Government Press : 70 हजार मिलने वाले कर्मचारी क्यों बने बाबू - चपरासी

शासकीय प्रेस लगातार घाटे में चल रही है इसके बाद भी 13 कर्मचारी ऐसे हैं, जो प्रेस में प्यून, डाकिया, बाबु या फिर चौकीदार का काम कर रहे हैं। कर्मचारी सालों से मूल काम छोड़कर बाबूगिरी में मस्त हैं। 

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Ravi Singh
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Government Press : शासकीय प्रेस लगातार घाटे में चल रही है इसके बाद भी 13 कर्मचारी ऐसे हैं, जो प्रेस में प्यून, डाकिया, बाबु या फिर चौकीदार का काम ( Work of peon, postman, babu or watchman in press ) कर रहे हैं। इन सभी कायों के लिए शासकीय प्रेस में 32 लोगों का स्टाफ है। बावजूद इसके 13 तकनीकी कर्मचारी सालों से मूल काम छोड़कर बाबूगिरी में मस्त हैं। 

काम पूरा करवाने के लिए निजी प्रेस को दिया काम

इन सभी कर्मचारियों के काम करने के कारण प्रेस में बाइंडिंग और मशीन चलाने का काम प्रभावित हो जाता है। वहीं शासकीय प्रेस के अफसर स्टाफ की कमी दिखाकर काम तेजी से पूरा करवाने के लिए निजी प्रेस को प्रिंटिंग और बाइंडिंग का काम दे देते हैं। इससे सीधे तौर पर शासन को बड़ी राजस्व हानि होती है।

साहब बन जाते हैं चौकीदार

इतना ही नहीं तकनीकी काम करने वाले इन कर्मचारियों को भारी भरकम सैलपी हर महीने मिलती है, लेकिन प्रेस में काम करने से बचने के लिए ये कर्मचारी बाबू, डाकिए, चौकीदारी चौकीदारी यहां तक की प्यून बनकर भी खुश हो जाते हैं।

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अधिकारियों से सांठगांठ

शासकीय प्रेस में काम करने वाले कर्मचारियों को फैक्ट्री एक्ट के तहत शनिवार का छुट्टी नहीं मिलती। बाबुओं का काम करने वाले कर्मचारियों को ओवरटाइम का लाभ नहीं मिलता है, लेकिन शासकीय प्रेस के इन 13 कर्मचारियों को अधिकारियों के साथ सांठगांठ करके चलने के कारण बाबुओं की ही तरह शनिवार को छुट्टी मिल रही है।

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कई चार रात को कार्यालय में रुकने पर तकनीकी कर्मचारियों की तरह ओवरटाइम भी मिल रहा है। प्रेस के ही सूत्रों का कहना है कि 2008 से उप नियंत्रक कक्ष में प्यून ब्रजमोहन सिंह रावत (मूल पद-जूनियर बाइंडर) को उपरोक्त सभी लाभ दिए जा रहे हैं, जबकि कई बार प्रेस के कर्मचारी इसका खुला विरोध कर चुके हैं।

 प्यून डाकिया, चौकीदार बने बैठे हैं मशीनमैन

  •  ब्रजमोहन सिंह रावत ( सैलरी 60 हजार रुपए ), मूल काम जूनियर बाइंडर ( ग्रेड-3) कक्ष में 24 साल से प्यून जर काम कर रहे हैं।
  • हरिशंकर वीर ( सैलरी 70 हजार रुपए ) कार्य जुनियर बाइंडर ( ग्रेड-3)  दो साल से अकाउंट शाखा में काम कर रहे हैं।
  • चंद सुरेश चौरे ( सैलरी 60 हजार रुपए ) कार्य जुनियर मशीन मैन ( ग्रेड-3 ) दो साल से लेखा कक्ष का काम कर रहे हैं। 
  • चंदर खराड़ी ( सैलरी 60 हजार रुपए ) कार्य जूनियर बाइंडर ( ग्रेड-3 )  दो साल से लेखा कक्ष में बाबू के पद पर जमे हैं।
  • भूपति शर्मा ( सैलरी 60 हजार रुपए ) कार्य जूनियर बाइंडर ( ग्रेड-3 ) अरेरा हिल्स प्रेस में ही चौकीदारी का काम कर रहे हैं। 
  • उमेश बांदिल ( सैलरी 70 हजार रुपए ) कार्य कम्पोजिटर ( ग्रेड-3 ) आवक जावक शाखा में लिपिक का काम कर रहे हैं।
  • रवि दहल ( सैलरी 70 हजार रुपए ) कार्य जुनियर मशीन मैन  ( ग्रेड-3 ) प्रेस के समय कक्ष में चौकीदारी का काम करता है।
  • रतन खरे ( सैलरी 60 हजार रुपए ) कार्य जुनियर मशीन मैन  ( ग्रेड-3 ) सहायक नियंत्रक के प्यून हैं। रतन ने भी कभी  प्रेस मशीन नहीं चलाई है। 
  • जहीर खान ( सैलरी 60 हजार रुपए ) कार्य जुनियर मशीन मैन  ( ग्रेड-3 ) दो साल से आवक जावक में बाबू का काम कर रहे हैं। 
  • गणेश भैंसारे ( सैलरी 70 हजार रुपए ) कार्य सीनियर मशीन मैन ( ग्रेड-3 )  प्रेस में डाकिए का काम कर रहे हैं। 
  •  केशव पर्ते ( सैलरी 60 हजार रुपए ) कार्य सीनियर मशीन मैन ( ग्रेड-3 )  दो साल से पत्र कक्ष में काम कर रहे हैं। 
  •  रामचरण वर्मा ( सैलरी 60 हजार रुपए ) कार्य जूनियर मशीन मैन  ( ग्रेड-3 ) बदं पड़ी रीवा शासकीय प्रेस में चौकीदारी कर रहे हैं।
  • राजे खां ( सैलरी 60 हजार रुपए ) कार्य सहायक मशीन मैन  ( ग्रेड-3) बंद हो चुकी ग्वालियर शासकीय प्रेस परिसर में चौकीदारी का काम कर रहे हैं।

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