किताबों को लेकर प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन का एक्शन, 2 प्रिंसिपल पर FIR

Vikram Jain | Mar 27, 2025, 18:46 IST
ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने पुस्तक मेले का निरीक्षण किया।
ग्वालियर में प्रशासन ने निजी स्कूलों की मनमानी पर कड़ी कार्रवाई की है। स्कूलों ने जानबूझकर पुस्तक मेले में निजी प्रकाशकों की किताबें उपलब्ध नहीं कराईं, अब मामले में शिक्षा विभाग ने दो स्कूलों के प्राचार्यों पर एफआईआर दर्ज कराई है।

मध्य प्रदेश में मनमानी करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई जारी है। ग्वालियर में जिला प्रशासन की ओर से आयोजित पुस्तक मेला में दो स्कूल प्रबंधनों को मनमानी करना भारी पड़ गया है। प्रशासन ने मनमानी करने पर दो निजी स्कूलों के प्रिंसिपल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इन स्कूलों ने जानबूझकर निजी प्रकाशकों की किताबें उपलब्ध नहीं कराईं, और जब इस बारे में नोटिस जारी किया गया, तो उनका जवाब संतोषजनक नहीं था। इसके अलावा, कलेक्टर ने पुस्तक मेले का निरीक्षण करते हुए विक्रेताओं को चेतावनी दी कि वे समय पर दुकानें खोलें, अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।



दो स्कूलों के प्रिंसिपल पर एफआईआर

ग्वालियर में प्रशासन ने निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। निजी प्रकाशकों की किताबें जानबूझकर उपलब्ध नहीं कराने और मनमानी करने के मामले में महाराजपुरा थाना क्षेत्र के एमिटी इंटरनेशनल स्कूल और थाटीपुर थाना क्षेत्र के अमर पब्लिक स्कूल थाटीपुर के प्राचार्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।



आरोप है कि इन स्कूलों ने जानबूझकर निजी प्रकाशकों की किताबें उपलब्ध नहीं कराईं और जब इस बारे में नोटिस जारी किया गया, तो स्कूल प्रबंधन ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। शिक्षा विभाग ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करवाई और बताया कि इन स्कूलों द्वारा किसी भी निजी प्रकाशक की किताबों की सूची नहीं दी गई थी। कलेक्टर ने दो दिन पहले ही स्कूल संचालकों को फटकार लगाते हुए नोटिस जारी किए थे।



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जबलपुर की तर्ज पर ग्वालियर में पुस्तक मेला

ग्वालियर में आयोजित पुस्तक मेला जबलपुर की तर्ज पर लगाया गया है, जिसमें पिछले साल से अभिभावकों को किताबों और स्टेशनरी पर डिस्काउंट मिलने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। कलेक्टर रुचिका चौहान ने इस पुस्तक मेले का निरीक्षण किया और विक्रेताओं को चेतावनी दी कि वे समय पर दुकानें खोलें। यदि वे समय पर दुकानें नहीं खोलते तो यह माना जाएगा कि वे अधिक कीमत पर सामान बेचने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



कलेक्टर ने किया पुस्तक मेले का निरीक्षण

दरअसल, कुछ दुकानों के देरी से दुकानें खोले जाने की शिकायत के बाद कलेक्टर कलेक्टर रुचिका चौहान पुस्तक मेले में पहुंचीं और दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरार कलेक्टर ने देरी से खुली दुकानों पर पहुंचकर दुकानदारों को चेतावनी दी कि आगे से ऐसा नहीं होना चाहिए, नहीं उनके खिलाफ एक्शन लिया है। शहर में जहां पर भी दुकान चल रही हैं, वहां पर छापा मारा जाएगा। साथ ही दुकान पर डिस्काउंट लिस्ट लगाने के निर्देश दिए गए हैं।



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निजी स्कूलों की मनमानी पर होगी कार्रवाई

ग्वालियर जिला शिक्षा अधिकारी अजय कटियार ने बतााया कि किताबें उपलब्ध कराने को लेकर जिन स्कूलों को नोटिस दिए थे उनके जवाब आ गए हैं। यह भी बताया कि जिन स्कूलों ने कक्षा एक से 12वीं तक केवल एनसीईआरटी की किताबें चलाने का वादा किया है, उनका जवाब अब जांच के तहत है। जिनके जवाब संतोषजनक नहीं होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि अगले साल के पुस्तक मेले में अभिभावकों को और भी अधिक लाभ मिल सकता है।



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जबलपुर में पुस्तक मेले का पैटर्न

बता दें कि जबलपुर में प्रशासन की पहल पर पिछले साल से पुस्तक मेले लगाया जा रहा है। जबलपुर पुस्तक मेले में छात्रों और पैरेंट्स के लिए किताबें और स्टेशनरी पिछले साल की तुलना में आधे रेट में उपलब्ध हैं। जबलपुर शिक्षा विभाग के अनुसार पिछले साल जब पुस्तक मेला आयोजित किया गया था, तब पैरेंट्स को इससे फायदा हुआ था। मेले के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि स्कूल संचालक महंगी निजी प्रकाशकों की किताबें उपयोग में लाते थे। मेले के बाद ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिसके परिणामस्वरूप सभी स्कूलों ने कक्षा एक से 12वीं तक केवल एनसीईआरटी की किताबें अपनाई हैं। चूंकि एनसीईआरटी की किताबें पहले से ही सस्ती होती हैं, इसलिए अब केवल एक या दो किताबें ही निजी प्रकाशकों की चलती हैं। इस कारण से किताबों का बजट कम हो गया है।



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5 मुख्य बिंदुओं से समझें पूरा मामला

✅ ग्वालियर में प्रशासन ने निजी स्कूलों की मनमानी पर कार्रवाई की, दो स्कूलों पर एफआईआर दर्ज की।



✅ स्कूलों पर आरोप था कि उन्होंने जानबूझकर निजी प्रकाशकों की किताबें उपलब्ध नहीं कराईं।



✅ कलेक्टर ने पुस्तक मेले का निरीक्षण किया और विक्रेताओं को चेतावनी दी कि वे समय पर दुकानें खोलें।



✅ ग्वालियर में पुस्तक मेला जबलपुर की तर्ज पर आयोजित किया गया है, जिससे अभिभावकों को किताबों पर डिस्काउंट मिल रहा है।



✅ शिक्षा विभाग ने स्कूलों के जवाब की जांच की, जिनकी रिपोर्ट संतोषजनक नहीं होगी, उन पर कार्रवाई की जाएगी।



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