एमपी में फिल्म घूसखोर पंडत पर बढ़ा विवाद, अब मंत्री चेतन्य कश्यप ने खोला मोर्चा

कैबिनेट मंत्री चेतन्य कश्यप ने फिल्म घूसखोर पंडित के टीजर पर आपत्ति जताई है। केंद्र ने नेटफ्लिक्स से कंटेंट हटाने का आदेश दिया है। देश के कई बड़े नेताओ ने इस फिल्म की कड़ी निंदा की है।

author-image
Anjali Dwivedi
New Update
ghuskhor-pandat-film-vivaad-chetanya-kasyap

रतलाम @आमीन हुसैन

News In Short

  • मंत्री चेतन्य कश्यप ने फिल्म घूसखोर पंडित के टीजर का कड़ा विरोध किया है।

  • केंद्र सरकार ने नेटफ्लिक्स को फिल्म से जुड़ा सारा कंटेंट तुरंत हटाने का आदेश दिया है।

  • भाजपा और अन्य संगठनों ने फिल्म को समाज में नफरत फैलाने वाली कोशिश बताया है।

  • मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सामाजिक एकता की रक्षा की जा रही है।

  • भविष्य में किसी भी वर्ग की भावनाएं आहत करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

News In Detail

भोपाल. घूसखोर पंडित फिल्म को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अब यह मुद्दा राजनीतिक रंग भी पकड़ चुका है। इसी बीच, मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री चेतन्य कश्यप ने फिल्म के टीजर पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

उन्होंने साफ कहा कि समाज के किसी भी वर्ग का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भाजपा ने भी इस फिल्म के कंटेंट को भड़काऊ बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।

केंद्र के सख्त रुख का किया स्वागत

मंत्री कश्यप ने केंद्र सरकार के जरिए विवादित टीजर हटाने के आदेश का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह नफरत फैलाने वाली कोशिशों के खिलाफ एक बहुत सख्त संदेश है। कश्यप के मुताबिक, सरकार समाज को बांटने वाली किसी भी गतिविधि को स्वीकार नहीं करेगी।

कैबिनेट मंत्री चेतन्य कश्यप ने आगे क्या कहा

कश्यप ने कहा कि समाज में शांति और आपसी सद्भाव बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार हर वर्ग के सम्मान और सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिया कि भविष्य में भी ऐसी मानसिकता के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

फिल्म के टीजर के मुताबिक, मनोज बाजपेयी सीनियर इंस्पेक्टर अजय दीक्षित के रोल में हैं। इन्हें महकमे में पंडित के नाम से जाना जाता है। फिल्म में उन्हें एक भ्रष्ट अधिकारी के तौर पर दिखाया गया है, जो अपनी करतूतों की वजह से 20 साल के करियर में कई बार डिमोट हो चुका है। यही भ्रष्ट चित्रण और पंडित शब्द का जुड़ाव ही इस विवाद का मुख्य कारण बन गया है।

नेटफ्लिक्स को कंटेंट हटाने के आदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने इस मामले पर तुरंत कार्रवाई की है। केंद्र ने नेटफ्लिक्स (ओटीटी प्लेटफॉर्म) को फिल्म से जुड़ी सभी अपमानजनक सामग्री हटाने का आदेश दिया है।

कहा जा रहा है कि यह फिल्म ब्राह्मण समाज के खिलाफ दुर्भावना फैला रही थी। कई राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने भी "घूसखोर पंडित" के टाइटल का विरोध किया। BSP सुप्रीमो मायावती भी इस पर भड़क गईं और उन्होंने केंद्र से फिल्म को बैन करने की मांग की थी।

ये भी पढ़ें...मनोज बाजपेयी की फिल्म घूसखोर पंडत पर भारी विवाद, जानें वजह

सामाजिक संगठनों का विरोध

मंत्री के बयान के बाद भाजपा ने भी फिल्म की सोच पर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी का मानना है कि ऐसी फिल्में समाज को विभाजित करने का काम करती हैं। इस विवाद के बाद कई सामाजिक संगठनों ने भी अपनी तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं।

बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने क्या कहा

 बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने X पर इसकी जानकारी दी और बताया कि इस मामले में FIR भी दर्ज की गई है।

ये खबरें भी पढ़ें...

इंदौर में पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष के नाम से शादी का फर्जी निमंत्रण कार्ड, एपीके फाइल से सायबर ठगी

जया किशोरी का पहला कमर्शियल कथा कॉन्सर्ट अधर में, मिलने के लिए रखा था 14 हजार का टिकट

सिविल जज की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए MP High Court की बड़ी पहल

BSP सुप्रीमो मायावती मध्य प्रदेश ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंत्री चेतन्य कश्यप
Advertisment