महिला डॉक्टर ने 8 महीने की गर्भवती से करवाया ऐसा काम, शिकायत पर डिलीवरी के समय देखने की दी धमकी
Jitendra Shrivastava | May 28, 2024, 18:50 IST
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मध्यप्रदेश के सीहोर में महिला डॉक्टर की मनमानी सामने आई है। डॉक्टर ने आठ महीने की गर्भवती महिला से कहा कि पहले ये काम करो, फिर जांच रिपोर्ट दूंगी। जब महिला और उसके पति ने शिकायत की बात कही तो डॉक्टर ने धमकी देकर कहा, डिलीवरी के समय देख लूंगी...
मध्यप्रदेश में सीहोर के सिविल अस्पताल भैरूंदा में एक मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, आठ महीने की गर्भवती महिला से अस्पताल में पदस्थ महिला डॉक्टर का अभद्रता करने का मामला सामने आया है। महिला अपने पति के साथ सोनोग्राफी कराने अस्पताल पहुंची थी। जांच के दौरान ही डॉक्टर रुक्मणी गुलहारिया के केबिन में पानी फैल गया था, जिसे साफ करने डॉक्टर ने गर्भवती महिला को कहा। इस दौरान मौके पर मौजूद पति ने आपत्ति ली, लेकिन डॉक्टर गर्भवती से ही फर्श पर फैले पानी को साफ कराने की जिद पर अड़ी रही।
सिविल अस्पताल की महिला डॉक्टर ने कहा कि जब तक महिला फर्श साफ नहीं करती, तब तक जांच रिपोर्ट उसे नहीं दूंगी। डॉक्टर के इस अशोभनीय व्यवहार से नाराज पति ने इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन, कलेक्टर, सीएमएचओ सहित सीबीएमओ को लिखित आवेदन देकर की। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीएमओ ने संबंधित महिला डॉक्टर को शोकाज नोटिस जारी कर तीन दिनों में जवाब मांगा है।
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बीजला निवासी आठ महीने की गर्भवती स्वाती पति शुभम विश्वकर्मा के साथ सोनोग्राफी कराने सिविल अस्पताल पहुंची थी। इस दौरान डॉक्टर रुक्मणी का केबिन खाली था। लगभग 10 बजे के आसपास महिला डॉक्टर रुक्मणी गुलहारिया केबिन में पहुंची और उन्होंने जांच की। महिला अपने साथ पानी की बोतल लेकर भी गई थी। डॉक्टर को दिखाने के दौरान अन्य किसी महिला के हाथों से केबिन में फर्श पर पानी फैल गया था, जिसे तत्काल साफ करने और पोछा लगाने के लिए डॉक्टर ने गर्भवती महिला पर बार-बार दबाव बनाया। डॉक्टर का यह व्यवहार महिला के पति को समझ नहीं आया तब उसने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी शिकायत की।
महिला के पति ने मीडिया को बताया कि सिविल अस्पताल में सोनोग्राफी करने में भी महिला डॉक्टर रुक्मणी गुलहारिया भेदभाव करती हैं। उनके द्वारा सबसे पहले उन महिलाओं की सोनोग्राफी की जाती है, जो उनको घर दिखाने जाती हैं, जबकि शासकीय पर्चा होने के बावजूद भी उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। मैं प्रत्येक माह अपनी पत्नी को दिखाने शासकीय अस्पताल ही जाता हूं। महिला डॉक्टर ने गर्भवती महिला और उसके पति को इस बात की धमकी भी दी कि तुमने कक्ष की सफाई तो नहीं की, उल्टा मुझसे बहस कर रहे हो। यदि तुमने इसकी शिकायत कहीं पर की तो डिलीवरी तो तुम्हें यहीं कराना है, तब देख लूंगी। इस बात का उल्लेख भी शिकायत पत्र में कलेक्टर से किया गया है।
महिला डॉक्टर रुक्मणी गुलहारिया का यह पहला मामला नहीं है। इसके पूर्व में भी कई बार महिला मरीज अभद्रता की शिकायत कर चुकी हैं, जिनमें डॉक्टर को सिर्फ नोटिस ही जारी किया गया है। बड़ी कार्रवाई न होने से अभद्रतापूर्ण व्यवहार आए दिन मरीजों को झेलना पड़ता है। सीबीएमओ डॉ. मनीष सारस्वत ने बताया कि आवेदक स्वाती पति शुभम विश्वकर्मा का आवेदन प्राप्त हुआ हैं इसमें महिला डॉक्टर द्वारा अभद्रता करने की शिकायत की गई है। इस मामले में महिला डॉक्टर को शोकाज नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है। मामला संवेदनशील है, जांच के बाद ही कार्रवाई होगी।
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...तब तक जांच रिपोर्ट उसे नहीं दूंगी
सिविल अस्पताल की महिला डॉक्टर ने कहा कि जब तक महिला फर्श साफ नहीं करती, तब तक जांच रिपोर्ट उसे नहीं दूंगी। डॉक्टर के इस अशोभनीय व्यवहार से नाराज पति ने इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन, कलेक्टर, सीएमएचओ सहित सीबीएमओ को लिखित आवेदन देकर की। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीएमओ ने संबंधित महिला डॉक्टर को शोकाज नोटिस जारी कर तीन दिनों में जवाब मांगा है।
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ये है मामला...
बीजला निवासी आठ महीने की गर्भवती स्वाती पति शुभम विश्वकर्मा के साथ सोनोग्राफी कराने सिविल अस्पताल पहुंची थी। इस दौरान डॉक्टर रुक्मणी का केबिन खाली था। लगभग 10 बजे के आसपास महिला डॉक्टर रुक्मणी गुलहारिया केबिन में पहुंची और उन्होंने जांच की। महिला अपने साथ पानी की बोतल लेकर भी गई थी। डॉक्टर को दिखाने के दौरान अन्य किसी महिला के हाथों से केबिन में फर्श पर पानी फैल गया था, जिसे तत्काल साफ करने और पोछा लगाने के लिए डॉक्टर ने गर्भवती महिला पर बार-बार दबाव बनाया। डॉक्टर का यह व्यवहार महिला के पति को समझ नहीं आया तब उसने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी शिकायत की।
धमकी... डिलीवरी तो तुम्हें यहीं कराना है, तब देख लूंगी
महिला के पति ने मीडिया को बताया कि सिविल अस्पताल में सोनोग्राफी करने में भी महिला डॉक्टर रुक्मणी गुलहारिया भेदभाव करती हैं। उनके द्वारा सबसे पहले उन महिलाओं की सोनोग्राफी की जाती है, जो उनको घर दिखाने जाती हैं, जबकि शासकीय पर्चा होने के बावजूद भी उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। मैं प्रत्येक माह अपनी पत्नी को दिखाने शासकीय अस्पताल ही जाता हूं। महिला डॉक्टर ने गर्भवती महिला और उसके पति को इस बात की धमकी भी दी कि तुमने कक्ष की सफाई तो नहीं की, उल्टा मुझसे बहस कर रहे हो। यदि तुमने इसकी शिकायत कहीं पर की तो डिलीवरी तो तुम्हें यहीं कराना है, तब देख लूंगी। इस बात का उल्लेख भी शिकायत पत्र में कलेक्टर से किया गया है।
डॉक्टर को नोटिस दिया है, कार्रवाई करेंगे
महिला डॉक्टर रुक्मणी गुलहारिया का यह पहला मामला नहीं है। इसके पूर्व में भी कई बार महिला मरीज अभद्रता की शिकायत कर चुकी हैं, जिनमें डॉक्टर को सिर्फ नोटिस ही जारी किया गया है। बड़ी कार्रवाई न होने से अभद्रतापूर्ण व्यवहार आए दिन मरीजों को झेलना पड़ता है। सीबीएमओ डॉ. मनीष सारस्वत ने बताया कि आवेदक स्वाती पति शुभम विश्वकर्मा का आवेदन प्राप्त हुआ हैं इसमें महिला डॉक्टर द्वारा अभद्रता करने की शिकायत की गई है। इस मामले में महिला डॉक्टर को शोकाज नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है। मामला संवेदनशील है, जांच के बाद ही कार्रवाई होगी।
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