/sootr/media/media_files/2026/02/07/farmhouse-cover-2026-02-07-17-34-30.jpg)
News in short
- फार्म हाउस के नाम पर 5000 स्क्वायर फीट के प्लॉट बेचे जा रहे थे।
- RERA में रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर लग चुकी थी पेनल्टी।
- हाईकोर्ट में राहत मांगने पहुंचा था बिल्डर।
- चीफ जस्टिस ने खुद फेसबुक पेज देखकर जताई नाराजगी।
- सख्त रुख के बाद बिल्डर ने याचिका वापस ली।
News in detail
जबलपुर में फार्म हाउस के नाम पर जमीन बेचने का दावा करने वाले कृष्णा डेवलपर्स की सच्चाई हाईकोर्ट में उजागर हो गई। RERA रजिस्ट्रेशन से बचने के लिए अपनाई गई चाल कोर्ट में ज्यादा देर नहीं टिक सकी। दिलचस्प बात यह रही कि बिल्डर की पोल किसी दस्तावेज से नहीं, बल्कि उसके ही फेसबुक पेज से खुल गई।
जबलपुर के कटंगी रोड सूरतलाई में कृष्णापुरम फार्म हाउस बिक रहा है। इसके संचालक प्रवीण पटेल ने कहा कि वह केवल फार्म हाउस बेच रहे हैं, कॉलोनी नहीं बना रहे। इसी आधार पर उन्होंने RERA में प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया।
RERA की कार्रवाई और हाईकोर्ट की शरण
शिकायत मिलने के बाद RERA ने कृष्णा डेवलपर्स पर पेनल्टी लगाई। इसके बाद उन्होंने अपील लिए प्राधिकरण में अपील भी की। लेकिन वहां से भी बिल्डर को राहत नहीं मिली। प्रवीण पटेल ने इस आदेश के खिलाफ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में अपील दायर की। उन्होंने तर्क दिया कि फार्म हाउस के लिए जमीन बेचने पर RERA रजिस्ट्रेशन आवश्यक नहीं है।
/filters:format(webp)/sootr/media/media_files/2026/02/07/farmhouse-cover-2026-02-07-17-36-30.jpeg)
5000 स्क्वायर फीट पर कोर्ट का सवाल
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा कि फार्महाउस की जमीन का क्षेत्रफल कितना है। बिल्डर ने बताया कि प्रत्येक फार्म हाउस 5000 स्क्वायर फीट का है। इस पर कोर्ट ने हैरानी जताते हुए टिप्पणी की कि 5000 स्क्वायर फीट में कौन सा फार्म हाउस और कौन सी खेती होगी। यहां तो साफ तौर पर प्लॉट काटे जा रहे हैं।
ब्रोशर नहीं, फेसबुक ने खोली पोल
कोर्ट ने जब प्रोजेक्ट का ब्रोशर मांगा तो बिल्डर की ओर से कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। लेकिन थोड़ी ही देर में सच्चाई ऑनलाइन सामने आ गई। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने कृष्णा डेवलपर्स का फेसबुक पेज देखा। पेज पर प्रोजेक्ट की पूरी मार्केटिंग खुलेआम की जा रही थी।
फेसबुक पेज से कॉलोनी का खुलासा
फेसबुक पेज पर 5000 स्क्वायर फीट के प्लॉट, 30 फीट चौड़ी सड़क, गेटेड कम्युनिटी, 24 घंटे बिजली-पानी जैसी सुविधाओं का दावा किया गया था। साथ ही लिखा गया था कि 5000 स्क्वायर फीट में से 400 स्क्वायर फीट गार्डन एरिया होगा और शेष 4600 स्क्वायर फीट में मकान निर्माण की योजना थी।
हाईकोर्ट जबलपुर के चीफ जस्टिस ने कहा कि टेक्नोलॉजी के दौर में ऐसी याचिकाएं उचित नहीं हैं। सच्चाई दो मिनट में सामने आ जाती है। कोर्ट ने कहा कि यह फार्म हाउस नहीं, बल्कि प्लॉट बेचकर कॉलोनी विकसित करने का मामला है।
मध्यप्रदेश में 11 साल बाद गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को आईएएस बनने का मौका
बिना अनुमति और रजिस्ट्रेशन अवैध
डिवीजन बेंच ने कहा कि पंचायत की अनुमति, सक्षम प्राधिकरण की स्वीकृति और RERA रजिस्ट्रेशन के बिना कॉलोनी विकसित करना गैर-कानूनी है। इसे कृषि भूमि पर प्लॉटिंग का मामला माना गया।
इंदौर के फार्महाउस में डकैती, हथियारबंद बदमाशों ने किसान और कर्मचारियों को बनाया बंधक
याचिका वापस, अब लेना होगा रजिस्ट्रेशन
कोर्ट के सख्त रुख को देखते हुए बिल्डर की ओर से याचिका वापस ले ली गई। अब कृष्णापुरम फार्म हाउस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए डेवलपर प्रवीण पटेल को RERA से विधिवत रजिस्ट्रेशन लेना होगा। उसके बाद ही किसी भी तरह की बिक्री या विकास कार्य संभव हो सकेगा।
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us