नहीं बढ़ा DA, MP cabinet में अनदेखी से कर्मचारी हुए लामबंद,दिया ज्ञापन

मध्‍य प्रदेश  में सीएम डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट बैठक में डीए न बढ़ने से सरकारी कर्मचारियों को फिर निराशा हुई। डीए बढ़ने की आस लगाए बैठे कर्मचारी संगठनों में विरोध के सुर तेज हो गए हैं। कुछ ने धरना-प्रदर्शन की भी घोषणा कर दी है।

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Jitendra Shrivastava
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संजय शर्मा, BHOPAL. लोकसभा चुनाव से पहले DA वृद्धि की आस लगाए प्रदेश के 12 लाख Government  Employees एक बार फिर खाली हाथ रह गए हैं। गुरुवार को डॉ. मोहन यादव की मप्र कैबिनेट ( MP cabinet ) बैठक में DA वृद्धि का प्रस्ताव रखे जाने की चर्चा भी थी लेकिन अचानक इसे टाल दिया गया है। कैबिनेट में DA बढ़ाने के प्रस्ताव को हरी झंडी न मिलने से कर्मचारी निराश हैं तो उनके संगठनों में विरोध के सुर तेज हो गए हैं। कुछ संगठनों ने शुक्रवार को राजधानी सहित जिला मुख्यालयों पर धरना- प्रदर्शन करने की घोषणा भी कर दी है। 

DA वृद्धि पर पूरे प्रदेश में होगा धरना-प्रदर्शन

MP के 12 लाख सरकारी कर्मचारी सरकार से 8 फीसदी महंगाई भत्ते यानी की DA देने की मांग कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता जारी होने से पहले उन्हें सरकार से DA बढ़ाए जाने की भी उम्मीद थी और सरकार का रुख भी इसके पक्ष में नजर आ रहा था। गुरुवार को कैबिनेट बैठक से पहले इसकी चर्चा भी चल पड़ी थी कि कर्मचारियों को लुभाकर चुनाव में लाभ लेने के लिए सरकार DA बढ़ाने के प्रस्ताव को पास कर सकती है। लेकिन बैठक में इस पर चर्चा ही नहीं हुई। बैठक के बाद इस खबर ने प्रदेश के कर्मचारियों को निराश कर दिया है। अब कर्मचारी संगठन सरकार के इस रवैये के विरोध में धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा कर रहे हैं। कुछ संगठनों ने जिला मुख्यालय और राजधानी में धरने का कार्यक्रम भी जारी कर दिया है। 

पूरे प्रदेश में शुक्रवार को दिया जाएगा धरना

DA वृद्धि की मांग को लेकर सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के 52 संगठनों के मध्य प्रदेश संयुक्त अधिकारी-कर्मचारी मोर्चा के आव्हान पर पूरे प्रदेश में शुक्रवार को धरना दिया जाएगा। भोपाल में राज्य मंत्रालय के कर्मचारी और अधिकारी भी इस प्रदर्शन में शामिल होंगे। मंत्रालयीन कर्मचारी-अधिकारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक का कहना है की जब केंद्र सरकार ने महंगाई राहत बढ़ा दी है और अन्य राज्यों में भी इसे लागू कर दिया गया है तो मप्र सरकार को 8 फीसदी DA वृद्धि करने में क्या मुश्किल आ रही है। जबकि सरकार पहले इसको लेकर आश्वस्त कर चुकी है।  

सरकार वादा करके भूल जाती है DA बढ़ाना

मप्र वन कर्मचारी संघ के BR यादव का कहना है की सरकार से कर्मचारियों को बड़ी उम्मीद थी, लेकिन कैबिनेट में प्रस्ताव नहीं लाकर प्रदेश भर के कर्मचारियों के हितों की अनदेखी की गई है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। हम ऐसे रवैये का विरोध करते हैं। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव उमाशंकर तिवारी ने सरकार पर अपने ही कर्मचारियों और पेंशनर्स से सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा हमारी सरकार केंद्र सरकार के समान महंगाई भत्ता देने का वादा तो करती है, लेकिन उस पर अमल करना भूल जाती है।

CM-CS ऑफिस में ज्ञापन सौंपकर की DA बढ़ाने की मांग 

कैबिनेट में प्रस्ताव नहीं आने से नाराज कर्मचारियों ने गुरुवार शाम मंत्रालय में CM और CS ऑफिस पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। इससे पहले मंत्रालयीन अधिकारी- कर्मचारी संघ द्वारा बैठक बुलाई गई। बैठक के बाद संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक, राजेश कौल,  राजकुमार पटेल, आशीष सोनी और आलोक वर्मा के प्रतिनिधिमंडल ने CM  के सचिव भरत यादव और CS  के ओएसडी राजेश सिंह को उनके नाम पत्र सौंपकर कर्मचारियों की 8 फीसदी DA  वृद्धि की मांग से अवगत कराया।

सरकार इन पर कर रही बेहिसाब खर्च...

  • हेलीकाप्टर सेवाः                                      39.35 करोड़ रुपए 
  • लाड़ली बहना योजनाः                             1210 करोड़ प्रति माह 
  • लाड़ली लक्ष्मी योजनाः                             929 करोड़ वार्षिक 
  • मुख्यमंत्री किसान कल्याणः                      5448 करोड़ 
  • उज्जैन में वैदिक घड़ीः                              1.62 करोड़ 
  • नगरीय निकायों कोः                               1000 करोड़ की राशि 
  • सिंहस्थ के लिएः                                      18,840  करोड़ का बजट 
  • आदिवासी अंचल में कनेक्टिविटी बढ़ानेः    5000 करोड़ 
  • ई-मोबिलिटी को बढ़ावा देनेः                     500 करोड़ का बजट

 

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