दवाइयों के लिए नहीं भटकेंगे मरीज, एमपी में ई-औषधि पोर्टल पर दिखेगा लाइव स्टॉक

Aman Vaishnav | Jun 10, 2026, 10:04 IST
Share
ई-औषधि पोर्टल पर दवाओं का लाइव स्टॉक
ई-औषधि पोर्टल पर दवाओं का लाइव स्टॉक

मध्यप्रदेश में ई-औषधि पोर्टल से सरकारी अस्पतालों का दवा स्टॉक ऑनलाइन दिखेगा। दवा खत्म होते ही अस्पताल को लाइव अलर्ट मिलेगा। साथ ही मरीजों को अब दवा के लिए चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

समझें क्या है पूरा मामला

  • सरकारी अस्पतालों को अब ऑनलाइन ई-औषधि पोर्टल से जोड़ा जा रहा है।
  • इस सिस्टम से हर अस्पताल में किस दवा का कितना स्टॉक है, इसकी लाइव जानकारी दिखेगी।
  • दवा खत्म होने से 10 दिन पहले ही अधिकारियों के पास अलर्ट पहुंच जाएगा।
  • मरीज खुद चेक कर सकेंगे कि उनके नजदीकी अस्पताल में कौन सी दवा मौजूद है।
  • इससे सरकारी अस्पतालों में दवाओं की बर्बादी और फिजूलखर्ची पर पूरी तरह रोक लगेगी।
8cbd2e7a-f18
8cbd2e7a-f18


ई-औषधि पोर्टल क्या है?

प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में दवा उपलब्धता की जानकारी अब एक क्लिक पर मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग ई-औषधि पोर्टल को और प्रभावी बना रहा है। इससे जिला अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी सभी जुड़ेंगे। हर केंद्र का दवा स्टॉक रियल टाइम में पोर्टल पर अपडेट होगा।

अभी तक कई बार ऐसी स्थिति बनती थी कि अस्पताल में दवाइयांखत्म हो जाती थी। मरीज को दूसरे जिले के दूसरे अस्पताल में जाना पड़ता था। या फिर बाहर से दवा खरीदनी पड़ती थी। इस पोर्टल के आने के बाद ऐसा नहीं होगा।

a90d29ca-a61
a90d29ca-a61


कैसे काम करेगा सिस्टम

सभी सरकारी अस्पतालों के दवा स्टॉक ऑनलाइन जुड़ेंगे। दवा खत्म होने पर स्टॉक तुरंत अपडेट होगा। साथ ही संबंधित अधिकारियों को लाइव अलर्ट और भेज दिया जाएगा।

वहीं नया फार्मेसी होने पर डिजिटल स्वीकृति और आपूर्ति होगी। सभी जगह सिस्टम को कौन सी दवा कितने दिन में अस्पताल में उपलब्ध है इसका पूरा हिसाब रहेगा।

इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि संबंधित दवा किस अस्पताल में उपलब्ध है। वहीं दवाई खत्म होने पर सीधे रिपोर्ट जाएगी। जल्द ही यह सेवा पूरी तरह चालू होगी।

CA_Pharmacy_01-766937
CA_Pharmacy_01-766937


अनावश्यक दवा खरीदी पर लगेगी लगाम

अभी तक की व्यवस्था में ये चक्कर मरीजों को लाने पड़ते थे। कई बार बाहर से दवा खरीदनी पड़ती थी। इससे मरीजों और उनके परिजनों पर आर्थिक बोझ पड़ता था। साथ ही सरकारी अस्पताल में दवा न मिलने की शिकायतें भी आम हो गई थीं।

ई-औषधि पोर्टल की वजह से अब यह तय हो सकेगा कि दवा कहां है और किस जिले में भेजनी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे स्टॉक खत्म होने, दवाओं की बर्बादी और अनावश्यक खरीद तीनों समस्याओं पर निगरानी मिलेगी।

83f74225-8f9
83f74225-8f9


स्वास्थ्य विभाग का यह नया कदम

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अस्पताल में दवा की स्थिति को आगे से ऑनलाइन ट्रैक किया जाएगा। अस्पतालों को अब 10 दिन पहले ही स्टॉक की कमी का अनुमान लगाया जा सकेगा। यह जानकारी सीधे आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी होगी।

इससे दवा की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित होगी। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा। मरीजों को सरकारी अस्पताल में बेहतर अनुभव मिलेगा।

FAQ

  1. ई-औषधि पोर्टल क्या है?
    ई-औषधि पोर्टल एक सरकारी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। इस पर सरकारी अस्पतालों का दवा स्टॉक रियल टाइम में देखा जा सकता है। यह मरीजों और अधिकारियों दोनों के लिए उपयोगी है।
  2. ई-औषधि पोर्टल पर दवा खत्म होने पर क्या होगा?
    दवा का स्टॉक खत्म होते ही पोर्टल पर लाइव अलर्ट आएगा। यह अलर्ट संबंधित अधिकारियों तक पहुंचेगा। इससे समय पर दवा की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
  3. ई-औषधि पोर्टल पर मरीज कौन-कौन सी जानकारी देख सकते हैं?
    पोर्टल पर एक क्लिक में यह पता चलेगा कि किस अस्पताल में कौन सी दवा उपलब्ध है। इससे मरीजों को अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यह सुविधा मोबाइल पर भी आसानी से उपलब्ध होगी।

ये खबरें भी पढ़िए...

अब फोन पर नहीं मिलेगा डॉक्टर्स का अपॉइंटमेंट, बंद होगा एनएचए हेल्पलाइन नंबर

एमपी न्यूज: बिजली कटौती का नया नियम, चार घंटे से ज्यादा रही गुल तो मिलेगा मुआवजा

मध्यप्रदेश न्यूज: रिटायरमेंट से पहले होगी एमपी के कर्मचारियों के सर्विस रिकॉर्ड की जांच

प्रोबेशन खत्म होते ही 6 महीने में नौकरी पक्की, लापरवाही पर नियमित होंगे कर्मचारी

Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • एमपी न्यूज
  • मध्यप्रदेश न्यूज
  • स्वास्थ्य विभाग
  • दवाइयां
  • सरकारी अस्पताल
  • मरीज
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई