकिन दुर्भाग्यवश मौके पर कोई कदम नहीं उठाया गया और सरकार गिर गई।
दिग्विजय सिंह का बयान
ये भी पढ़िए... mp politcs: उमंग सिंघार के चड्डी वाले बयान पर विधायक रामेश्वर शर्मा का हमला , कहा- आरएसएस के बारे में नेहरू-इंदिरा से पूछो
क्या था सच्चाई?
FAQ
- दिग्विजय सिंह ने कमलनाथ सरकार गिरने के बारे में क्या कहा?
दिग्विजय सिंह ने कमलनाथ सरकार गिरने के कारणों पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि ज्योतिरादित्य सिंधिया की मांगें न मानी जाने के कारण सरकार गिर गई। उन्होंने कहा कि यह कोई आदर्शिक संघर्ष नहीं था, बल्कि एक व्यक्तित्व संघर्ष था। - दिग्विजय सिंह ने डिनर मीटिंग के बारे में क्या खुलासा किया?
दिग्विजय सिंह ने बताया कि एक बड़े उद्योगपति के घर पर हुई डिनर मीटिंग में कमलनाथ और सिंधिया के बीच ग्वालियर-चंबल संभाग की समस्याओं को लेकर चर्चा हुई थी। दोनों नेताओं ने मिलकर एक सूची तैयार की थी, लेकिन वह सूची बाद में पालन नहीं हो पाई, जिसके कारण सरकार की स्थिरता प्रभावित हुई। - क्या दिग्विजय सिंह और सिंधिया के बीच किसी तरह की लड़ाई थी?
दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि उनकी और सिंधिया के बीच कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं थी। यह केवल एक व्यक्तित्व संघर्ष था, जो कमलनाथ सरकार के गिरने का कारण बना।
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्स और एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧👩
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman