पूर्व मंत्री पारस जैन का निधन: इंदौर के अस्पताल में चल रहा था इलाज
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री पारस जैन का निधन हो गया है।
- वे भाजपा के वरिष्ठ और अनुभवी नेता माने जाते थे।
- इंदौर के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।
- वे उज्जैन उत्तर सीट से कई बार विधायक रहे।
- 3 अगस्त की दोपहर तीन बजे उनके निवास से अंतिम यात्रा निकलेगी।
राजनीति में सक्रिय जीवन
पूर्व मंत्री पारस जैन का जन्म 20 जून 1950 को उज्जैन में हुआ था। उनके पिता अनाज व्यवसायी थे। शिक्षा पूरी होने के बाद वे पारिवारिक कारोबार से भी जुड़े रहे। साथ ही उन्होंने विक्रम विश्वविद्यालय से बीकॉम की पढ़ाई पूरी की।
छात्र जीवन से ही उनकी राजनीति में गहरी रुचि रही। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से राजनीतिक शुरुआत की। इसके बाद वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ गए। सामाजिक और संगठनात्मक कामों के जरिए वे धीरे धीरे सक्रिय राजनीति में आगे बढ़े।
उज्जैन उत्तर से लंबा जुड़ाव
पूर्व मंत्री पारस जैन का उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र से गहरा नाता रहा। वे पहली बार 1990 में इस सीट से विधायक चुने गए। 1993 में कांग्रेस की लहर के बावजूद उन्होंने अपनी सीट बचाए रखी। इसके बाद वे 2003, 2008, 2013 और 2018 में भी इसी क्षेत्र से जीते।
इस तरह वे तीन दशकों से ज्यादा समय तक जनता का प्रतिनिधित्व करते रहे। हालांकि विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया। इसके बावजूद वे पार्टी और संगठन की गतिविधियों में सक्रिय बने रहे।
मंत्री पद पर रहीं कई जिम्मेदारियां
पारस जैन ने राज्य सरकार में कई अहम विभागों की कमान संभाली। वर्ष 2005 से 2013 के बीच वे राज्य मंत्री रहे। इस दौरान उनके पास वन विभाग की जिम्मेदारी रही। साथ ही उन्होंने स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग भी संभाला। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का जिम्मा भी उनके पास रहा।
दिसंबर 2013 में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिली। उन्हें स्कूल शिक्षा विभाग का कैबिनेट मंत्री बनाया गया। इसके बाद 2016 के मंत्रिमंडल विस्तार में उन्हें ऊर्जा विभाग सौंपा गया। इसके साथ ही नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी भी उन्हें दी गई।
संगठन और सामाजिक जीवन में भूमिका
पारस जैन भारतीय जनता पार्टी के मध्य भारत क्षेत्र के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने संगठन और सरकार दोनों में अहम जिम्मेदारियां निभाईं। धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में भी उनकी भागीदारी लगातार रही। उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ में वे सक्रिय रूप से जुड़े रहे। सिंहस्थ सेवा समिति के जरिए उन्होंने कई सामाजिक कार्य किए।
वर्ष 2016 के सिंहस्थ की तैयारियों में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई। अपने व्यक्तिगत जीवन में वे 1978 में अंगूरबाला जैन से विवाह के बंधन में बंधे थे। उनकी दो बेटियां हैं, स्वाति और संध्या। करीबी लोग उन्हें प्यार से पारस पहलवान भी कहते थे।
FAQ
- पूर्व मंत्री पारस जैन कौन थे?
पारस जैन मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता थे। वे उज्जैन उत्तर विधानसभा सीट से कई बार विधायक चुने गए। उन्होंने राज्य सरकार में वन, शिक्षा, ऊर्जा जैसे विभागों की जिम्मेदारी संभाली। वे 1990 से लगातार उज्जैन उत्तर की राजनीति में सक्रिय रहे। - पूर्व मंत्री पारस जैन का निधन कब और कहां हुआ?
पारस जैन का निधन इंदौर के एक अस्पताल में हुआ, जहां उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर से भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक की लहर है। दोपहर तीन बजे उनके निवास से अंतिम यात्रा निकाली जाएगी।
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